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चंडीगढ़: जीएमएसएच-16 में विवादित दुकान की दीवार तोड़ी अवैध कब्जा हटाया, दुकानदार के खिलाफ थाने में दी शिकायत
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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 स्थित विवादित दुकान नंबर-6 के मामले में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग जीत गया। बुधवार को स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग के निर्देश पर प्रशासन और इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने अतिक्रमण कर दुकान में बनाई गई अवैध दीवार को तोड़कर गलियारे (कॉरिडोर) में एक छोर से दूसरे छोर के लिए रास्ता बना दिया। पुलिस व सुरक्षाकर्मियों के पहरे में अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया को पूरा किया गया। वहीं दूसरी तरफ, विभाग ने दुकान संचालक के खिलाफ सेक्टर 17 थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए शिकायत दर्ज करवा दी है जिसमें कहा गया है कि दुकानदार ने सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण करने के साथ मानव जीवन व सार्वजनिक संपत्ति के लिए जोखिम उत्पन्न किया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अतिक्रमण कर बनाई गई दीवार को हटाकर लोगों को गलियारे में एक छोर से दूसरे छोर तक जाने का मार्ग उपलब्ध करा दिया गया है।
बता दें कि मंगलवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालक को बुधवार दोपहर 12 बजे तक अतिक्रमण हटाने का समय दिया था लेकिन दुकान संचालक ने रात को ही दुकान की ग्रील को लॉक कर दिया था। सुबह प्रशासन की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस और अन्य विभागों की टीम के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर लगभग सवा 12 बजे मजिस्ट्रेट ने दीवार तोड़ने की प्रक्रिया को शुरू करवाया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई। ग्रील को काटकर कर्मचारी दुकान के अंदर पहुंचे और दवाओं को दुकान के हिस्से में रखकर अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अवैध दीवार को हटाकर तत्काल नई दीवार खड़ी की गई और गलियारे को मुक्त कराकर रास्ता निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में जो भी खर्च आया है, उसकी वसूली मेडिकल स्टोर संचालक से की जाएगी।
बॉक्स
दवा लेने में हुई परेशानी, पर्चा लेकर तमाशा देखते रहे मरीज
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए मरीजों को दवा लेने के लिए अंदर आने से रोक दिया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि इस तरफ दवा की दो दुकानों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में मरीज दवा नहीं ले पाए। वहीं, पीछे की तरफ संचालित दुकान पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जमा हो गई।
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कार्रवाई के बाद ई टेंडर की प्रक्रिया शुरू
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि दुकान नंबर 6 के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई है। इसमें निष्पक्ष बोली लगाकर आवेदनकर्ता भाग ले सकते हैं। बोली 10 मार्च को खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया के संदर्भ में दुकान संचालक को 17 फरवरी सुबह 10 बजे तक दुकान खाली कर विभाग को सौंपने का निर्देश दे दिया गया है। इस प्रक्रिया में वर्तमान मेडिकल स्टोर संचालक भी शामिल हो सकता है।
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग को ऐसे हो रही थी आर्थिक क्षति
आर्किटेक्ट विंग के स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार, केमिस्ट शॉप नंबर-6 का क्षेत्रफल 151.87 वर्ग फुट था लेकिन दुकान संचालक ने 329.16 वर्ग फुट पर कब्जा जमा लिया था। प्रशासन के अनुसार, जीएमएसएच-16 में दवा की दुकान के किराए की तुलना इस प्रकार है।
- केमिस्ट शॉप नंबर 6 (फरवरी 1993 से संचालित)
दुकान का क्षेत्रफल : 151.87 वर्ग फुट किराया : 2.34 लाख प्रति माह (जीएसटी अलग)
- केमिस्ट दुकान नंबर 7 (आवंटन दिनांक 20.10.2022)
दुकान का क्षेत्रफल: 152.3 वर्ग फुट किराया: 17.01 लाख रुपये प्रति माह (जीएसटी अलग)
- केमिस्ट दुकान नंबर 9 (आवंटन दिनांक 21.11.2022)
दुकान का क्षेत्रफल: 146.25 वर्ग फुट किराया: 17.21 लाख रुपये प्रति माह (जीएसटी अलग)
- उपरोक्त तुलना के अनुसार, अवैध कब्जे सहित 329.16 वर्ग फुट (अन्य केमिस्ट की दुकानों के दोगुने से अधिक) वाले मेडिकल शॉप नंबर 6 का किराया लगभग 35 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए था। ऐसे में अनुमान के मुताबिक, प्रशासन को करीब 2000 करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व का नुकसान हो चुका है। प्रशासन का दावा है कि इससे महीने 32 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था।
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बता दें कि मंगलवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालक को बुधवार दोपहर 12 बजे तक अतिक्रमण हटाने का समय दिया था लेकिन दुकान संचालक ने रात को ही दुकान की ग्रील को लॉक कर दिया था। सुबह प्रशासन की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस और अन्य विभागों की टीम के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर लगभग सवा 12 बजे मजिस्ट्रेट ने दीवार तोड़ने की प्रक्रिया को शुरू करवाया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई। ग्रील को काटकर कर्मचारी दुकान के अंदर पहुंचे और दवाओं को दुकान के हिस्से में रखकर अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अवैध दीवार को हटाकर तत्काल नई दीवार खड़ी की गई और गलियारे को मुक्त कराकर रास्ता निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में जो भी खर्च आया है, उसकी वसूली मेडिकल स्टोर संचालक से की जाएगी।
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दवा लेने में हुई परेशानी, पर्चा लेकर तमाशा देखते रहे मरीज
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए मरीजों को दवा लेने के लिए अंदर आने से रोक दिया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि इस तरफ दवा की दो दुकानों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में मरीज दवा नहीं ले पाए। वहीं, पीछे की तरफ संचालित दुकान पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जमा हो गई।
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कार्रवाई के बाद ई टेंडर की प्रक्रिया शुरू
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि दुकान नंबर 6 के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई है। इसमें निष्पक्ष बोली लगाकर आवेदनकर्ता भाग ले सकते हैं। बोली 10 मार्च को खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया के संदर्भ में दुकान संचालक को 17 फरवरी सुबह 10 बजे तक दुकान खाली कर विभाग को सौंपने का निर्देश दे दिया गया है। इस प्रक्रिया में वर्तमान मेडिकल स्टोर संचालक भी शामिल हो सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग को ऐसे हो रही थी आर्थिक क्षति
आर्किटेक्ट विंग के स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार, केमिस्ट शॉप नंबर-6 का क्षेत्रफल 151.87 वर्ग फुट था लेकिन दुकान संचालक ने 329.16 वर्ग फुट पर कब्जा जमा लिया था। प्रशासन के अनुसार, जीएमएसएच-16 में दवा की दुकान के किराए की तुलना इस प्रकार है।
- केमिस्ट शॉप नंबर 6 (फरवरी 1993 से संचालित)
दुकान का क्षेत्रफल : 151.87 वर्ग फुट किराया : 2.34 लाख प्रति माह (जीएसटी अलग)
- केमिस्ट दुकान नंबर 7 (आवंटन दिनांक 20.10.2022)
दुकान का क्षेत्रफल: 152.3 वर्ग फुट किराया: 17.01 लाख रुपये प्रति माह (जीएसटी अलग)
- केमिस्ट दुकान नंबर 9 (आवंटन दिनांक 21.11.2022)
दुकान का क्षेत्रफल: 146.25 वर्ग फुट किराया: 17.21 लाख रुपये प्रति माह (जीएसटी अलग)
- उपरोक्त तुलना के अनुसार, अवैध कब्जे सहित 329.16 वर्ग फुट (अन्य केमिस्ट की दुकानों के दोगुने से अधिक) वाले मेडिकल शॉप नंबर 6 का किराया लगभग 35 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए था। ऐसे में अनुमान के मुताबिक, प्रशासन को करीब 2000 करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व का नुकसान हो चुका है। प्रशासन का दावा है कि इससे महीने 32 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था।