बॉक्सर विजेंदर की मुश्किलें बढ़ी, खतरे में नौकरी
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हरियाणा पुलिस के डीएसपी और बॉक्सर विजेंदर ने अपनी मुश्किलें और बढ़ा ली हैं। उनकी नौकरी भी खतरे में पढ़ सकती है। दरअसल, विजेंदर पुलिस विभाग की ओर से अवकाश की अर्जी मंजूर न किए जाने के बावजूद वे विदेश चले गए हैं।
विजेंदर एक विदेशी पेशेवर मुक्केबाजी कंपनी के साथ करार करने के बाद से विवादों में हैं। निजी कंपनी से साथ बॉक्सर के समझौते की मुख्य शर्त यही है कि वे अब किसी अन्य टीम या देश, यहां तक की भारत के लिए भी बॉक्सिंग रिंग में नहीं उतर सकते।
विजेंदर ने करीब दो महीने पहले पुलिस विभाग से विदेश जाने के लिए अवकाश मांगा था, लेकिन उनके प्रार्थना पत्र पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। अब यह पता चला है कि विजेंदर अवकाश मंजूर हुए बिना विदेश रवाना हो गए हैं। उन्होंने जाते-जाते डीजीपी को एक ई-मेल भेजकर जानकारी भी दे दी है।
विदेशी क्लब से समझौते का मामला
हरियाणा में पिछली कांग्रेस सरकार ने विजेंदर के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने पर पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर नौकरी दी थी। विभाग ने उनकी पोस्टिंग मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी में कर दी थी।
विजेंदर के विदेशी क्लब के साथ समझौते की जब यह शर्त सामने आई कि वे अब भारत के लिए भी नहीं खेलेंगे तो प्रदेश में विवाद छिड़ गया कि ऐसे खिलाड़ियों पर सरकार मेहरबानी क्यों करे।
मामले ने तूल पकड़ा तो विजेंदर ने गत दो जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, खेल मंत्री अनिल विज और डीजीपी से मुलाकात कर तीन साल की छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन नौकरी में विजेंदर का प्रोबेशन पीरियड पूरा नहीं होने के कारण गृह विभाग ने उन्हें अवकाश देने से इनकार कर दिया।a
वकील को इस्तीफा देने या न देने की जानकारी नहीं
विजेंदर विदेश रवाना हो गए हैं, लेकिन उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिया या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं है। उनके परिवार से बात कर मैं सोमवार को अदालत में पक्ष रखूंगा। वैसे विजेंदर पुलिस विभाग को जानकारी देकर ही विदेश रवाना हुए हैं।
कोर्ट ने कहा था, जाना है तो नौकरी छोड़ कर जाएं
विजेंदर ने विदेश जाने के लिए छुट्टी मंजूर किए जाने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी अर्जी दी थी, लेकिन बीते सप्ताह वहां भी उनसे कह दिया गया था कि उनके लिए यदि विदेश जाना जरूरी है तो वह नौकरी छोड़कर जा सकते हैं।