बहनों की बहादुरी, बीच-बचाव करने वाला बोला
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चलती बस में बहनों द्वारा युवकों की पिटाई मामले में बीच बचाव करने वाला युवक भी सामने आया। युवक का नाम विक्रम है और वह गांव पाकसमा का रहने वाला है। उसने बताया कि मैं हरियाणा रोडवेज की बस में गांव पाकस्मा से सोनीपत एक शादी में शामिल होने जा रहा था।
बस में चढ़ते ही मैं एक सीट पर एक महिला के साथ बैठ गया। अचानक लड़कियों ने लड़के पर हमला बोल दिया। मैनें काफी बीच-बचाव भी किया, लेकिन लड़कियां नहीं मानीं। विवाद के बाद लड़का बस से नीचे उतरा और जाने लगा तो लड़कियों ने पीछे से पत्थर भी मारे।
पाकस्मा मोड़ पर जब वह बस में बैठा तो माहौल शांत था। यहां एकदम मारपीट शुरू हुई। एक लड़की ने लड़के को बेल्ट मारनी शुरू की तो दूसरी ने लात घूसों से मारना शुरू कर दिया।
लड़कियों ने किया था बीच-बचाव करने से मना
यह वीडियो में दिखने वाला बीच-बचाव कर रहा सफेद शर्ट वाला युवक है। युवक का कहना है कि शायद मुझे भी बीच-बचाव नहीं करना चाहिए था, क्योंकि मुझे भी लड़कियों ने विवाद के बीच कहा, अंकल आप बीच में न आओ।
इसके बाद मैं तो थ्री व्हीलर में बैठकर सोनीपत चला गया। हैरानी की बात थी कि बस में सवार एक बूढ़ी औरत ने मुझे कहा कि ये लड़कियां मानने वाली नहीं है। जान बचानी है तो तुम भाग जाओ।
मैं किसी के दबाव में यह बात नहीं कह रहा। मीडिया में जब वीडियो फुटेज दिखाया गया तो मुझे परिवार के सदस्यों ने कहा कि इंसानियत है तो जाकर सच्चाई सामने रखो।
मामला और उलझा, उच्चस्तरीय जांच की तैयारी में सरकार
विवाद बढ़ता देखकर सरकार भी इस मामले में गंभीर नजर आ रही है। दोनों पक्षों द्वारा हररोज नए खुलासे करने व उनके समर्थन में खुलकर लोगों व संगठनों के सामने आने से यह मामला और उलझ गया है। इस वजह से सरकार इस मामले में उच्चस्तरीय जांच करवाने का फैसला कर सकती है। इस बारे में जल्द ही किसी एजेंसी से जांच करवाने की घोषणा हो सकती है।
इस मामले में स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट भी तलब की गई है। इस मामले में दोनों पक्षों के समर्थन में कई संगठनों व लोगों ने उतरकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी लड़कियों के गांव थाना खुर्द व लड़कों के गांव आसन पर नजर बनाए हुए हैं और खुफिया विभाग को पल-पल की अपडेट दी जा रही है।
28 नवंबर को रोडवेज बस में थाना खुर्द की बहनों पूजा व आरती ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तीन युवकों की पिटाई की थी। इसका वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने आसन के तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपियों के पक्ष में उनके परिजन, पंचायत और कई चश्मदीद उतर आए और कहा कि विवाद बस में सीट को लेकर था, छेड़खानी नहीं हुई।
तीन और चश्मदीद लड़कों के पक्ष में
युवकों के पक्ष में बुधवार को दो महिलाओं सहित तीन और लोग सामने आए। घटना के समय बस में सफर कर रही एमफिल की छात्रा सोनिया मित्तल ने कहा कि सीट को लेकर विवाद था, छेड़खानी नहीं हुई। वहीं, महिला विसनी और विक्रम ने भी लड़कों को बेकसूर बताया।
डीसी ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
मंगलवार को सामने आए लड़कियों के सिटी पार्क वाले दूसरे वीडियो की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीसी शेखर विद्यार्थी ने एसपी शशांक आनंद से इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है। मामला फंसने पर अब पुलिस और प्रशासन भी बारीकी से जांच कर रहा है। डीसी शेखर विद्यार्थी का कहना है कि पुलिस से दूसरी वीडियो की पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है।
एक और वीडियो आया सामने
इस घटनाक्रम के बीच बुधवार को लड़की पक्ष की ओर से एक और वीडियो जारी कर लड़कों को बेगुनाह बताने वालों पर सवाल उठाए गए। वीडियो में लड़कों को उनके परिजन थप्पड़ मार रहे हैं और उनसे माफी मांगने को कह रहे हैं। इस प्रकरण में यह तीसरा वीडियो सामने आया है।