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बस स्टैंड तो मिल गया लेकिन सुविधाए नदारद, टिकट खिड़की भी बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 17 Dec 2016 10:27 PM IST
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Mohali Bus Stand
- फोटो : अमर उजाला
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फेज-6 स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर आईएसबीटी से शनिवार को बसों की आवाजाही शुरू हो गई। फिर भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई। इस दौरान न तो वहां पर लगे टिकट काउंटर खुल पाए और न ही हेल्प डेस्क पर कोई व्यक्ति सहायता के लिए आया। कई रूट की बसें भी वहां नहीं आईं। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके अलावा बस ऑपरेटर को भी आहत होना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन ने तय किया था कि शनिवार से सारी बसें फेज-8 की बजाय फेज-6 स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर आईएसबीटी से चलेंगी, लेकिन इस दौरान कुछ ही बसें नए स्टैंड पर पहुंचीं। जबकि अधिकतर बसें पुराने स्टैंड से चल रही थी।
इसकी सूचना रोडवेज के अधिकारियों को मिलते ही उनमें भगदड़ मच गई। तुरंत अड्डा इंचार्ज समेत सीनियर अधिकारी फेज-8 बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने बस ऑपरेटरों से कहा कि वह नए स्टैंड से बसें चलाएं। लेकिन बस ऑपरेटरों का कहना था कि पहले पंजाब रोडवेज की सारी बसें वहां से चलाई जाएं। इस शर्त को अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया, उसके बाद नए स्टैंड से बसें चल पाई। इसके अलावा बलौंगी से आनेवाली बसों को मोहाली के फेज-8 स्टैंड आने से रोका गया।
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होशियारपुर की नहीं मिली बस, उठानी पड़ी परेशानी
फेज-एक निवासी कुलविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें होशियारपुर जाना था। लेकिन उन्हें बताया गया कि बस यहां से नहीं चलेगी। इसके बाद वह बस लेने के लिए चंडीगढ़ चले गए। इसी तरह इंदु सिंह ने बताया कि वह मोहाली की रहने वाली हैं। उन्हें सरहिंद जाना था। वह बस में सवार होने के लिए स्टैंड पहुंचीं, लेकिन उन्हें वहां पर मौजूद बस वालों ने बताया कि बस कुंभड़ा से मिलेगी।
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जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन ने तय किया था कि शनिवार से सारी बसें फेज-8 की बजाय फेज-6 स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर आईएसबीटी से चलेंगी, लेकिन इस दौरान कुछ ही बसें नए स्टैंड पर पहुंचीं। जबकि अधिकतर बसें पुराने स्टैंड से चल रही थी।
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इसकी सूचना रोडवेज के अधिकारियों को मिलते ही उनमें भगदड़ मच गई। तुरंत अड्डा इंचार्ज समेत सीनियर अधिकारी फेज-8 बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने बस ऑपरेटरों से कहा कि वह नए स्टैंड से बसें चलाएं। लेकिन बस ऑपरेटरों का कहना था कि पहले पंजाब रोडवेज की सारी बसें वहां से चलाई जाएं। इस शर्त को अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया, उसके बाद नए स्टैंड से बसें चल पाई। इसके अलावा बलौंगी से आनेवाली बसों को मोहाली के फेज-8 स्टैंड आने से रोका गया।
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होशियारपुर की नहीं मिली बस, उठानी पड़ी परेशानी
फेज-एक निवासी कुलविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें होशियारपुर जाना था। लेकिन उन्हें बताया गया कि बस यहां से नहीं चलेगी। इसके बाद वह बस लेने के लिए चंडीगढ़ चले गए। इसी तरह इंदु सिंह ने बताया कि वह मोहाली की रहने वाली हैं। उन्हें सरहिंद जाना था। वह बस में सवार होने के लिए स्टैंड पहुंचीं, लेकिन उन्हें वहां पर मौजूद बस वालों ने बताया कि बस कुंभड़ा से मिलेगी।
एलईडी पर नहीं दिखे रूट, एस्केलेटर भी बंद
Mohali Bus Stand
- फोटो : अमर उजाला
प्रिंटर की पर्ची जगह हाथ से लिखी रसीद थमा दी
भले ही दावे किए जा रहे हैं कि एयरपोर्ट की तर्ज पर बस स्टैंड बनाया गया है। लेकिन पहले ही दिन दावों की पोल खुल गई। जब बसों की स्टैंड में एंट्री के समय काटी जाने वाली पर्ची की जगह बस वालों को हाथ से लिखी रसीद मुहर लगाकर देने लगे। बस वालों ने इसका विरोध किया। मामला तुरंत रोडवेज के अधिकारियों के ध्यान में लाया गया। उनका कहना था कि प्रिंटर में खराबी आ गई थी। उसे जल्द सुधारा जाएगा। जबकि बस वालों का कहना था कि उनका भी ऑडिट होता है। ऐसे में इस पर्ची को कोई नहीं मानता है। इसके अलावा पर्ची की फीस 50 रुपये ली गई। जबकि पहले यह फीस 30 रुपये थी।
एलईडी पर नहीं दिखे रूट, एस्केलेटर भी बंद
आईएसबीटी पर बस रूटों को प्रदर्शित करने के लिए विभाग की तरफ से एलईडी लगाई गई है। लेकिन शनिवार को अधिकतर बसों के रूट वहां पर प्रदर्शित नहीं किए गए थे, इससे वहां आने वाले लोगों को दिक्कत आई। इसके अलावा एस्केलेटर भी बंद रहे।
एटीएम से लेकर सभी चीजों का इंतजार
नया बस स्टैंड भले ही आम लोगों के लिए खुल गया है, लेकिन अभी तक यहां पर एटीएम समेत कोई भी सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। लोगों को इसलिए इंतजार करना पड़ेगा। अभी सारी दुकानें और शोरूम बंद हैं। वह बनकर तैयार हैं। न्यूज पेपर तक की सुविधा स्टैंड पर नहीं है।
सिक्योरिटी टाइट, कैमरों से नजर
हालांकि बस स्टैंड पर सुरक्षा पहरा काफी मजबूत है। बस स्टैंड के एंट्री प्वाइंटों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जो पूरी तरह से चेकिंग करने के बाद लोगों को आगे जाने देते हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर दो दर्जन से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। जो हाई रेजोल्यूशन के हैं। इसमें हर गतिविधि कैद होती है।
भले ही दावे किए जा रहे हैं कि एयरपोर्ट की तर्ज पर बस स्टैंड बनाया गया है। लेकिन पहले ही दिन दावों की पोल खुल गई। जब बसों की स्टैंड में एंट्री के समय काटी जाने वाली पर्ची की जगह बस वालों को हाथ से लिखी रसीद मुहर लगाकर देने लगे। बस वालों ने इसका विरोध किया। मामला तुरंत रोडवेज के अधिकारियों के ध्यान में लाया गया। उनका कहना था कि प्रिंटर में खराबी आ गई थी। उसे जल्द सुधारा जाएगा। जबकि बस वालों का कहना था कि उनका भी ऑडिट होता है। ऐसे में इस पर्ची को कोई नहीं मानता है। इसके अलावा पर्ची की फीस 50 रुपये ली गई। जबकि पहले यह फीस 30 रुपये थी।
एलईडी पर नहीं दिखे रूट, एस्केलेटर भी बंद
आईएसबीटी पर बस रूटों को प्रदर्शित करने के लिए विभाग की तरफ से एलईडी लगाई गई है। लेकिन शनिवार को अधिकतर बसों के रूट वहां पर प्रदर्शित नहीं किए गए थे, इससे वहां आने वाले लोगों को दिक्कत आई। इसके अलावा एस्केलेटर भी बंद रहे।
एटीएम से लेकर सभी चीजों का इंतजार
नया बस स्टैंड भले ही आम लोगों के लिए खुल गया है, लेकिन अभी तक यहां पर एटीएम समेत कोई भी सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। लोगों को इसलिए इंतजार करना पड़ेगा। अभी सारी दुकानें और शोरूम बंद हैं। वह बनकर तैयार हैं। न्यूज पेपर तक की सुविधा स्टैंड पर नहीं है।
सिक्योरिटी टाइट, कैमरों से नजर
हालांकि बस स्टैंड पर सुरक्षा पहरा काफी मजबूत है। बस स्टैंड के एंट्री प्वाइंटों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जो पूरी तरह से चेकिंग करने के बाद लोगों को आगे जाने देते हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर दो दर्जन से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। जो हाई रेजोल्यूशन के हैं। इसमें हर गतिविधि कैद होती है।