{"_id":"088eabdf1810330425719e24e539020b","slug":"bus-stopage-issue-in-derabassi","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेराबस्सी में अब तय जगह पर ही रुकेंगी बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेराबस्सी में अब तय जगह पर ही रुकेंगी बसें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 22 Feb 2014 12:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि डेराबस्सी में सड़क पर बसें तय जगह पर ही रोकी जाएं। हाईवे मामलों की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मोहाली के एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह खुद इस व्यवस्था को सुनिश्चित बनाएं।
हाईकोर्ट ने कहा कि डेराबस्सी में जगह जगह बसें रुकने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे हादसों की दर में भी बढ़ोतरी हो रही है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना हुई, तो एसएसपी व्यक्तिगत रूप से इसके जिम्मेवार होंगे। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को निर्धारित की है।
उधर, जीरकपुर डेवलपमेंट प्लान को लेकर भी हाईकोर्ट का कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। हाईकोर्ट ने स्थानीय प्रशासन से पूछा कि एनएचएआई को शामिल किए बिना यह प्लान क्यों तैयार किया गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि पटियाला, पंचकूला और चंडीगढ़ रोड को जोड़ने के लिए यहां एक फ्लाई ओवर बनाने का भी प्रस्ताव था। इस पर पंजाब सरकार के वकील ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्लान विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यह प्रस्ताव गलत हुआ, तो जीरकपुर में बस स्टैंड के निर्माण पर होने वाले खर्चे की वसूली संबंधित विभागों के अधिकारियों से की जाएगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी बसों को बस ले वे में ही खड़ी करने के निर्देश जारी किए है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि डेराबस्सी में जगह जगह बसें रुकने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे हादसों की दर में भी बढ़ोतरी हो रही है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना हुई, तो एसएसपी व्यक्तिगत रूप से इसके जिम्मेवार होंगे। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को निर्धारित की है।
विज्ञापन
उधर, जीरकपुर डेवलपमेंट प्लान को लेकर भी हाईकोर्ट का कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। हाईकोर्ट ने स्थानीय प्रशासन से पूछा कि एनएचएआई को शामिल किए बिना यह प्लान क्यों तैयार किया गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि पटियाला, पंचकूला और चंडीगढ़ रोड को जोड़ने के लिए यहां एक फ्लाई ओवर बनाने का भी प्रस्ताव था। इस पर पंजाब सरकार के वकील ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्लान विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यह प्रस्ताव गलत हुआ, तो जीरकपुर में बस स्टैंड के निर्माण पर होने वाले खर्चे की वसूली संबंधित विभागों के अधिकारियों से की जाएगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी बसों को बस ले वे में ही खड़ी करने के निर्देश जारी किए है।