चंडीगढ़: जेल की रोटी खानी है तो फोन घुमाइए, बुड़ैल जेल से मिलेगी खाने की होम डिलीवरी
बुड़ैल जेल प्रशासन ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाली दोनों कंपनियों से संपर्क साधा है। बुड़ैल जेल देश की पहली ईट राइट जेल है। यहां कैदियों की तरफ से बनाए गए खाने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी मुहर लगा चुका है।
विस्तार
अब आप ऑनलाइन ऑर्डर कर चंडीगढ़ की बुड़ैल मॉडल जेल के कैदियों के हाथों का बना लजीज व्यंजन चख सकते हैं। इसके लिए जेल प्रशासन ने ऑनलाइन फूड कंपनियों से संपर्क साधा है। अनुमति मिलने के बाद जल्द ही शहरवासियों के लिए यह सेवा शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले इन लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए जेल की वेबसाइट पर लॉग इन कर या फिर सेक्टर-22 मार्केट में सृजन नाम से स्थित जेल की दुकान से संपर्क साधना पड़ता था। कोरोना काल के दौरान इसका व्यापार काफी हद तक कम हो गया था।
जेल अधिकारी के अनुसार इसके लिए स्पेशल मेन्यू भी तैयार किया गया है। मेन्यू में स्पेशल थाली समेत गुलाब जामुन, बालूशाही, बेसन बर्फी, गुलाब जामुन समेत अन्य कई मिठाइयां भी शामिल हैं। यह सिर्फ कैदियों के लिए ही नहीं बल्कि क्रेच, आंगनबाड़ी और स्कूलों के बच्चों के लिए भी है।
व्यंजन बुक करने के बाद पहले जेल स्टाफ घर खाना पहुंचाते थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस सेवा में काफी हद तक कमी आई। जेल प्रशासन ने इसे देखते हुए यह फैसला लिया है। जैसे ऑनलाइन फूड कंपनी दूसरे ढाबा से व्यंजन को लेकर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, इसी तरह जेल का खाना भी वह लोगों तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए इन ऑनलाइन कंपनियों को बाकायदा कमीशन भी देने का फैसला लिया गया है।
कैदियों को भी मिलता है रोजगार
बुड़ैल देश की एकमात्र मॉडल जेल है, जिससे लोग मनचाहा खाने का ऑर्डर दे सकते हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में चंडीगढ़ के आईजी जेल डॉ. ओपी मिश्रा ने की थी। इसका मकसद था कि कैदियों को रोजगार मिले। इससे कैदियों का लगातार काम में मन लगा रहता है। कैदी सजा काटकर जब बाहर निकलता है, तो उनके पास कोई काम नहीं रहता, जिस कारण वह दोबारा से अपराध करने लग जाते हैं। इसी वजह से उन्हें लजीज व्यंजन बनाने की तरकीब सिखाई गई, ताकि वह बाहर आकर अपना काम कर सके। ऑनलाइन खाना बुकिंग के लिए शुरुआती दौर मेंं तकरीबन डेढ़ महीने का समय लगा था, जो कैदी जितना काम करता है, जेल प्रशासन उनके बैंक खाते में उस हिसाब से ऑनलाइन पेंमेंट कर देता है। सेक्टर-22 की मार्केट में जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए लजीज व्यंजन की एक दुकान है।
जेल का खाना गुणवत्ता में सबसे बेहतर
अप्रैल 2021 में जेल में बने खाने की गुणवत्ता पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। इसमें एफएसएसएआई ने जेल में बनने वाले खाने, वह किस कंडीशन में और किस स्तर की सामग्री के इस्तेमाल से बन रहा है, इसको लेकर ऑडिट कराया। इसके बाद मॉडल जेल को देश की पहली ईट राइट जेल चुना गया। इसमें जेल को विभिन्न मानकों पर परखने के बाद फाइव स्टार रेटिंग दी गई है, जो सबसे बेहतर रेटिंग है। इसके अलावा जेल में बनी मिठाई, थाली की मांग भी खूब रहती है। जो भी शख्सियत जेल में आता है वह इसकी तारीफ तो करता ही है, मानकों को देख दंग भी रह जाता है।
कोरोना काल में खाने की डिलीवरी काफी हद तक कम कर दी गई थी, लेकिन अब दोबारा नए स्तर पर काम शुरू किया गया है। खाना डिलीवर करने के लिए जोमैटो और स्विगी से संपर्क साधा गया है। ये फूड कंपनी दूसरे ढाबा से व्यंजन को लेकर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, इसी तरह जेल का खाना भी पहुंचाने का काम कर सकती है। - विराट, एआईजी, मॉडल जेल, चंडीगढ़