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देशद्रोह का केस दर्ज होने पर भी मलिक की गिरफ्तारी नहीं, ये बोले मंत्री?
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
Updated Tue, 21 Jun 2016 02:46 PM IST
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जाट नेता यश्ापाल मलिक
- फोटो : file photo
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जाट नेता यशपाल मलिक पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शनिवार को मलिक से बातचीत कर धरने खत्म करवाने वाले परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मलिक की गिरफ्तारी को लेकर सरकार का बचाव किया है।
मंत्री पंवार का कहना है कि किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से वह दोषी नहीं होता है। उसमें पुलिस जांच करके सबूत जुटाती है और उसके बाद ही साफ होता है कि मुकदमा बनता है या नहीं। अगर देशद्रोह के सबूत मिलते है तो उसके बाद ही मलिक की गिरफ्तारी संभव है।
पंवार रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रोहतक आये थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक के खिलाफ दर्ज मुकदमे की पुलिस जांच कर रही है और उसके बाद ही तय होगा कि मुकदमा सही है या गलत। इस तरह मंत्री पूरी तरह से मलिक के पक्ष व सरकार पर उठ रहे सवालों को लेकर बचाव में दिखे।
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उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक से काफी देर तक बातचीत हुई थी, जिसके बाद सभी जगह के धरने खत्म हो गए हैं। सरकार को 31 अगस्त तक का समय मिल गया है और जाटों की मांगों को पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है। उनके अनुसार कोर्ट में आरक्षण बहाली के लिए सरकार हर तरह से पक्ष रख रही है और जाटों को समझना चाहिए कि सरकार उनके साथ है।
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मंत्री पंवार का कहना है कि किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से वह दोषी नहीं होता है। उसमें पुलिस जांच करके सबूत जुटाती है और उसके बाद ही साफ होता है कि मुकदमा बनता है या नहीं। अगर देशद्रोह के सबूत मिलते है तो उसके बाद ही मलिक की गिरफ्तारी संभव है।
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पंवार रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रोहतक आये थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक के खिलाफ दर्ज मुकदमे की पुलिस जांच कर रही है और उसके बाद ही तय होगा कि मुकदमा सही है या गलत। इस तरह मंत्री पूरी तरह से मलिक के पक्ष व सरकार पर उठ रहे सवालों को लेकर बचाव में दिखे।
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उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक से काफी देर तक बातचीत हुई थी, जिसके बाद सभी जगह के धरने खत्म हो गए हैं। सरकार को 31 अगस्त तक का समय मिल गया है और जाटों की मांगों को पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है। उनके अनुसार कोर्ट में आरक्षण बहाली के लिए सरकार हर तरह से पक्ष रख रही है और जाटों को समझना चाहिए कि सरकार उनके साथ है।
दबाव बनाने के लिए किया केस दर्ज: मलिक
हरियाणा जाट नेता यशपाल मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
जींद। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह के मामले में नामजद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने रविवार को पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाए। मलिक के रेस्ट हाउस पहुंचने की सूचना पर शहर थाना पुलिस भी पहुंच गई और उनके बयान लिए।
शहर थाना प्रभारी रामकुमार के समक्ष लिखित बयान में मलिक ने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, उसमें भड़काने जैसी कोई बात नहीं थी। कार्यक्रम में लगभग 150 के करीब लोग शामिल थे और सात-आठ वक्ताओं ने विचार रखे थे।
उन्होंने कहा महज दबाव बनाने के लिए उन पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। मलिक ने पुलिस को भरोसा दिया कि वह मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। गौरतलब है कि 25 मई को जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई थी। पुलिस के ही एक कर्मचारी ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बैठक में मलिक व अन्य लोगों ने भड़काऊ भाषण दिया। पुलिस ने इस मामले में यशपाल मलिक सहित 126 लोगों के खिलाफ द्रेशद्रोह का मामला दर्ज किया था।
शहर थाना प्रभारी रामकुमार के समक्ष लिखित बयान में मलिक ने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, उसमें भड़काने जैसी कोई बात नहीं थी। कार्यक्रम में लगभग 150 के करीब लोग शामिल थे और सात-आठ वक्ताओं ने विचार रखे थे।
उन्होंने कहा महज दबाव बनाने के लिए उन पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। मलिक ने पुलिस को भरोसा दिया कि वह मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। गौरतलब है कि 25 मई को जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई थी। पुलिस के ही एक कर्मचारी ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बैठक में मलिक व अन्य लोगों ने भड़काऊ भाषण दिया। पुलिस ने इस मामले में यशपाल मलिक सहित 126 लोगों के खिलाफ द्रेशद्रोह का मामला दर्ज किया था।