हरियाणा रोडवेज बस में ब्लास्ट करने वाले का सुराग दें, मिलेंगे 10 लाख
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पिपली (कुरुक्षेत्र) के पास रोडवेज बस में धमाका करने वाले अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। मामले में पुलिस को अभी तक कुछ हासिल नहीं हो सका है। पुलिस फिर भी घटना को अंजाम देने वालों की तलाश में जुटी है। पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि घटना की प्रकृति को देखते हुए ऐसा लगता है कि बस में धमाका करने वाला शख्स बम बनाने और उसे फिट करने में माहिर था।
इस संबंध में पुलिस ने घटना को अंजाम देने वालों अपराधियों के बारे में सुराग देने वालों के लिए 10 लाख रुपये का पुरस्कार रखा है। सोनीपत डिपो से चलने वाली बस में बैग रखने वाला यात्री कौन था और वह बस से कहां उतरा तथा उसकी वेशभूषा सहित सटीक जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस टीमें लगातार छानबीन में जुटी हुई हैं। घटना को अंजाम देने वालों की तलाश कर रही हरियाणा पुलिस की निगाहें नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) सहित देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियेां की जांच पर भी टिकी हैं।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो बम रखने वाला व्यक्ति बम बनाने में भी माहिर था। साल के शुरुआती पांच महीनों के अंतराल में तीन लो-इनटेंसिटी बम धमाकों ने यह जरूर साबित कर दिया है कि प्रदेश की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। बम धमाके की घटना के बाद से ही एनआईए, आईबी सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं की छानबीन में जुटी हैं।
टोल प्लाजा और बस अड्डों पर बसों की चेकिंग करेगी पुलिस
एडीजीपी(लॉ एंड ऑर्डर) मो. अकील ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि लो-इनटेंसिटी बम के धमाके को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। इसकी जांच के लिए गठित एसआईटी न केवल पिपली, बल्कि इससे पहले कुरुक्षेत्र में हुए दो धमाके की घटनाओं से जुड़े सुबूतों को भी खंगालेगी।
उन्होंने बताया कि वे जानने में भी जुटे हैं कि इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल करने वाले कौन हैं और उनका मकसद क्या था।
एडीजीपी मो. अकील ने बताया कि टोल प्लाजों पर बसों में सवार यात्रियों और उनके लगेज की छानबीन के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा रात-दिन के वक्त कभी भी बस अड्डा या बस स्टैंड कहीं भी रैंडम चेकिंंग के लिए भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इससे पहले फरीदाबाद में करीब 15 वर्ष पहले इस तरह के प्रयोग की सफलता को देखते हुए इस दिशा में पहल किए जाने से यात्रियों को बसों में सुरक्षित सफर का मौका मिल सकेगा। इससे लिए पुलिस कर्मियों को जरूरी उपकरण भी मुहैया किए जाएंगे।