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1500 रुपये की चाह में दो साल के लिए गए जेल
ब्यूराे/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Thu, 04 Sep 2014 10:29 PM IST
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जिला व सेशन जज अर्चना पुरी की अदालत ने दर्जा चार कर्मी से 1500 रुपये रिश्वत लेने के मामले में फरीदकोट के बागवानी विकास अधिकारी को 2 वर्ष की कैद और 8 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी अधिकारी गुरिंदर सिंह को दो माह और जेल में रहना होगा।
जानकारी के अनुसार बागवानी विभाग फरीदकोट में ही कार्यरत दर्जा चार विकलांग कर्मचारी जगसीर सिंह की बतौर क्लर्क प्रमोशन होने वाली थी। इसके लिए विभाग के विकास अधिकारी गुरिंदर सिंह ने उसकी एसीआर लिखनी थी। यह रिपोर्ट लिखने के लिए विकास अधिकारी ने जगसीर सिंह से 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
परेशान होकर जगसीर सिंह ने 1500 रुपये में सौदा तय कर लिया और बाद में विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर डीएसपी विजिलेंस भूपिंदर सिंह सिद्धू ने 25 जून 2010 को सरकारी गवाहों की हाजिरी में विकास अधिकारी गुरिंदर सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को जिला अदालत ने इस मामले में अधिकारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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जानकारी के अनुसार बागवानी विभाग फरीदकोट में ही कार्यरत दर्जा चार विकलांग कर्मचारी जगसीर सिंह की बतौर क्लर्क प्रमोशन होने वाली थी। इसके लिए विभाग के विकास अधिकारी गुरिंदर सिंह ने उसकी एसीआर लिखनी थी। यह रिपोर्ट लिखने के लिए विकास अधिकारी ने जगसीर सिंह से 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
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परेशान होकर जगसीर सिंह ने 1500 रुपये में सौदा तय कर लिया और बाद में विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर डीएसपी विजिलेंस भूपिंदर सिंह सिद्धू ने 25 जून 2010 को सरकारी गवाहों की हाजिरी में विकास अधिकारी गुरिंदर सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को जिला अदालत ने इस मामले में अधिकारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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