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Budget 2020: कांग्रेस और आप नेताओं ने बजट को बताया निराशा भरा, भाजपा-अकाली ने सराहा

Sun, 02 Feb 2020 01:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 02 Feb 2020 01:05 AM IST
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Budget 2020: Reactions of Punjab's leaders over union budget 2020
Budget 2020 - फोटो : फाइल फोटो

केंद्र सरकार के आम बजट पर पंजाब की सियासत गर्मा गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत पंजाब के सभी मंत्रियों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया तो वहीं अकाली और भाजपा नेताओं ने बजट की सराहना की। आइए जानते हैं बजट-2020 पर किसने क्या कहा-

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बहुपक्षीय बजट विकास के लिए मील का पत्थर: अश्विनी शर्मा
पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी का सराहनीय बजट है और यह बजट देश के विकास व जन-कल्याण के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। शर्मा ने कहा कि इस बजट में मध्यम वर्ग को अनेक सुविधाएं दी गई हैं। प्रत्यक्ष टैक्स में किया गया सुधार आम जनता के जीवन को सुगम बनाने में सहायक होगा। वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर हेल्थ केयर, स्वच्छ भारत, स्किल डिवेलपमेंट, ट्रांसपोर्ट एवं सड़क, बिजली में किया गया निवेश भारत के बहुपक्षीय विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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पंजाब समेत पूरे देश को निराश करने वाला बजट: भगवंत मान
पंजाब आम आदमी पार्टी प्रधान भगवंत मान ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इस बार फिर न केवल पंजाब और दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार किया, बल्कि देश के हर वर्ग को निराश किया है। मान ने मोदी सरकार पर निशाना साधा कि केंद्रीय वित्त मंत्री से पहाड़ जितना बजट भाषण पढ़वाया गया, परंतु साल 2020 के लिए कुछ नहीं निकला। 
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कहते हैं 2022 में किसानों की आमदन दोगुनी कर देंगे। 2024 में सभी जिलों में एक-एक जन औषधि केंद्र खोल देंगे। 2024 तक 100 एयरपोर्ट बना देंगे। 2021 तक 100 नए डिप्लोमा संस्थान खोल देंगे। 2025 तक यह कर देंगे, 2026 तक वह कर देंगे। 2050 तक पशुओं की सभी बीमारियां खत्म कर देंगे। मैं पूछना चाहता हुं कि बजट साल 2020 -21 के लिए एक साल का पेश किया है या 2050 तक 30 सालों के लिए पेश किया है।

नौजवान और जन विरोधी है बजट: सिंगला

पंजाब के मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बजट को खाली ड्रम और शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र के लिए कोई नई घोषणा न करने वाला बताया है। इस बजट को जनविरोधी, नौजवान विरोधी और किसान विरोधी बताते हुए सिंगला ने कहा कि इस बजट में उत्पादक क्षेत्र को भी कोई राहत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बढ़ रही खपत के पक्षों को पूरी तरह अनदेखा किया है। उन्होंने आयकर में दी गई रियायत को एक पब्लिक स्टंट बताया, जिससे बड़े स्तर पर लोगों को कोई भी फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एलआईसी के फायदों और दान पर कर छूट को भी घटा दिया है। राज्यों को मिलने वाली जीएसटी के मुआवजे को भी घटा दिया है जिससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 

किसान और गरीब केंद्रित है बजट: सुखबीर बादल
सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय बजट 2020 को किसान और गरीब केंद्रित बजट के तौर पर सराहा है। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स में छूट से आम आदमी को लाभ होगा। इसके साथ ही डिजिटलीकरण, बुनियादी ढांचे तथा उद्योग को बढ़ावा देकर ऊंची जीडीपी हासिल करने के लिए जमीन तैयार कर दी गई है। अकाली दल अध्यक्ष ने कृषि क्षेत्र के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का स्वागत करते हुए कहा कि 20 लाख सोलर पंपों पर सब्सिडी देकर सरकार द्वारा सौर उर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के फैसले से पंजाब समेत पूरे देश के किसानों को लाभ होगा। 

पीपीपी से किसान रेल स्थापित करने तथा कृषि वस्तुओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंडियों में पहुंचाने के फैसले से पंजाब में सब्जियों तथा फलों की बागवानी को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत छह करोड़ किसानों को दिए बीमे की सुविधा भी बेहद महत्वपूर्ण कदम है, जोकि किसानों की प्राकृतिक आपदा से रक्षा करेगा।

बजट में हर वर्ग को किया नजरअंदाज: भट्ठल
पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बजट में किसान, नौजवान, ग्रामीण, गरीब, दलित, नौकरीपेशा, व्यापारी-कारोबारी हर किसी को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए स्वामीनाथन सिफारिशों, नौजवानों के लिए हर साल दो करोड़ नौकरियां, कालेधन के बारे में पुरानी जुमलेबाजी को मोदी सरकार इस बजट में दोहराने की हिम्मत नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड 7.36 फीसदी तक पहुंची महंगाई की दर पर नियंत्रण के लिए बजट में कुछ नहीं किया गया। देश की अर्थव्यवस्था औंधे मुंह गिर रही है, 10 फीसदी जीडीपी के दावे करने वाली मोदी सरकार की इनके अपने आर्थिक सर्वेक्षण ने ही हवा निकाल दी है। 

जीडीपी 10 फीसदी रहने का अनुमान हास्यास्पद: मनप्रीत बादल
पंजाब के वित्त मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि केंद्रीय बजट अपनी लंबाई के हिसाब से तो काबिल-ए-तारीफ है लेकिन भीतर से पूरी तरह खोखला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा जीडीपी का 10 फीसदी तक बढ़ जाने का अनुमान हास्यास्पद है क्योंकि सारी परिस्थितियां इसके विरुद्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, भारत में अगले साल की जीडीपी 4.8 फीसदी तक ही जा सकती है। बादल ने कहा कि अर्थव्यवस्था चार व्यापक मापदंडों पर काम करती है- निजी खपत, सरकारी खर्च, निर्यात और कारपोरेट निवेश। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के खर्च में कमी आई है, जिसे ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, रियल इस्टेट और परचून क्षेत्र में भी देखा जा रहा है। लगातार पांच महीनों से निर्यात में भी कमी आई है और सरकार के रवैये से इसकी स्थिति और खराब हो रही है। 

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