{"_id":"624df6364c49d070fb13714c","slug":"bulldozer-ran-in-dhanas-s-marble-market-70-shops-and-warehouses-demolished-chandigarh-news-pkl446875114","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनास की मार्बल मार्केट में चला बुलडोजर, 70 दुकानें व गोदाम ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनास की मार्बल मार्केट में चला बुलडोजर, 70 दुकानें व गोदाम ध्वस्त
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के संपदा विभाग ने बुधवार को धनास स्थित मार्बल मार्केट में विशेष अभियान चलाकर करीब 70 दुकानों व गोदामों को ध्वस्त कर दिया। व्यापारियों ने विभाग की इस कार्रवाई का विरोध किया लेकिन जब तक विरोध तेज होता, विभाग की टीम ने अधिकतर दुकानों को गिरा दिया था। कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और धरना देकर विरोध जताया।
बुधवार सुबह सात बजे के करीब संपदा विभाग की टीम मार्बल मार्केट पहुंच गई। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद जब तक व्यापारी मौके पर पहुंचते, उसे पहले ही संपदा विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। ज्यादातर दुकानें गिरा दी गईं थीं। इसके बाद मार्केट के सभी व्यापारी और मजदूर इकट्ठे हो गए और सड़क जाम कर दिया। कुछ धरने पर भी बैठ गए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। कुछ व्यापारियों को हिरासत में भी ले लिया गया।
व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते टीम अभियान को आगे नहीं बढ़ा पाई। सूचना पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, महामंत्री रामवीर भट्टी और भाजपा के कई पार्षद भी व्यापारियों के समर्थन में मार्बल मार्केट पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। इसके बाद अभियान रोक दिया गया। इस संबंध में संपदा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मार्बल मार्केट की करीब 70 दुकानों व गोदामों को ध्वस्त गया। बताया कि पहले कई बार व्यापारियों को नोटिस जारी किया जा चुका था। डीसी विनय प्रताप सिंह के आदेश पर ही यह अभियान चलाया गया। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल यहां ऐसी कई और दुकानें हैं, जिनको ध्वस्त किया जाना है। जल्द ही फिर से अभियान चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
बुलडोजर चलते देखकर मजदूरों की आंखों में आ गए आंसू
दुकानों पर बुलडोजर चलते देख कई मजदूरों के आंखों में आंसू आ गए। मजदूर बोले कि इन दुकानों से कई परिवारों का घर चल रहा था। अब प्रशासन की कार्रवाई के चलते उनको अपनी रोजी-रोटी से हाथ धोना पड़ रहा है। बता दें कि मार्बल मार्केट में करीब 200 से लेकर 250 दुकानें हैं। इन्हें बिजली पानी के कनेक्शन भी मिले हुए हैं। प्रशासन ने दुकानदारों के साथ मिलकर पुनर्वास की स्कीम 2010 में शुरू की थी। एसडीएम सेंट्रल को उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्वास से संबंधित सभी कागजात दिखाए थे, लेकिन अचानक बुधवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी गई। कई दुकानदारों ने बताया कि सुबह-सुबह जब ताले भी नहीं खुले थे तब यह कार्रवाई शुरू हुई। कुछ दुकानों के अंदर मजदूर भी थे, उनके चोट लगने तक की फिक्र प्रशासन को नहीं थी। बता दें कि धनास की इस मार्बल मार्केट में इन दिनों काफी निर्माण हो रहा है। पिछले छह माह में ही मार्केट में काफी नया निर्माण हुआ है, जिसे रोकने के लिए ही विभाग ने अभियान चलाने का फैसला लिया था।
बिना नोटिस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपा : सूद
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि किसानों की जमीन लेकर ये दुकानदार यहां बीते 20 से 22 साल से बैठे हैं। कोर्ट के आदेश से प्रशासन ने इन्हें बिजली-पानी के कनेक्शन भी दिए हैं। प्रशासन ने इनके पुनर्वास की योजना भी बीते कुछ समय से बना रखी है। मार्केट शिफ्ट करने को लेकर लगातार दुकानदारों व भाजपा नेताओं की बातचीत भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चल रही है। बावजूद इसके बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी, जबकि इन्हें पहले कोई नोटिस तक नहीं दिया गया। कार्रवाई में दुकानदारों का करोड़ों रुपये का मार्बल खराब हो जाएगा। ये दुकानदार पुनर्वास के लिए पैसा देने के लिए भी तैयार हैं। बिना नोटिस दिए इन्हें तोड़ा नहीं जा सकता। सूद ने कहा कि जो अतिक्रमण शेड तोड़कर हटाया गया है, भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। एक इंच अतिक्रमण या शेड को अब तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
बुधवार सुबह सात बजे के करीब संपदा विभाग की टीम मार्बल मार्केट पहुंच गई। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद जब तक व्यापारी मौके पर पहुंचते, उसे पहले ही संपदा विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। ज्यादातर दुकानें गिरा दी गईं थीं। इसके बाद मार्केट के सभी व्यापारी और मजदूर इकट्ठे हो गए और सड़क जाम कर दिया। कुछ धरने पर भी बैठ गए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। कुछ व्यापारियों को हिरासत में भी ले लिया गया।
विज्ञापन
व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते टीम अभियान को आगे नहीं बढ़ा पाई। सूचना पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, महामंत्री रामवीर भट्टी और भाजपा के कई पार्षद भी व्यापारियों के समर्थन में मार्बल मार्केट पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। इसके बाद अभियान रोक दिया गया। इस संबंध में संपदा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मार्बल मार्केट की करीब 70 दुकानों व गोदामों को ध्वस्त गया। बताया कि पहले कई बार व्यापारियों को नोटिस जारी किया जा चुका था। डीसी विनय प्रताप सिंह के आदेश पर ही यह अभियान चलाया गया। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल यहां ऐसी कई और दुकानें हैं, जिनको ध्वस्त किया जाना है। जल्द ही फिर से अभियान चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
बुलडोजर चलते देखकर मजदूरों की आंखों में आ गए आंसू
दुकानों पर बुलडोजर चलते देख कई मजदूरों के आंखों में आंसू आ गए। मजदूर बोले कि इन दुकानों से कई परिवारों का घर चल रहा था। अब प्रशासन की कार्रवाई के चलते उनको अपनी रोजी-रोटी से हाथ धोना पड़ रहा है। बता दें कि मार्बल मार्केट में करीब 200 से लेकर 250 दुकानें हैं। इन्हें बिजली पानी के कनेक्शन भी मिले हुए हैं। प्रशासन ने दुकानदारों के साथ मिलकर पुनर्वास की स्कीम 2010 में शुरू की थी। एसडीएम सेंट्रल को उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्वास से संबंधित सभी कागजात दिखाए थे, लेकिन अचानक बुधवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी गई। कई दुकानदारों ने बताया कि सुबह-सुबह जब ताले भी नहीं खुले थे तब यह कार्रवाई शुरू हुई। कुछ दुकानों के अंदर मजदूर भी थे, उनके चोट लगने तक की फिक्र प्रशासन को नहीं थी। बता दें कि धनास की इस मार्बल मार्केट में इन दिनों काफी निर्माण हो रहा है। पिछले छह माह में ही मार्केट में काफी नया निर्माण हुआ है, जिसे रोकने के लिए ही विभाग ने अभियान चलाने का फैसला लिया था।
बिना नोटिस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपा : सूद
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि किसानों की जमीन लेकर ये दुकानदार यहां बीते 20 से 22 साल से बैठे हैं। कोर्ट के आदेश से प्रशासन ने इन्हें बिजली-पानी के कनेक्शन भी दिए हैं। प्रशासन ने इनके पुनर्वास की योजना भी बीते कुछ समय से बना रखी है। मार्केट शिफ्ट करने को लेकर लगातार दुकानदारों व भाजपा नेताओं की बातचीत भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चल रही है। बावजूद इसके बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी, जबकि इन्हें पहले कोई नोटिस तक नहीं दिया गया। कार्रवाई में दुकानदारों का करोड़ों रुपये का मार्बल खराब हो जाएगा। ये दुकानदार पुनर्वास के लिए पैसा देने के लिए भी तैयार हैं। बिना नोटिस दिए इन्हें तोड़ा नहीं जा सकता। सूद ने कहा कि जो अतिक्रमण शेड तोड़कर हटाया गया है, भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। एक इंच अतिक्रमण या शेड को अब तोड़ने नहीं दिया जाएगा।