हरियाणा में बीयर हुई सस्ती, गुरुग्राम-फरीदाबाद और पंचकूला में रात एक बजे तक खुलेंगे पब
- अब 900 रुपये से कम थोक रेट पर नहीं बिकेगी आईएमएफएल शराब की पेटी।
- शराब कारखानों के लिए देसी दारू का कोटा कम, अगले साल बिल्कुल होगा खत्म।
- गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला में रात को एक बजे तक खुले रहेंगे पब।
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हरियाणा में अब पांच रुपये तक बीयर सस्ती मिलेगी। मौजूदा ब्रांड के साथ-साथ अब सुपर माइलड बीयर की बिक्री भी ठेकों पर होगी। इस बीयर में एल्कोहल की मात्रा अपेक्षाकृत कम रहेगी। इसके साथ ही अब देसी और अंग्रेजी शराब भी तीन रुपये तक महंगी मिलेगी। जबकि घटिया शराब की बिक्री पर सरकार ने पूरी तरह से बैन लगाने की तैयारी कर ली है।
सोमवार को हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता वाली मंत्रीमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति 2020-21 को स्वीकृति दे दी है। ये पॉलिसी 1 अप्रैल से लागू होगी। इसके अंतर्गत सरकार ने ये निर्णय लिया है कि प्रदेश में अब घटिया शराब की बिक्री पूरी तरह बैन रहेगी। यानी कोई भी शराब कारखाना 900 रुपये से कम थोक रेट पर आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरन लिकर) शराब की पेटी (12 बोतल वाली) नहीं बेच पाएगा। पहले यही अंग्रेजी शराब सस्ते में बिकती थी, जिसकी क्वालिटी को लेकर कई बार शिकायतें रहती थी।
इसी तरह अब शराब कारखानों में देसी शराब का कोटा भी 40 फीसद से घटाकर 20 फीसद तक कर दिया गया है। यानी शराब कारखाने जो देसी शराब बनाते थे। प्रदेश का एक्साइज विभाग उसका 40 फीसद कोटा ठेकों पर जरूर बिकवाता था। मगर अब ये कोटा 20 फीसद कर दिया गया है और अगले साल इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। यानी अब शराब कारखानों को अपनी देसी शराब अपनी क्वालिटी के दम पर ही बिकवानी पड़ेगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला में रात एक बजे तक खुले रहेंगे पब
नई एक्साइज पॉलिसी के अंतर्गत तीन जिलों गुुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला में पब व बार रात्रि एक बजे तक खुले रहेंगे। इनके साथ लगते इलाकों दिल्ली और चंडीगढ़ में देर रात तक खुलने वाले पब व बार में स्थानीय लोगों के बढ़ते क्रेज के चलते ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही तीनों जिलों के पब व बार यदि रात्रि 1 बजे से ज्यादा देर तक या पूरी रात पब खोलकर रखना चाहते हैं तो उनके लिए 1 घंटा 10 लाख रुपये का पड़ेगा।
10 लाख परमिट फीस, मॉल में खोल सकेंगे वाइन शॉप
एक्साइज पॉलिसी के अंतर्गत ये निर्णय ये लिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी मॉल में वाइन शॉप खोलना चाहता है तो उसकी परमिट फीसद 10 लाख होगी। बशर्ते इस वाइन शॉप में केवल विदेशी महंगी शराब ही बिकेगी। साल में इस तरह के परमिट केवल 30 ही जारी किए जाएंगे।
एक-एक बूंद पर रहेगी नजर, कंट्रोल हेडक्वार्टर में
नई एक्साइज पॉलिसी के अंतर्गत शराब कारखानों में बनने वाली शराब की एक-एक बूंद पर अब सरकार की नजर रहेगी। शराब की क्वालिटी कैसी है, उसमें एल्कोहल की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुसार हैया नहीं, इसकी जांच के लिए ‘फ्लो मीटर’ लगाए जाएंगे। दूसरा, शराब कारखानों से शराब की अवैध तस्करी तो नहीं हो रही, उसके लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम भी लागू होगा।
तमाम कारखाने सीसीटीवी की जद में होंगे, जिसका कंट्रोल हरियाणा एक्साइज विभाग के मुख्यालय में रहेगा। इसके साथ ही शराब ठेकों पर पीओएस मशीने लगेंगी। शराब व बीयर का बिल देना अनिवार्य होगा। बिल न देने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी रहेगा। जोकि पहले 500 रुपये था।
अप्रूव्ड प्लास्टिक बॉटल ही इस्तेमाल होगी
बाटलिंग प्लांटों में शराब पैकिंग के दौरान जो प्लास्टिक बोतल इस्तेमाल की जा रही थी, उनमें भी घटिया क्वालिटी के प्लास्टिक इस्तेमाल किए जाने संबंधी कई शिकायतें एक्साइज विभाग के पास पहुंच रही थी। लिहाजा सरकार ने अब फैसला लिया है कि बाटलिंग प्लांट में बनने वाली प्लास्टिक की बोटल को एफएसएसएआई (फूड सिक्योरिटी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया ) से अप्रूव करवाना होगा।
बड़े शराब ठेकेदारों के पर कतरे
हरियाणा सरकार ने शराब कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के इरादे से बड़े शराब ठेकेदारों के पर कतरने का भी फैसला लिया है। सरकार ने अब 6 ठेकों का जोन घटाकर 2 ठेकों का जोन निर्धारित कर दिया है। यानी शराब का ठेकेदार अब केवल 2 ही ठेकों को ले सकेगा। पहले एक-एक ठेकेदार 6-6 शराब के ठेके लेते थे। इससे नए शराब कारोबारी भी मैदान में आएंगे।
ठेकों की संख्या 100 और बढ़ाई
इस वर्ष शराब के ठेकों की संख्या 2500 से बढ़ाकर 2600 की जाएगी और शहरों में उप-ठेके खोलने का प्रावधान समाप्त कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की आबादी से बाहर ठेके खोलने की अनुमति होगी। अब तक 872 पंचायतों से शराब के ठेके गांव से बाहर खोलने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर आबकारी आयुक्त आवश्यक सुनवाई के बाद अपने स्तर पर निणर्य लेंगे। समारोहों एवं पार्टियों में शराब परोसने के लिए एक दिन के अस्थाई लाइसेंस के लिए फार्म एल-12ए को ऑनलाइन किया जाएगा। आईएमएफएल के कोटे को 650 लाख प्रूफ लीटर से घटाकर 550 लाख प्रूफ लीटर किया गया है, जबकि देसी शराब का कोटा 1050 लाख प्रूफ लीटर ही रहेगा।
फाइव स्टार होटलों में एल-4 व एल-5 की लाइसेंस फीस 45 लाख रुपये से घटाकर 25 लाख रुपये वार्षिक की गई है। इसी तरह, फोर स्टार होटलों में बार की लाइसेंस फीस 38 लाख रुपये से घटाकर 22.5 लाख रुपये वार्षिक की गई है। थ्री स्टार होटलों में बार की लाइसेंस फीस गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर, प्रदेश में 20 लाख रुपये से घटाकर 15 लाख रुपये की गई है। गुरुग्राम में यह फीस 20 लाख रुपये जबकि फरीदाबाद में 17 लाख रुपये होगी। रेस्तरां (नॉन स्टार रेटिड) में बार की लाइसेंस फीस गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर, 12 लाख रुपये से घटाकर 10 लाख रुपये की गई है।
प्रशांत चौहान चिकित्सा आधार पर लिपिक पद पर समायोजित
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में चालक प्रशांत चौहान को चिकित्सा आधार पर ड्राइवर कैडर से लिपिक पद पर समायोजित करने को मंजूरी दे दी गई। प्रशांत चौहान स्नातक हैं और लिपिक के पद के लिए आवश्यक सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।
इस मामले में एसईटीसी भाग-1 और भाग-2, जो लिपिक के पद के लिए अनिवार्य हैं, को पास करने की शर्त से छूट दी गई है। मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, प्रशांत चौहान वर्ष 2016 से स्लिप डिस्क से पीड़ित हैं और लंबे समय तक सरकारी वाहन नहीं चला सकते। उसे यात्रा, ड्राइविंग, लंबे समय तक बैठने और खड़े रहकर डयूटी से बचने की सलाह दी गई है।
निजी भूमि से बदली जाएगी शामलात भूमि
मंत्रिमंडल बैठक में ग्राम पंचायत बदनपुरी, जिला यमुनानगर की 2 कनाल 7 मरला शामलात भूमि को गांव बदनपुरी निवासी होशियार सिंह की 2 कनाल 7 मरला भूमि के साथ बदलने को मंजूरी दी गई है। जिला परिषद गुरुग्राम की खसरा संख्या 246 में स्थित 2 कनाल भूमि को बिलीवर्स चर्च इंडिया की गांव बादशाहपुर, गुरुग्राम की खसरा संख्या 165 में स्थित 3 कनाल 6 मरला भूमि के साथ बदला जाएगा।