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बस की ब्रेक हुई फेल, सामने थी 'मौत की खाई', ड्राइवर की सूझबूझ को सलाम, ऐसे बचाई 50 जानें

Sat, 08 Jun 2019 12:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरनी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरनी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 08 Jun 2019 12:52 PM IST
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Bus driver vision averted major accident in Morni
मोरनी में टला बड़ा हादसा - फोटो : अमर उजाला

मोरनी-टिक्कर मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को बच्चों से भरी एक टूरिस्ट बस के ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे को रोकने के लिए बस चालक ने बहादुरी दिखाते हुए खतरनाक ढलान पर बस को बचाव दीवार के साथ रगड़ कर रोक दिया।

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हादसे के दौरान बस खाई में लुढ़कने से लगभग कुछ फुट पहले ही रुक गई। बस में सवार बच्चों के अलावा उपस्थित स्कूल के स्टॉफ सदस्य समेत सभी सुरक्षित बच गए। गनीतम रही कि हादसे में किसी को खरोंच तक नहीं आई।
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 बस चालक ने बताया कि वह पटियाला से बस नंबर (पीबी 11 बीवाई 9025) में बच्चों को मोरनी के टिक्कर ताल के लिए निकला था। इस दौरान खतरनाक काली घाटी के मोड़ पर स्थित ढलान पर पहुंचा तो ब्रेक फेल हो गए। बस ड्राइवर ने बताया हादसे के बाद उसने बस में सवार बच्चों और अध्यापकों को ब्रेक फेल होने की जानकारी दी।

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चालक नहीं दिखाता सूझबूझ तो गहरी खाई में गिरती बस

Bus driver vision averted major accident in Morni
ड्राइवर की सूझबूझ आई काम - फोटो : अमर उजाला

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे वेटनरी डॉक्टर कृष्ण कुमार, जगदीप शर्मा व माघी राम ने बताया कि बस में लगभग चौदह और पंद्रह साल के बच्चे मौजूद थे, जिनमें लड़कियों की संख्या अधिक थी।

उन्होंने बताया कि अगर चालक अपनी सूझबूझ नहीं दिखाता तो बस सैकड़ों फुट गहरी खाई में लुढ़क जाती और हादसा काफी बड़ा हो सकता था। जिसमें जानमाल का भारी नुकसान हो जाता।

न चेतावनी और न साइन बोर्ड, पहले भी पलट चुकी है बस
लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक बार फिर बड़ा हादसा होने से टल गया। इलाके में दर्जनों खतरनाक मोड़ों पर न तो वाहन चालकों के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए है और न ही साइन बोर्ड। इन कमियों के चलते हादसों की संभावना बनी रहती है। 

बता दें कि कुछ साल पहले भी इस मोरनी से टिक्कर ताल मार्ग पर (काली घाटी) की खतरनाक ढलान पर एक स्कूली बस पलटी थी जिसमें सवार सभी छोटे बच्चों को चोटें भी लगी थी। लेकिन बावजूद समाधान के खतरनाक मोड़ों को ऐसे ही हादसों के लिए खुला छोड़ दिया गया है।

सुभाष राणा, दविंद्र शर्मा, खजान सिंह, गीत सिंह आदि युवाओं ने सड़कों पर वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर हर जरूरी कमियों को पूरा करने की मांग की है, ताकि भविष्य के सभी हादसों को रोका जा सकें।

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