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धार्मिक सजा के बाद मलूका फिर तलब, 24 को बुलाया गया
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:01 AM IST
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अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
- फोटो : File Photo
कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को भले ही श्री अकाल तख्त साहिब से पांच दिन की धार्मिक सजा देते हुए तनखाहिया घोषित करने के 24 घंटे बाद ही सरबत खालसा ने मलूका को 24 जनवरी को तलब किया है।
10 नवंबर 2015 को करीब 50 हजार सिखों के बीच बने सरबत खालसा (गर्म ख्याली दल) ने तीन जत्थेदार घोषित किए थे। इनमें ध्यान सिंह मंड, अमरीक सिंह अजनाला व बलजीत सिंह दादूवाल शामिल थे। मलूका पर रामपुरा फूल में कार्यालय के शुभारंभ के दौरान अरदास को तोड़ मरोड़ करने का आरोप लगा था। इसके बाद सरबत खालसा के तीनों जत्थेदार सोमवार को मलूका के मामले में अपना फैसला देने पहुंचे थे।
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10 नवंबर 2015 को करीब 50 हजार सिखों के बीच बने सरबत खालसा (गर्म ख्याली दल) ने तीन जत्थेदार घोषित किए थे। इनमें ध्यान सिंह मंड, अमरीक सिंह अजनाला व बलजीत सिंह दादूवाल शामिल थे। मलूका पर रामपुरा फूल में कार्यालय के शुभारंभ के दौरान अरदास को तोड़ मरोड़ करने का आरोप लगा था। इसके बाद सरबत खालसा के तीनों जत्थेदार सोमवार को मलूका के मामले में अपना फैसला देने पहुंचे थे।
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24 घंटे बाद ही लिया गया फैसला, 24 को बुलाया गया
मंत्री सिंकदर सिंह मलूका
- फोटो : File Photo
हालांकि मलूका ने रविवार को ही श्री अकाल तख्त साहिब पर क्षमा मांगी और उन्हें जत्थेदार गुरबचन सिंह ने पांच दिन की धार्मिक सजा सुनाते हुए आर्थिक दंड के तौर पर शुकराना करने के आदेश जारी किए थे।
उधर, सरबत खालसा ने मलूका के मामले को एक बार फिर से उछाल दिया है। सरबत खालसा का कहना है कि मलूका ने सिख कौम की आस्था को ठेस पहुंचाई है वह दोबारा 24 जनवरी को सरबत खालसा के समक्ष पेश हों।
उधर, सरबत खालसा ने मलूका के मामले को एक बार फिर से उछाल दिया है। सरबत खालसा का कहना है कि मलूका ने सिख कौम की आस्था को ठेस पहुंचाई है वह दोबारा 24 जनवरी को सरबत खालसा के समक्ष पेश हों।