{"_id":"602606a78ebc3ee9504fa83c","slug":"bjp-will-tell-farmers-the-truth-and-facts-of-farm-law","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन : किसानों को कृषि कानून के सत्य और तथ्य बताएगी भाजपा, सीएम-कृषि मंत्री ने संभाला मोर्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन : किसानों को कृषि कानून के सत्य और तथ्य बताएगी भाजपा, सीएम-कृषि मंत्री ने संभाला मोर्चा
Fri, 12 Feb 2021 10:12 AM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Feb 2021 10:12 AM IST
विज्ञापन
किसानों को कृषि कानून के फायदे बताएगी हरियाणा सरकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए कृषि कानूनों के विरुद्ध आंदोलन को नई धार देने के लिए जहां अन्नदाता एक बार फिर अंगड़ाई ले रहा है, वहीं भाजपा ने सत्य और तथ्य के आधार पर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं की अपनी चौधर को भांपते हुए सरकार भी फ्रंटफुट पर आ गई है।
विज्ञापन
सीएम मनोहर लाल के साथ कृषि मंत्री जेपी दलाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ मजबूती से सरकार का पक्ष रख रहे हैं। इन तीनों नेताओं के बिना किसी टकराव के सधे हुए तरीके से कमान संभालने पर संयुक्त किसान मोर्चा भी सतर्क हो गया है। भाजपा व सरकार के हमलावर होने पर मोर्चा के नेता पलटवार कर रहे हैं।
विज्ञापन
मोर्चा की नई रणनीति सरकार व भाजपा की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा किसानों को अपने साथ जोड़ने की है। इसे देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने फैसला लिया है कि पीएम नरेंद्र मोदी, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कृषि कानूनों के फायदे बताने वाले वक्तव्यों व बजट घोषणाओं को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश भाजपा ने इसके लिए कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है। नेतृत्व का मानना है कि कानूनों का सच व तथ्य किसानों तक पहुंचने से उनका नजरिया बदलेगा। खाप पंचायतों को भी समझाया जाएगा कि किसान जत्थेबंदियां राजनीति कर रही हैं।
विज्ञापन
यह किसान आंदोलन नहीं, कुर्सी का आंदोलन : दलाल
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि यह किसान आंदोलन नहीं, कुर्सी का आंदोलन है। हरियाणा के लोग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं से सतर्क रहें। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई टोल फ्री नहीं कराते, कोई प्रदर्शन नहीं करते। देश में 70-80 फीसदी फसलों की खरीद एमएसपी पर हरियाणा, पंजाब में होती है तो यहां आंदोलन क्यों हो रहा है। किसान नेताओं में अपनी चौधर की लड़ाई शुरू हो चुकी है। कांग्रेस को लगता है कि खाप और किसान नेताओं के माध्यम से सरकार को गिरा सकती है लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ेगी।किसानों के प्रति ईमानदार नहीं कांग्रेस : धनखड़
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ का कहना है कि किसान जत्थेबंदियां राजनीति का शिकार हो चुकी हैं। कांग्रेस किसानों के प्रति ईमानदार नहीं है। उसकी दोगली नीति सब जगह स्पष्ट हो चुकी है। किसानों को आधार बनाकर कांग्रेस जो अविश्वास प्रस्ताव ला रही है, वह औंधे मुंह गिरेगा। उसके पास संख्या बल नहीं है। भाजपा किसानों को जागरूक कर रही है। उन्हें बजट के फायदे समझा रहे हैं।