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हरियाणाः सात महीने में बढ़ गए 58617 नए बीपीएल परिवार, जारी रहेगा सर्वे और बढ़ सकती संख्या
Tue, 10 Dec 2019 12:57 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 10 Dec 2019 12:57 PM IST
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हरियाणा में सात माह में 58,000 से अधिक बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ गई है। इसके लिये जिलों भर से प्राप्त आवेदनों पर सर्वे अभी जारी है। लिहाजा इनकी संख्या अभी और बढ़ेगी। ये परिवार स्टेट बीपीएल के दायरे में रहेंगे, जिन्हें अब बीपीएल लाभार्थ्यों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह कार्ड केंद्र सरकार की 1.20 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा की शर्त के स्थान पर राज्य सरकार की 1.80 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा की शर्त के अनुरूप बनवाए जा रहे हैं। इसके लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में सर्वे अभी जारी है।
काफी समय से नये बीपीएल कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगा हुई थी। मनोहर सरकार से पूर्व गलत तथ्य देकर बहुत से लोगों ने बीपीएल कार्ड बनवाकर सुविधाओं का लाभ तक ले लिया था। जब जांच हुई तो हजारों की संख्या में कार्ड रद्द कर कार्रवाई भी की गई थी। चेतावनी के बाद बहुत से लोगों ने तो खुद ही बीपीएल कार्ड सरेंडर किए थे। तभी से सर्वे बंद था। मनोहर सरकार ने वित्त वर्ष की शुरुआत में नये बीपीएल कार्ड बनाने का काम शुरू किया। बीपीएल कार्ड बनाने के ऑनलाइन आवेदन भी मांगे गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में 4 लाख 38 हजार व शहरी क्षेत्रों में 2 लाख 15 हजार आवेदन प्राप्त हुए। मगर चुनावों के चलते नए बीपीएल कार्ड बनाने का कार्य कुछ समय के लिए बंद भी किया गया। अब प्राप्त हुए आवेदनों पर सर्वे का काम अभी जारी है। इन आवेदनों में से अब तक सात माह में 58617 नए बीपीएल कार्ड बन चुके हैं। इस साल एक अप्रैल को बीपीएल राशन कार्ड की संख्या 8,06101 थी, मगर अब चार दिसंबर तक इन परिवारों की संख्या 864718 हो गई है। अधिकारियों ने नए बीपीएल कार्डों के संबंध में पिछले दिनों मुख्यमंत्री को भी अवगत करवा दिया है।
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काफी समय से नये बीपीएल कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगा हुई थी। मनोहर सरकार से पूर्व गलत तथ्य देकर बहुत से लोगों ने बीपीएल कार्ड बनवाकर सुविधाओं का लाभ तक ले लिया था। जब जांच हुई तो हजारों की संख्या में कार्ड रद्द कर कार्रवाई भी की गई थी। चेतावनी के बाद बहुत से लोगों ने तो खुद ही बीपीएल कार्ड सरेंडर किए थे। तभी से सर्वे बंद था। मनोहर सरकार ने वित्त वर्ष की शुरुआत में नये बीपीएल कार्ड बनाने का काम शुरू किया। बीपीएल कार्ड बनाने के ऑनलाइन आवेदन भी मांगे गए।
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ग्रामीण क्षेत्रों में 4 लाख 38 हजार व शहरी क्षेत्रों में 2 लाख 15 हजार आवेदन प्राप्त हुए। मगर चुनावों के चलते नए बीपीएल कार्ड बनाने का कार्य कुछ समय के लिए बंद भी किया गया। अब प्राप्त हुए आवेदनों पर सर्वे का काम अभी जारी है। इन आवेदनों में से अब तक सात माह में 58617 नए बीपीएल कार्ड बन चुके हैं। इस साल एक अप्रैल को बीपीएल राशन कार्ड की संख्या 8,06101 थी, मगर अब चार दिसंबर तक इन परिवारों की संख्या 864718 हो गई है। अधिकारियों ने नए बीपीएल कार्डों के संबंध में पिछले दिनों मुख्यमंत्री को भी अवगत करवा दिया है।
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मेवात में सबसे ज्यादा, पंचकूला में सबसे कम बढ़े बीपीएल
अब तक 58617 नए बीपीएल कार्ड एक अप्रैल से लेकर चार दिसंबर तक बन चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा नए बीपीएल मेवात जिले में सामने आए हैं 1 अप्रैल 2019 को मेवात में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या 28137 थी, मगर अब 4 दिसंबर को 7889 नए कार्ड बनने के बाद बीपीएल परिवारों की संख्या 36026 हो गई है। इसी तरह अंबाला जिले में बीपीएल परिवार 51179 से 5591 बढ़कर 56770, फरीदाबाद में ये परिवार 41955 से 1019 बढ़कर 42974, फतेहाबाद में परिवार 37040 से 1511 बढ़कर 38551,
गुरुग्राम में परिवार 24853 से 578 बढ़कर 25431, हिसार में परिवार 58339 से 3158 बढ़कर 61497, झज्जर में परिवार 19958 से 3768 बढ़कर 23726, जींद में परिवार 47240 से 1058 बढ़कर 48298, कैथल में परिवार 38762 से 3525 बढ़कर 42287, करनाल में परिवार 53674 से 3818 बढ़कर 57492, कुरुक्षेत्र में परिवार 36729 से 3385 बढ़कर 40114, महेंद्रगढ़ में परिवार 31108 से 2662 बढ़कर 33770, पलवल में परिवार 23864 से 3841 बढ़कर 27705, पंचकूला में परिवार 8258 से 310 बढ़कर 8568,
पानीपत में परिवार 36774 से 2386 बढ़कर 39160, रेवाड़ी में परिवार 32802 से 1906 बढ़कर 34708, रोहतक में परिवार 35510 से 3131 बढ़कर 38641, सिरसा में परिवार 41298 से 1572 बढ़कर 42870, सोनीपत में परिवार 43464 से 3840 बढ़कर 47304, यमुनानगर में परिवार 51981 से 2008 बढ़कर 53989 हो गए हैं। भिवानी में 63176 बीपीएल परिवारों में से 16011 परिवार नए गठित चरखीदादरी में शिफ्ट हुए हैं। मगर 1661 नए बीपीएल परिवार भिवानी में भी बढ़े हैं।
गुरुग्राम में परिवार 24853 से 578 बढ़कर 25431, हिसार में परिवार 58339 से 3158 बढ़कर 61497, झज्जर में परिवार 19958 से 3768 बढ़कर 23726, जींद में परिवार 47240 से 1058 बढ़कर 48298, कैथल में परिवार 38762 से 3525 बढ़कर 42287, करनाल में परिवार 53674 से 3818 बढ़कर 57492, कुरुक्षेत्र में परिवार 36729 से 3385 बढ़कर 40114, महेंद्रगढ़ में परिवार 31108 से 2662 बढ़कर 33770, पलवल में परिवार 23864 से 3841 बढ़कर 27705, पंचकूला में परिवार 8258 से 310 बढ़कर 8568,
पानीपत में परिवार 36774 से 2386 बढ़कर 39160, रेवाड़ी में परिवार 32802 से 1906 बढ़कर 34708, रोहतक में परिवार 35510 से 3131 बढ़कर 38641, सिरसा में परिवार 41298 से 1572 बढ़कर 42870, सोनीपत में परिवार 43464 से 3840 बढ़कर 47304, यमुनानगर में परिवार 51981 से 2008 बढ़कर 53989 हो गए हैं। भिवानी में 63176 बीपीएल परिवारों में से 16011 परिवार नए गठित चरखीदादरी में शिफ्ट हुए हैं। मगर 1661 नए बीपीएल परिवार भिवानी में भी बढ़े हैं।