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Chandigarh News: कैब चालक हड़ताल पर<bha>;</bha> यात्रियों ने मुसीबत झेली, महंगा किराया चुकाया

Fri, 11 Aug 2023 02:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Aug 2023 02:25 AM IST
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cab drivers on strike; Passengers faced trouble, paid expensive fare
चंडीगढ़। जीरकपुर निवासी कैब चालक धर्मपाल की हत्या के विरोध व अन्य मांगों को लेकर कैब व ऑटो चालक वीरवार से हड़ताल पर चले गए। दावा था कि शहर में कोई कैब नहीं चलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ कैब चालक गाड़ी चलाते हुए नजर आए लेकिन अधिकतर गाड़ियां बंद रहीं। इसकी वजह से लोगों को काफी इंतजार के बाद महंगे दाम पर कैब सेवा मिल रही थी। कैब चालकों की हड़ताल अभी जारी रहेगी, ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।कैब चालक सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि शुक्रवार को भी हड़ताल रहेगी। इस दौरान कैब व ऑटो की सेवा यात्रियों को नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि वह लगातार सभी चालकों से आग्रह कर रहे हैं कि वह लोग गाड़ी न चलाएं और हड़ताल में शामिल हों। हालांकि आग्रह का पूरा असर होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि हड़ताल के पहले दिन ही ओला-उबर समेत अन्य मोबाइल ऐप पर गाड़ियां नजर आ रहीं थीं और वह सवारियां भी ढोती हुई नजर आईं।
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कई कैब चालक सवारियों को पिछली सीट के बजाय आगे की सीट पर बैठने को कह रहे थे ताकि उनकी गाड़ी को कैब चालक यूनियन की तरफ से न रोका जाए। कम गाड़ियां मौजूद होने की वजह से लोगों को कैब करने में काफी समस्या भी हुई। काफी देर इंतजार करने के बाद कैब मिल रही थी, जो कैब मौजूद थीं, वह भी ज्यादा पैसे ले रहीं थीं। वीरवार को जीरकपुर से पीजीआई तक के लिए 475 रुपये तक खर्च करने पड़े, जबकि सामान्य दिनों में 250 से 300 रुपये में कैब मिल जाती है।
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ये हैं हड़तालियों की मांगें
चालकों का कहना है कि कैब सेवा देने वाली कंपनियां चालकों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहीं हैं। कंपनियों द्वारा टैक्स, कमीशन, किराया और सुरक्षा को लेकर उन्हें खुलेआम शर्मिंदा किया जा रहा है, जिसके कारण कई वाहन चालक कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। उन्होंने कई बार चंडीगढ़ प्रशासन से अनुरोध किया, लेकिन प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। प्रशासन की उदासीनता और कंपनियों के खराब व्यवहार के खिलाफ वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कहा कि ट्राइसिटी की सड़कों पर कंपनियां बिना पुलिस जांच के ड्राइवरों के साथ प्राइवेट नंबर गाड़ियां चलवा रही हैं, जिसकी शिकायत समय-समय पर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से की गई है, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण अपराधी किस्म के लोग कैब चला रहे हैं।
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