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Mohali News: पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को झटका, मोहाली की अदालत ने खारिज की जमानत याचिका
Tue, 11 Apr 2023 01:15 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 11 Apr 2023 01:15 AM IST
सार
अरोड़ा के वकील ने तर्क दिया कि पूछताछ हो चुकी है और अब और कुछ रिकवर भी नहीं करना है इसलिए उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए। वहीं विजिलेंस ने तर्क दिया कि आरोपी बड़ा मंत्री रह चुका है। उसे कानूनी दांव पेच पता है। अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह गवाहों और केस को प्रभावित कर सकता है।
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सुंदर शाम अरोड़ा।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की मोहाली जिला अदालत ने सोमवार को नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अरोड़ा ने अपने वकील के माध्यम से प्लॉट घोटाले में जमानत याचिका दायर की थी। विजिलेंस ने पूर्व मंत्री समेत कुल 10 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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इस मामले की सुनवाई के दौरान अरोड़ा के वकील ने तर्क दिया कि पूछताछ हो चुकी है और अब और कुछ रिकवर भी नहीं करना है इसलिए उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए। वहीं विजिलेंस ने तर्क दिया कि आरोपी बड़ा मंत्री रह चुका है। उसे कानूनी दांव पेच पता है। अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह गवाहों और केस को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने तर्क सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह है मामला
पंजाब सरकार ने साल 1987 में आनंद लैंप्स लिमिटेड कंपनी को सेल डीड के माध्यम से 25 एकड़ जमीन अलॉट की थी, जो बाद में सिगनीफाई इनोवेशन नामक फर्म में तब्दील हो गई। सिगनीफाई इनोवेशन कंपनी ने पीएसआईडीसी से एनओसी लेकर इस प्लॉट को गुलमोहर टाउनशिप को बेच दिया था। तत्कालीन उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने गुलमोहर टाउनशिप के उक्त प्लॉट को कई हिस्सों में बांटने के पत्र को एमडी पीएसआईडीसी को भेज दिया था और पीएसआईडीसी के अधिकारियों ने फाइलों को देखे बिना यहां पर टाउनशिप बसाने की मंजूरी दे दी थी।
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