रसोई गैस सिलेंडर लीकेज से धमाका, आग में पति झुलसा, बीवी भी घायल, पड़ोस की कोठियों के शीशे टूटे
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हुडा सेक्टर में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे कोठी नंबर 332 की बेसमेंट में रखे रसोई गैस सिलेंडर से लीकेज के कारण धमाका हो गया। लीकेज की जांच करने गए समाजसेवी हरनाम सिंह धमाके के बाद बुरी तरह से झुलस गए। पति को बचाने आई पत्नी जसवंत कौर भी चपेट में आ गई।
धमाके के बाद आसपास की कोठियों के शीशे टूट गए। धमाके की आवाज सुनकर घरों से बाहर निकले लोग और किराएदार ने घायल दंपति कामरेड हरनाम सिंह और जसवंत कौर को नागरिक अस्पताल लाया गया। कामरेड हरनाम सिंह की हालत को गंभीर देखते हुए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन परिवार के लोग हिसार के निजी अस्पताल ले गए। हादसे में डॉक्टरों के मुताबिक हरनाम सिंह करीब 70 फीसद झुलस गए हैं। हालांकि पत्नी जसवंत की हालत ठीक बताई जा रही है।
घटना की सूचना के बाद दमकल विभाग कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बेसमेंट में रखे सिलेंडर को बाहर निकाला और खाली प्लॉट में ले गए। इसके बाद दमकल कर्मियों सतबीर सहारण व उनके साथियों ने बेसमेंट में लगी आग को बुझाया। धमाके के दौरान बेसमेंट में रखे सामान में भी आग लग गई थी, जिसे बुझाने में दमकल कर्मियों को करीब 25 मिनट लगे।
मामले के मुताबिक कामरेड हरनाम सिंह ने कोठी में रसोई गैस की सप्लाई के लिए अंडरग्राऊंड फीटिंग करवा रखी और उसका सिलेंडर नीचे बेसमेंट में रखा हुआ है। अस्पताल में उपचार के लिए लाई गई जसवंत कौर ने बताया कि शुक्रवार सुबह रसोई गैस सिलेंडर खाली हो गया था। जिसे पति हरनाम सिंह ने बदलकर दूसरा भरा हुआ सिलेंडर लगा दिया।
इसके थोड़ी बाद गैस लीकेज की बदबू आने लगी। पति जब नीचे गैस लीकेज की जांच करने के लिए गए और बेसमेंट में बिजली का बटन ऑन किया तो जोरदार धमाका हुआ और बेसमेंट में धुंआ ही धुंआ हो गया। पति के कपड़ों में आग लगी हुई थी, जिसे उसने बुझाने का प्रयास किया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग और किराएदार मौके पर आ गए और दोनों को झुलसी हालत में अस्पताल लेकर गए। यहां पर बर्न यूनिट न होने के कारण डॉक्टरों ने हरनाम सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से रेफर कर दिया।
ब्लास्ट की आवाज सुनकर नीचे दौड़ी, अंकल के कपड़ों में लगी थी आग
हुडा सेक्टर तीन में रसोई गैस लीकेज के कारण धमाका होने के बाद हुडा चौकी प्रभारी रिसाल सिंह टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर जांच के दौरान किराएदार कविता ने मौके का हालात बताते हुए कहा कि सुबह रसोई गैस सिलेंडर बदलने के बाद अंकल सीढ़ियों में बैठकर कविता लिख रहे थे।
सफाई कर्मी महिला ने अंकल को कहा कि रसोई गैस लीकेज की बदबू आ रही है। जिसे अंकल ने भी महसूस किया और उसे देखने के लिए नीचे चले गए। इसके बाद जोर का धमाका हुआ और धुंआ ही धुंआ हो गया। मैं ऊपर से नीचे आई और देखा कि अंकल के कपड़ों में आग लगी थी और आंटी के हाथों में भी चोट थी। आस पड़ोस के लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
एक घंटे तक थमी रही आसपास के लोगों की सांसे
बेसमेंट में गैस लीकेज के कारण हुए धमाके के कारण साथ लगती दो कोठियों के शीशे टूट गए। पड़ोसियों के मुताबिक आवाज इतनी तेज थी कि घरों में रखा सामान भी एक बार हिल गया। जिसने भी आवाज सुनी वह घर से बाहर निकल आया। इसके बाद देखा कि कोठी में से धुंआ निकल रहा था। घटना के बाद सभी की सांसे अटकी रही जब तक रसोई गैस सिलेंडर को बाहर नहीं निकाल लिया गया। कोठी के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
शहर में जिसको भी घटना का पता चला वह घटनास्थल पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान दंपती और किराएदार एक महिला कोठी में मौजूद थी। घटनास्थल के पास ही प्राथमिक पाठशाला और पॉलीक्लीनिक और सिविल सर्जन कार्यालय है। धमाके की आवाज सुनने के बाद प्राथमिक पाठशाला के विद्यार्थी व स्टाफ तथा पॉलीक्लीनिक का स्टाफ भी सहम गया।
उपभोक्ता की भी जिम्मेदारी है, जांच करके लें सिलेंडर
गैस सिलेंडर वितरण एजेंसी के कर्मचारी की भी जिम्मेदारी है कि रिफिल देते समय जांच कर लें। इसके अलावा उपभोक्ता की भी जिम्मेदारी है कि वह सिलेंडर को जांच करने के बाद ही लें। घटना की जानकारी मिली है मैंने इंस्पेक्टर को जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एजेंसी संचालकों को भी आदेश जारी किए गए हैं। - प्रमोद कुमार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक