{"_id":"e8b3bba9bdf4a6d320f69faa678b9648","slug":"cabinet-minister-birender-singh-statement-on-jat-reservation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"'जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो BJP को होगी मुश्किल'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो BJP को होगी मुश्किल'
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचायत चुनाव होते ही जाट आरक्षण का मामला फिर उठ गया है। आरक्षण को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने जाट आरक्षण की पैरवी करते हुए इसे भाजपा के लिए मुसीबत बताया है। उन्होंने माना कि आरक्षण रद्द होने के कारण जाट भाजपा से नाराज हैं और आरक्षण नहीं दिया गया तो सत्ताधारी पार्टी परेशानी में पड़ जाएगी।
विज्ञापन
भाजपा नेता डूमरखां सवाल खड़ा करते हैं कि जब गुर्जर और यादव को आरक्षण मिल सकता है तो जाटों को क्यों नहीं? उन्होंने साफ कहा कि वे जाट आरक्षण के पक्षधर हैं और केंद्र में मजबूत पैरवी कर आरक्षण दिलाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो पार्टी में यह फीडबैक भी दिया जा रहा है कि अगर आरक्षण बहाल कर दिया जाए तो आगामी चुनाव में भाजपा को फायदा हो सकता है।
विज्ञापन
यूपी विधानसभा चुनाव में भी इसका फायदा मिल सकता है। आरक्षण की मांग पर प्रदेशभर में जाट 10, 12, 14 और 15 फरवरी को प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन भाजपा के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। एमडीयू में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे बीरेंद्र सिंह ने खास बातचीत में कहा कि जाटों की हालत भी यादव और गुर्जरों से अच्छी नहीं है। जाटों की हालत उनसे दयनीय है।
विज्ञापन
यह भी किसी को दिखाई नहीं देता है तो यादव, गुर्जर और जाटों की मौजूदा स्थिति की तुलना करने के लिए सर्वे करा लेना चाहिए। अगर जाटों की हालत उनसे अच्छी नहीं मिलती है तो उनको तुरंत आरक्षण मिल जाना चाहिए। आरक्षण की मांग को लेकर पहले जाट केवल अकेले थे। लेकिन अब आंदोलन में कुनबा बढ़ गया है।
अब जाटों के साथ ही जट सिख, त्यागी, बिश्नोई, रोड बिरादरी के मुखिया भी जुड़ गए है। इन सभी ने 12 फरवरी को मय्यड़ में रैली की घोषणा की है। इस तरह पांच बिरादरियों के एक साथ आने से सरकार की परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।