फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Brother saved my life by giving kidney, this gift is priceless

Chandigarh News: भाई ने किडनी देकर मेरी जान बचाई, अनमोल है यह तोहफा

Thu, 31 Aug 2023 02:11 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Aug 2023 02:11 AM IST
विज्ञापन
Brother saved my life by giving kidney, this gift is priceless
चंडीगढ़। मैंने अपनी मां को किडनी की बीमारी से जूझते देखा था। यह बीमारी उनके लिए जानलेवा साबित हुई। तब अंगदान के प्रति ज्यादा जागरूकता न होने से हम उन्हें बचा नहीं सके। मां के जाने से परिवार में एक खालीपन आ गया, जो अब तक नहीं भरा है। मां को ऐसे खोना मेरे लिए एक बड़ा सदमा था इसलिए जब सालभर पहले बड़ी बहन को किडनी की समस्या हुई तो बिना समय गंवाए मैंने अपनी किडनी देने करने का निर्णय लिया। यह कहते हुए यमुनानगर के प्रदीप गुलाटी भावुक हो गए। उन्होंने रक्षाबंधन से पहले बहन अंजू को अपनी किडनी दान की है। प्रदीप गुलाटी ने कहा कि मेरी पत्नी और दो बच्चों सहित मेरे परिवार ने इस कार्य में मेरा पूरा साथ दिया और मुझे किडनी दान करने के लिए प्रोत्साहित किया। अंजू का पंचकूला स्थित एक निजी अस्पताल में डॉ. नीरज गोयल ने सफल किडनी प्रत्यारोपण किया। प्रदीप ने कहा कि यह हर भाई का कर्तव्य है कि वह अपनी बहन की रक्षा करे, मैंने भी वही किया। अंजू को वर्ष 2021 में किडनी की समस्या होने पर एक स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया तो पता चला किडनी खराब हो गई है। उन्हें नियमित डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई।
विज्ञापन

अंजू के पति सतीश कुमार विग यमुनानगर के गांधी नगर में एक डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्रत्यारोपण का फैसला किया क्योंकि मेरी पत्नी का स्वास्थ्य नियमित डायलिसिस की इजाजत नहीं दे रहा था। बहन की बीमारी और प्रत्यारोपण कराने की बात जब प्रदीप को पता चली तो उन्होंने बिना कुछ सोचे अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। सतीश ने कहा कि शुरू में हम थोड़ा डर रहे थे लेकिन अंजू के प्रति प्रदीप के प्यार और स्नेह ने हमें प्रत्यारोपण के लिए प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन


भाई ने दिया जीवनदान
अंजू के दो बड़े भाई और दो छोटी बहनें हैं। अंजू का कहना है कि मुझसे सात साल छोटे भाई ने अपनी किडनी देकर मुझे अनमोल तोहफा दिया है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे प्रदीप जैसा भाई मिला जो अपनी बहन के हित के लिए कुछ भी कर गुजरने को तत्पर रहता है। डॉ. नीरज गोयल ने बताया कि ट्रांसप्लांट के बाद अंजू अपने छोटे भाई द्वारा समय पर किडनी दान करने के कारण एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed