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जानिए, धनतेरस पर किस समय खरीदें बर्तन?
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 31 Oct 2013 06:28 PM IST
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01 नवंबर को धरतेरस का पर्व है। इस दिन पीलत, तांबा, सोना और चांदी का बर्तन खरीदना शुभ होता है। इस दिन बर्तन खरीदने से समृद्धि आती है।
सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र और सुशील कौशल के अनुसार धनतेरस के दिन धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
इसलिए बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन के देवता कुबेर और मृत्यु के देवता यम की भी पूजा होती है। धनतेरस को सुबह 10:30 बजे से बारह बजे तक राहु काल है। राहु काल में बर्तन खरीदना निषेध है।
लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सिर्फ 15 मिनट
दिवाली के दिन वृष लग्न (स्थिर लग्न) शाम को 6:10 मिनट से शुरू होकर रात 8:04 मिनट तक रहेगा। शाम को 5:35 बजे से 7:14 मिनट तक शुभ की चौघड़िया होने के कारण यह बहुत शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न, शुभ की चौघड़िया और प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
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शाम को 6:10 मिनट से 6:25 मिनट यानि 15 मिनट का सबसे शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न शाम 7:14 मिनट से 8:04 मिनट तक स्थिर और अमृत की चौघड़िया होने के कारण यह भी शुभ मुहूर्त है।
रात 8:04 से मिथुन लग्न एवं 8:54 मिनट तक अमृत की चौघड़िया है। यह मध्यम मुहूर्त है। 8:54 मिनट से 10:33 मिनट तक चर की चौघड़िया रहेगी। यह मध्यम मुहूर्त है।
शुभ मुहूर्त में श्री महालक्ष्मी की पूजन, कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन, मंदिर और घर में दीप प्रज्वलन करना होगा।
ऐसे करें पूजा
शिव शक्ति मंदिर सेक्टर-30 के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार सबसे पहले केसर, या हल्दी के अष्टदल कमल बनाकर गणेश लक्ष्मी को स्थापित करने के बाद पूजा प्रारंभ करें।
शांति पाठ के संकल्प करें। कमल के फूल का आसन देकर जल या पंचामृत से स्नान कराने, सुंदर वस्त्र डालकर केसर युक्त चंदन का तिलक लगाने के बाद फूल चढ़ाकर धूप-दीप दिखाकर प्रसाद, पान का पत्ता चढ़ाकर प्रार्थना करने के बाद देहली पूजन, बही खाता आदि का पूजन करना चाहिए।
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सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र और सुशील कौशल के अनुसार धनतेरस के दिन धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
इसलिए बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन के देवता कुबेर और मृत्यु के देवता यम की भी पूजा होती है। धनतेरस को सुबह 10:30 बजे से बारह बजे तक राहु काल है। राहु काल में बर्तन खरीदना निषेध है।
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लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सिर्फ 15 मिनट
दिवाली के दिन वृष लग्न (स्थिर लग्न) शाम को 6:10 मिनट से शुरू होकर रात 8:04 मिनट तक रहेगा। शाम को 5:35 बजे से 7:14 मिनट तक शुभ की चौघड़िया होने के कारण यह बहुत शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न, शुभ की चौघड़िया और प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
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शाम को 6:10 मिनट से 6:25 मिनट यानि 15 मिनट का सबसे शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न शाम 7:14 मिनट से 8:04 मिनट तक स्थिर और अमृत की चौघड़िया होने के कारण यह भी शुभ मुहूर्त है।
रात 8:04 से मिथुन लग्न एवं 8:54 मिनट तक अमृत की चौघड़िया है। यह मध्यम मुहूर्त है। 8:54 मिनट से 10:33 मिनट तक चर की चौघड़िया रहेगी। यह मध्यम मुहूर्त है।
शुभ मुहूर्त में श्री महालक्ष्मी की पूजन, कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन, मंदिर और घर में दीप प्रज्वलन करना होगा।
ऐसे करें पूजा
शिव शक्ति मंदिर सेक्टर-30 के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार सबसे पहले केसर, या हल्दी के अष्टदल कमल बनाकर गणेश लक्ष्मी को स्थापित करने के बाद पूजा प्रारंभ करें।
शांति पाठ के संकल्प करें। कमल के फूल का आसन देकर जल या पंचामृत से स्नान कराने, सुंदर वस्त्र डालकर केसर युक्त चंदन का तिलक लगाने के बाद फूल चढ़ाकर धूप-दीप दिखाकर प्रसाद, पान का पत्ता चढ़ाकर प्रार्थना करने के बाद देहली पूजन, बही खाता आदि का पूजन करना चाहिए।