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Chandigarh News: अब खून बताएगा कैंसर का खतरा, पीजीआई की नई तकनीक को मिला पेटेंट

Tue, 09 Jun 2026 02:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 02:40 AM IST
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Blood will now reveal the risk of cancer, PGI's new technology gets patent
चंडीगढ़। कैंसर का इलाज तभी ज्यादा प्रभावी होता है जब बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल जाए। इस दिशा में पीजीआई के बायोकेमेस्ट्री विभाग के विशेषज्ञों ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को ऐसी तकनीक के लिए पेटेंट मिला है जो खून में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और अलग करने में मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक भविष्य में यह तकनीक कैंसर की जल्दी पहचान और इलाज की निगरानी में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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पीजीआई को कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। संस्थान को कई मार्कर का इस्तेमाल करके खून से जीवित और अलग-अलग तरह के ट्यूमर सेल्स को अलग करने के प्रोसेस की तकनीक के लिए भारत सरकार से पेटेंट मिला है। यह तकनीक रक्त में मौजूद सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स (सीटीसी) यानी कैंसर कोशिकाओं को अलग करने से संबंधित है।
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पेटेंट संख्या 591001 के तहत यह अधिकार पीजीआई को दिए गया है। डॉ. अंशिका ने बताया कि इसके लिए आवेदन 15 सितंबर 2022 को दाखिल किया गया था और 2 जून 2026 को पेटेंट मंजूर हुआ। यह पेटेंट 20 वर्षों तक मान्य रहेगा। बायोकेमेस्ट्री के डॉ. अर्नव पाल के मार्गदर्शन में डॉ अंशिका चौहान के 8 वर्षों की मेहनत का फल है। इस तकनीक की मुख्य आविष्कारक डॉ. अंशिका चौहान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर शरीर में फैलने के दौरान कुछ ट्यूमर कोशिकाएं रक्त प्रवाह में पहुंच जाती हैं। इन्हें सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स कहा जाता है। यदि इन कोशिकाओं की पहचान समय रहते हो जाए तो कैंसर की शुरुआती अवस्था, उसके फैलाव और इलाज के प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
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शोधकर्ता के मुताबिक यह पूरी तरह थॉट इन इंडिया, डेवलप्ड इन इंडिया और मेक इन इंडिया तकनीक है। उनका लक्ष्य इसे प्रयोगशाला से निकालकर जल्द से जल्द कैंसर मरीजों तक पहुंचाना है ताकि देश के मरीजों को सस्ती और स्वदेशी तकनीक का लाभ मिल सके। यह उपलब्धि पीजीआई के कैंसर अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते योगदान का भी प्रमाण है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह तकनीक कैंसर की जांच और उपचार की दिशा में नई संभावनाएं खोलेगी।
क्या हैं सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स
कैंसर कोशिकाएं जो ट्यूमर से निकलकर रक्त में पहुंच जाती हैं
कैंसर के फैलाव (मेटास्टेसिस) का संकेत दे सकती हैं
शुरुआती पहचान और इलाज की निगरानी में उपयोगी
खून की जांच के जरिये इनकी पहचान संभव
भविष्य में कैंसर की कम दर्दनाक और आसान जांच का आधार बन सकती हैं।
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