फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   By Election in Patiala today, Giants reputation at stake

3 बजे तक पटियाला में 50%, तलवंडी साबो में 60% मतदान

Thu, 21 Aug 2014 03:45 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 21 Aug 2014 03:45 PM IST
विज्ञापन
By Election in Patiala today, Giants reputation at stake

पटियाला और तलवंडी साबो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए मतदान जारी है।

विज्ञापन

चुनाव आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक बाद दोपहर 3 बजे तक तलवंडी साबो सीट पर मतदान 60 फीसदी के पार हो चुका है, जबकि पटियाला में भी 50% के करीब हो चुका है। इससे पहले दोपहर एक बजे तक पटियाला सीट पर अभी तक 27 फीसदी और तलवंडी साबो सीट पर 35% मतदान हो चुका था।

मुख्य मुकाबला शिअद, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिखाई पड़ रहा है। वीरवार को मतदान के साथ ही उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो जाएगा।
विज्ञापन


पिटारा 25 अगस्त को खुलेगा। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के अमृतसर से सांसद बनने और जीत महिंदर सिंह सिद्धू के कांग्रेस छोड़कर विधायक पद से इस्तीफा देकर शिअद में शामिल होने की वजह से ही पटियाला व तलवंडी साबो सीटें खाली हुई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भले ही इस उप चुनाव के नतीजों का पंजाब विधानसभा में संख्या-बल या अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार की सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मतदाताओं के मौजूदा रुख की एक झलक इससे जरूर मिल जाएगी।

मुकाबले में शिअद, कांग्रेस और ‘आप’

By Election in Patiala today, Giants reputation at stake

पटियाला में कांग्रेस की तरफ से कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर, शिअद के भगवान दास जुनेजा, आप के हरजीत सिंह अदालतीवाल व अन्य मैदान में हैं। तलवंडी साबो से शिअद के जीत महिंदर सिंह सिद्धू, कांग्रेस के हरमिंदर सिंह जस्सी, आप की बलजिंदर कौर सहित निर्दलीय बलकार सिद्धू भी मैदान में हैं।

कैप्टन अमरिंदर का गढ़ मानी जाती पटियाला विधानसभा सीट उनकी पत्नी परनीत कौर के कांग्रेस प्रत्याशी होने की वजह से उनके लिए यहां प्रतिष्ठा की जंग है, तो जीत महिंदर सिद्धू के कारण तलवंडी साबो बादल परिवार के लिए नाक का सवाल है। सिद्धू 2012 में कांग्रेस की टिकट पर तलवंडी साबो से विधायक बने थे।

बाद में शिअद अध्यक्ष व पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में छह मार्च, 2014 को विधायक पद छोड़कर दल में शामिल हो गए। ऐसे में इस सीट का नतीजा सुखबीर सहित पूरे बादल परिवार के लिए अहम रहेगा। बात ‘आप’ की करें तो लोकसभा चुनाव में पटियाला सीट जीतकर पार्टी ने सभी को अचंभित कर दिया था। इस बार भी पार्टी की कोशिश है कि उस करिश्मे को दोहराया जाए। जहां तक तलवंडी साबो का सवाल है, वहां ‘आप’ ने कुछ कारणों से अपना प्रत्याशी बदला।

पहले इस सीट पर बलकार सिद्धू को टिकट दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जगह बलजिंदर कौर को उम्मीदवार बनाया गया। अब बलकार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। निगाहें इसी बात पर लगी हुई हैं कि ‘आप’ का उम्मीदवार बदलना चुनावी नतीजे को कितना प्रभावित करता है।

2012 से अब तक काफी बदलाव

By Election in Patiala today, Giants reputation at stake

पटियाला व तलवंडी साबो सीटों पर 2012 के विधानसभा चुनाव से लेकर इस उप चुनाव तक स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। इस दौरान लोकसभा चुनाव भी हो चुका है। मतदाता के बदलते रुख की एक तस्वीर आम चुनाव के वक्त भी देखने को मिली थी। बात पटियाला विधानसभा की करें, तो 2002 से यह सीट लगातार कैप्टन अमरिंदर सिंह की झोली में जाती रही है।

2012 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन यहां से 42318 मतों के बड़े अंतर से जीते थे, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर परनीत कौर को केवल 7564 मतों की ही लीड मिल पाई। इससे भी बढ़कर वह आम आदमी पार्टी प्रत्याशी डॉ. धर्मवीर गांधी से हार गई थीं। अब ‘आप’ फिर से मैदान में है और अकाली-भाजपा गठबंधन का पूरा जोर भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में लगा है।

वहीं, बदले सियासी हालात में तलवंडी साबो सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प दिखाई पड़ रहा है। 2012 के चुनाव में जीत महिंदर सिद्धू ने कांग्रेसी उम्मीदवार के रूप में 8224 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी और उन्हें कुल 53730 मत मिले थे। फिर सिद्धू कांग्रेस छोड़ शिअद में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री और बठिंडा से शिअद सांसद हरसिमरत कौर बादल को इस सीट पर कांग्रेस के मनप्रीत सिंह बादल के मुकाबले 11254 वोट की लीड मिली।

हरसिमरत को 47305, मनप्रीत को 36051 तो ‘आप’ प्रत्याशी जसराज सिंह लौंगिया को 15557 वोट हासिल हुए थे। इन हालात में यह सीट बादल परिवार का मजबूत किला बन चुकी प्रतीत हो रही है, लेकिन कांग्रेस ने यहां से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के नजदीकी रिश्तेदार हरमिंदर सिंह जस्सी को मैदान में उतार कर सियासी खेल खेला है, क्योंकि इस क्षेत्र में डेरा श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक है।

‘आप’ प्रत्याशी बलजिंदर कौर के पक्ष में पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल और सांसद भगवंत मान ताबड़तोड़ प्रचार कर चुके हैं। देखते हैं, ऊंट किस करवट बैठता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed