डॉक्टर्स की बंपर भर्ती जल्द, तैयार रहें युवा
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डॉक्टरों की कमी से जुझ रहे अस्पतालों में जल्द ही डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। भर्ती के लिए सरकार ने फरमान जारी कर दिया है। इसके अनुसार जिले के सरकारी अस्पताल और सब सेंटरों में अब से एक साल के अनुबंध पर डॉक्टर रखे जाएंगे। पहले सरकार छह महीने के अनुबंध पर चिकित्सकों को रखती थी।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि अनुबंध का समय बढ़ाने से डॉक्टर अब अस्पतालों में स्थिरता से काम करेंगे। नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने सामान्य अस्पताल से खाली पदों की डिटेल भी मांग ली है।
सूत्रों के अनुसार फतेहाबाद को जिला मुख्यालय बने 15 साल हो चुके हैं। बावजूद यहां के सामान्य अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं चरमराई हुई है। अस्पताल में जहां 45 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, वहीं वर्तमान में महज 25 डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं।
हालात यह है कि गंभीर केस या आपातकालीन सेवा में मरीजों को तुरंत अग्रोहा व हिसार रेफर कर दिया जाता है। हालांकि हुड्डा सेक्टर में अस्पताल की नई बिल्डिंग बन चुकी है, लेकिन पुराने अस्पताल को अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है।
केस रेफर करने पर रहता है जोर
रतिया व टोहाना के सामान्य अस्पताल में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। गंभीर घायल व बीमारी से ग्रस्त आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के उपरांत फतेहाबाद रेफर कर दिया जाता है। यहां भी स्पेशलिस्ट की कमी है। जिस कारण आए दिन मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मरीजों की मौत तो अस्पताल से रेफर करने के बाद हो जाती है।
खाली पदों पर शीघ्र अनुबंध के आधार पर भर्तियां
सामान्य अस्पताल फतेहाबाद में आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड बाहर जाकर प्राइवेट लेबोरेट्री में करवाना पड़ता है। अस्पताल में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर जाकर टेस्ट के लिए चार सौ से लेकर सात सौ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। अस्पताल में जनरल सर्जरी, गायनिकी, अल्ट्रासाउंड स्पेशलिस्ट जैसे महत्वपूर्ण डॉक्टरों का पद खाली है।
अस्पताल में भरे जाएंगे ये पद: राज्य सरकार को खाली पदों की रिपोर्ट भेजने से सामान्य अस्पताल प्रशासन को उम्मीद जगी है। खाली पदों पर शीघ्र अनुबंध के आधार पर भर्तियां करने के बाद लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएगी। सामान्य अस्पताल में फार्मासिस्ट, लेबोरेट्री, रेडियोग्राफर, ड्राइवर, एएनएम, मलेरिया वर्कर, कलैरिकल स्टॉफ की जल्दी भर्ती की जाएगी।
किस अस्पताल में कितने पद खाली: फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में 45 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से कार्यरत 25 हैं। टोहाना अस्पताल में 12 डॉक्टरों की जगह पांच और रतिया अस्पताल में 13 डॉक्टरों के स्थान पर पांच डॉक्टर कार्यरत हैं। ऐसे में फतेहाबाद, टोहाना व रतिया के अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
डॉ. सूरजभान कंबोज, सीएमओ, फतेहाबाद के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पताल व सब सेंटरों पर खाली पदों की जानकारी राज्य सरकार ने मांगी है। सरकार जो भी स्टाफ नियुक्त करेगा, उनका अनुबंध छह महीने की बजाए एक साल का होगा ताकि स्टाफ लंबे समय तक एक जगह पर काम कर सके। उम्मीद है सरकार के इस फैसले से अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा।