टूटे बोर्ड से स्वागत : सड़क किनारे रेहड़ी, सूखी झाड़ियां लगा रही हैं चंडीगढ़ की सुंदरता पर धब्बा
- अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर शहर का प्रवेश द्वार ही उपेक्षित
- रेहड़ियां, सूखी झाड़ियां, टूटे दिशासूचक सुंदरता पर लगा रहे धब्बा
विस्तार
टूटा हुआ स्वागत बोर्ड, शहर के प्रतीक ओपन हैंड (खुला हाथ) का उतरा रंग, सड़क किनारे रेहड़ियों की भरमार, बदहाल दिशासूचक बोर्ड, यह नजारा अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर शहर के प्रवेश द्वार का है। शानदार छवि आंखों में बसाकर यहां पहुंचने वाले अतिथियों का स्वागत यदि ऐसी बदहाली से होगा तो सोचिए वे कैसा अनुभव यहां से लेकर जाएंगे।
हरियाली विशेषता, खड़ी हैं सूखी झाड़ियां
हरियाली इस शहर की विशेषता है लेकिन प्रवेश द्वार पर न तो हरियाली है और न पर्यटकों को आकर्षित करने का कोई विशेष प्रयास। हां, सूखी झाड़ियां जरूर आपको दिख जाएंगी। डिवाइडर पर लगाए गए पौधे भी सूख रहे हैं।
सौंदर्यीकरण पर ध्यान नहीं
नगर निगम सदन की बैठक में राजस्व बढ़ाने के लिए वाहनों पर ग्रीन टैक्स (हरित कर) लगाने का एजेंडा लाया जा चुका है। इस टैक्स से शहर के प्रवेश द्वारों को सुंदर बनाने और शहर की हरियाली पर खर्च करने की योजना भी बनाई गई लेकिन यह चर्चा सदन तक ही रह गई। इस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया।
प्रशासन से चर्चा करके प्रवेश द्वारों की बढ़ाएंगे सुंदरता
यह सही बात है कि शहर के प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण होना चाहिए। यह अच्छा मुद्दा है। इस पर प्रशासन से बात करेंगे। नगर निगम का भी जो सहयोग होगा किया जाएगा। जल्द प्रवेश द्वार के सौंदर्यीकरण की योजना बनाएंगे। - रविकांत शर्मा, महापौर, चंडीगढ़।
शहर की मुंह दिखाई तो अच्छी हो
दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले मेहमान खूबसूरत कल्पनाओं के साथ चंडीगढ़ आते हैं, प्रवेश द्वार पर वेलकम के टूटे अक्षर और हरियाली के लिए मशहूर शहर में झाड़ियां लोगों का स्वागत करती हैं। चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम से अनुरोध है कि शहर की मुंह दिखाई ही कम से कम ढंग की कर दी जाए। डॉ. अनीश गर्ग, मुख्य प्रवक्ता, क्राफ्ड।
घर की खूबसूरती उसके दरवाजे से होती है
हैरानी होती है जब स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले शहर चंडीगढ़ के प्रवेश द्वार ही उपेक्षा के शिकार हैं। अंदर की स्थितियों को समझना और भी आसान है। घर कितना भी खूबसूरत हो लेकिन बाहर का द्वार अगर बदसूरत है तो अंदर की सारी खूबसूरती बेकार है। -उमेश घई, महासचिव, क्राफ्ड।
रेहड़ियां देखकर रिश्तेदारों ने टोक दिया
कुछ दिन पहले मेरे रिश्तेदार पहली बार चंडीगढ़ आए। जीरकपुर से चंडीगढ़ आते समय प्रवेश द्वार पर सड़क के दोनों और गंदगी, अवैध रेहड़ियों को देख बहुत निराश हुए। उनसे ज्यादा निराशा मुझे हुई कि मैंने उन्हें चंडीगढ़ आने का न्योता दिया। - केएल सचदेवा, जनरल सेक्रेटरी, डुप्लेक्स हाउसिंग सोसायटी मनीमाजरा।
प्रवेश द्वारों का होगा सौंदर्यीकरण
शहर के प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण के लिए हमने योजना बनाई है। इस पर काम चल रहा है। योजना के तहत विभिन्न प्रवेश द्वारों को सुंदर बनाया जाएगा। जल्द ही इसको लेकर काम भी शुरू होगा। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन।