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एलएनजेपी में बत्ती गुल, अंधेरे में गूंजी पांच किलकारियां
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 17 Aug 2014 12:39 AM IST
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एलएनजेपी अस्पताल में बिना लाइट पांच डिलीवरी केस हुए और लगभग दो घंटे तक बिजली गुल रही। लाइट न होने से स्टाफ को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
हैरत है कि इस अवधि में अधिकारियों ने कोई भी वैकल्पिक प्रबंध नहीं किया। सभी एक-दूसरे पर बात टालते हुए बचते रहे। बताया है कि बिजली वायरिंग जलने से यह दिक्कत हुई।
ट्रांसफार्मर से मेन कनेक्शन में खराबी आई और फिर इसके बाद देखते ही देखते बत्ती गुल हो गई। यह हालात दो घंटे तक बने रहे और कोई व्यवस्था करने के बजाय अस्पताल में पांच डिलीवरी के केस हुए।
वहीं प्रसूति विभाग में दाखिल मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि आपातकालीन में ड्यूटी दे रहे डॉक्टर व अन्य स्टाफ परेशान नजर आए। शनिवार को बिजली न होने के कारण दो घंटे तक मरीज गर्मी में पडे़ रहे। मरीज पसीने से तर-बतर रहे।
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एमरजेंसी में भी यही हाल रहा
एमरजेंसी में भी पूरे दो घंटे तक बिजली गुल रही। यहां ड्यूटी देने वाले स्टाफ भी परेशानी झेलता रहा। दबी आवाज में कुछ कर्मियों ने कहा कि व्यवस्था की लापरवाही का नतीजा ही ऐसे हालात हैं।
दो घंटे तक नहीं हो पाए एक्स-रे
बिजली आपूर्ति ठप रहने पर पूरे दो घंटे तक एक्स-रे मशीन भी बंद रही। मरीज कतार में लगकर अस्पताल प्रशासन को कोसते रहे।
बता दें कि रोजाना सिविल अस्पताल में 100 से 150 एक्स-रे होते हैं और शनिवार को जब लाइट गुल हुई तो यहां काफी भीड़ थी।
प्रसूति विभाग में तीनों एसी बंद
एलएनजेपी का प्रसूति विभाग, जिसमें कहने को तो तीन वातानुकूलित सिस्टम हैं। लेकिन इनमें से एक भी काम नहीं कर रहा। दो सिस्टम तो बिल्कुल ठप हैं।
जबकि एक चल रहा है लेकिन कूलिंग नहीं कर रहा। यह सारे हालात अधिकारियों को मालूम हैं लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी सब देखकर अनदेखा कर रहे हैं।
क्योंकि उनके अपने कैबिन में तो एसी सिस्टम काम कर रहा है। ऐसे में महिला मरीजों और वहां ड्यूटी देने वाले स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक माह पहले लगा एसी भी खराब
अस्पताल में बने मेडिसिन काउंटर में पिछले माह ही एसी लगाया गया था लेकिन वह भी खराब हो गया है। हालांकि वातानुकूलित सिस्टम बंद होने की सूचना अधिकारियों दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एक माह से नहीं हुआ कनेक्शन
सीएमओ स्टोर में करीब एक माह पहले एसी लगाया गया। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही प्रत्यक्ष प्रमाण है कि एक माह पहले लगाए एसी का अभी तक कनेक्शन नहीं हो सका है।
सिफ दो घंटे रही समस्या : एमएस
एमएस डॉ. सुरेंद्र राणा ने कहा कि डिलीवरी बीच में नहीं रोकी जा सकती। एमरजेंसी में लाइट थी। जबकि कुछ तकनीकी खराबी के कारण अस्पताल के कुछ हिस्सों में बिजली सप्लाई बाधित रही। उन्होंने बताया कि यह समस्या केवल दो घंटे तक रही।
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हैरत है कि इस अवधि में अधिकारियों ने कोई भी वैकल्पिक प्रबंध नहीं किया। सभी एक-दूसरे पर बात टालते हुए बचते रहे। बताया है कि बिजली वायरिंग जलने से यह दिक्कत हुई।
ट्रांसफार्मर से मेन कनेक्शन में खराबी आई और फिर इसके बाद देखते ही देखते बत्ती गुल हो गई। यह हालात दो घंटे तक बने रहे और कोई व्यवस्था करने के बजाय अस्पताल में पांच डिलीवरी के केस हुए।
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वहीं प्रसूति विभाग में दाखिल मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि आपातकालीन में ड्यूटी दे रहे डॉक्टर व अन्य स्टाफ परेशान नजर आए। शनिवार को बिजली न होने के कारण दो घंटे तक मरीज गर्मी में पडे़ रहे। मरीज पसीने से तर-बतर रहे।
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एमरजेंसी में भी यही हाल रहा
एमरजेंसी में भी पूरे दो घंटे तक बिजली गुल रही। यहां ड्यूटी देने वाले स्टाफ भी परेशानी झेलता रहा। दबी आवाज में कुछ कर्मियों ने कहा कि व्यवस्था की लापरवाही का नतीजा ही ऐसे हालात हैं।
दो घंटे तक नहीं हो पाए एक्स-रे
बिजली आपूर्ति ठप रहने पर पूरे दो घंटे तक एक्स-रे मशीन भी बंद रही। मरीज कतार में लगकर अस्पताल प्रशासन को कोसते रहे।
बता दें कि रोजाना सिविल अस्पताल में 100 से 150 एक्स-रे होते हैं और शनिवार को जब लाइट गुल हुई तो यहां काफी भीड़ थी।
प्रसूति विभाग में तीनों एसी बंद
एलएनजेपी का प्रसूति विभाग, जिसमें कहने को तो तीन वातानुकूलित सिस्टम हैं। लेकिन इनमें से एक भी काम नहीं कर रहा। दो सिस्टम तो बिल्कुल ठप हैं।
जबकि एक चल रहा है लेकिन कूलिंग नहीं कर रहा। यह सारे हालात अधिकारियों को मालूम हैं लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी सब देखकर अनदेखा कर रहे हैं।
क्योंकि उनके अपने कैबिन में तो एसी सिस्टम काम कर रहा है। ऐसे में महिला मरीजों और वहां ड्यूटी देने वाले स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक माह पहले लगा एसी भी खराब
अस्पताल में बने मेडिसिन काउंटर में पिछले माह ही एसी लगाया गया था लेकिन वह भी खराब हो गया है। हालांकि वातानुकूलित सिस्टम बंद होने की सूचना अधिकारियों दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एक माह से नहीं हुआ कनेक्शन
सीएमओ स्टोर में करीब एक माह पहले एसी लगाया गया। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही प्रत्यक्ष प्रमाण है कि एक माह पहले लगाए एसी का अभी तक कनेक्शन नहीं हो सका है।
सिफ दो घंटे रही समस्या : एमएस
एमएस डॉ. सुरेंद्र राणा ने कहा कि डिलीवरी बीच में नहीं रोकी जा सकती। एमरजेंसी में लाइट थी। जबकि कुछ तकनीकी खराबी के कारण अस्पताल के कुछ हिस्सों में बिजली सप्लाई बाधित रही। उन्होंने बताया कि यह समस्या केवल दो घंटे तक रही।