बुडै़ल जेल ब्रेक: आतंकी भ्यौरा बोला, मैं बेकसूर
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बुडै़ल जेल ब्रेक मामले में तिहाड़ जेल में बंद आतंकी परमजीत सिंह भ्यौरा को दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में सीजेएम अनुभव शर्मा की अदालत में बुधवार को पेश किया।
आतंकी भ्यौरा के अदालत में धारा 313 (बचाव पक्ष के बयान) दर्ज करवाएं। भ्यौरा ने अदालत में कहा कि मामले में वह बेकसूर है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। वहीं दिल्ली पुलिस के एएसआई ने अदालत ने जगतार सिंह हवारा की पेशी की छूट की अर्जी दायर की। अर्जी में कहा गया है कि हवारा की पीठ में दर्द है और वह सफर नहीं कर सकते।
इसके बाद हवारा की पेशी विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुई। मामले की सुनवाई के दौरान सह आरोपी भी अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले में जगतार सिंह हवारा और गुरदीप सिंह के बयान दर्ज करने के लिए अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की है।
फरवरी 2004 का है मामला
दायर मामला 24 फरवरी 2004 का है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में पकड़े गए आतंकी जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा बुडै़ल जेल में बंद थे।
जेल से फरार होने के लिए तीनों आतंकियों ने अपनी बैरक से बाहर तक सुरंग खोदकर फरार हो गया था। उनके साथ हत्या के मामले में पकड़ा गया देवी भी फरार हो गया था। सेक्टर 34 थाना पुलिस ने आंतकियों और बुडै़ल जेल कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
ब्लास्ट मामले में दोबारा दबोचे गए थे आरोपी
कुछ महीनों के बाद दिल्ली पुलिस ने आतंकी जगतार सिंह हवारा और परमजीत सिंह भ्यौरा को दिल्ली स्थित एक सिनेमा हाल में ब्लास्ट करने के मामले में दबोच लिया था, जबकि मामले में जगतार सिंह तारा और देवी का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। बम बलास्ट मामले की सुनवाई के चलते दोनों आतंकी को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है।