फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   budget benefit for haryana

हरियाणा को पुराने बजट से मिली नई यूनिवर्सिटी

Sun, 01 Mar 2015 01:26 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Mar 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
budget benefit for haryana

हरियाणा को आम बजट में महिलाओं के लिए एक प्रशिक्षु प्रशिक्षण संस्थान का तोहफा मिला है।

विज्ञापन


वित्त मंत्री अरुण जेतली ने प्रदेश में एक बागवानी विश्वविद्यालय बनाने का भी ऐलान किया, लेकिन यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार ने पिछले बजट में ही घोषित कर दिया था। कुल मिलाकर वर्ष 2015-16 के आम बजट से हरियाणा की झोली में केवल एक प्रशिक्षण संस्थान ही आया है।

बीते वर्ष जुलाई माह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014 के बजट में हरियाणा में केंद्रीय बागवानी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। यह विश्वविद्यालय गुड़गांव या फरीदाबाद में बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन


केंद्रीय बागवानी बोर्ड ने बीते वर्ष ही हरियाणा बागवानी विभाग से उक्त शहरों में जमीन मुहैया कराने को कहा था। इसके बाद हरियाणा बागवानी विभाग ने पत्र लिखकर गुड़गांव, फरीदाबाद और पलवल जिले के अधिकारियों को अपने इलाके में पंचायती या सरकारी जमीन मुहैया कराने के लिए कहा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब नए बजट में यह विश्वविद्यालय बनकर तैयार होने की उम्मीद है। उत्तर भारत में यह दूसरा बागवानी विश्वविद्यालय होगा। अब तक केवल हिमाचल प्रदेश के सोलन में डॉ. यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हार्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री है। हरियाणा के पास हिसार में कृषि विश्वविद्यालय है, जहां अलग से एक बागवानी विभाग है।

आम बजट में प्रदेश की महिलाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण के जरिए विभिन्न कार्यों में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षु प्रशिक्षण संस्थान की घोषणा की गई है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के लिए राशि का ऐलान नहीं किया गया है और अभी प्रदेश सरकार को इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन भी करना होगा।

प्रदेशवासियों को बजट से ये उम्मीदें थीं
- अग्रोहा में एम्स बनाने की मांग अब तक लंबित
- यूरिया खाद और डीएपी खाद पर सब्सिडी बढ़ाई जाए। किसानों के हक में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग
- प्रदेश में एनसीआर क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाए
- ग्रामीण विकास की मद में अतिरिक्त पैसा दिया जाए ताकि प्रदेश के गांवों को लाभ हो
- गुड़गांव, फरीदाबाद में रह रहे लोगों की मांग, होम रेंट पर पालिसी बने
- प्रदेश की हेरिटेज साइटों के रखरखाव के लिए बजट में हो प्रावधान
- कुरुक्षेत्र को विश्व धरोहर घोषित किए जाने की मांग

बागवानी विश्वविद्यालय से प्रदेश को लाभ
हरियाणा में स्थापित किए जाने वाले बागवानी विश्वविद्यालय में छात्रों को बीएससी से लेकर पीएचडी तक केवल बागवानी और उससे संबंधित संकायों की पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यार्थियों को ओलेरीकल्चर (सब्जियों की खेती), फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती) और रियल हार्टिकल्चर (बागवानी की विद्या) में डिग्रियां हासिल करने के बाद फर्टिलाइजर, सीड और कृषि विभाग में नौकरी पाने में आसानी होगी।

केंद्रीय बागवानी विभाग इस विश्वविद्यालय के जरिए फूलों, सब्जियों और वानिकी के क्षेत्र में उच्चतम मुकाम हासिल करना चाहता है। प्रदेश में बीते एक दशक में बागवानी क्षेत्र में करीब 82 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2004-05 में जहां 247068 वर्ग हेक्टेयर जमीन में बागवानी हो रही थी, वहीं 2013-14 में 450605 वर्ग हेक्टेयर में बागवानी की जा रही थी। विश्वविद्यालय खुलने के बाद यह क्षेत्र और बढ़ने की संभावना है।

पड़ोसी राज्यों को मिले बड़े प्रोजेक्ट
रेल बजट की भांति हरियाणा को आम बजट से भी निराशा हुई है। वहीं पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल के अलावा जम्मू-कश्मीर पर भी केंद्रीय बजट में दरियादिली दिखाई गई है।


अरुण जेटली ने पंजाब और हिमाचल को एम्स की सौगात तो दी ही, जम्मू-कश्मीर में एक आईआईएम बनाने का प्रस्ताव भी बजट में रखा है। इसके अलावा जलियांवाला बाग (अमृतसर), वाराणसी (यूपी) और लेह (जम्मू-कश्मीर) को विश्व धरोहर पर्यटन स्थल बनाने का ऐलान भी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed