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पंजाब चुनाव: आप ने फेरा विपक्षी दलों के वोट बैंक पर झाडू़, भाजपा का वोट शेयर बढ़ा लेकिन सीटें घटीं

Sun, 13 Mar 2022 04:37 PM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 13 Mar 2022 04:37 PM IST
सार

अकालियों से अलग होकर भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ा लेकिन सीटें घट गईं। पार्टी की पिछले विधानसभा चुनाव में तीन सीटें आईं थी। जो इस चुनाव में घटकर दो रह गईं।

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BJP vote share increased but seats decreased in Punjab elections
आम आदमी पार्टी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने ऐसी झाड़ू चलाई कि बाकी राजनीतिक दलों के सामने वोट बैंक बचाने का संकट खड़ा हो गया। भाजपा से अलग होने के बाद अकाली दल हाशिए पर आ गया है। सिद्धू और चन्नी के दम पर ताल ठोक रही कांग्रेस को करारी मात मिली है। भाजपा का वोट शेयर बढ़ा लेकिन सीटें घट गई हैं।

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पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 23.72 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ था। आप ने पंजाब में 20 सीटें हासिल कर नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी हथियाई। इस बार आंकड़ा 92 सीट पर पहुंच गया ओर वोट शेयर लगभग दोगुना होकर 42 प्रतिशत हो होगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसमें सीधे तौर पर नुकसान कांग्रेस और अकालियों का है।
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कांग्रेस को पिछले चुनाव में 38.50 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे और 77 सीटें हासिल की थीं। पांच साल में ही पंजाब की जनता ने आसमान से उठाकर पार्टी को जमीन पर ला दिया। इस चुनाव में सीटें 77 से घटकर 18 रह गईं और वोट प्रतिशत 22.98 रह गया। अब कांग्रेसियों को यह जवाब देते नहीं बन रहा है कि वोट किस वजह से नहीं मिले।

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पंजाब की राजनीति में खासा दखल रखने वाला बादल परिवार एक भी सीट नहीं जीत पाया। हालात ये हुए कि अकालियों को इस चुनाव मे तीन ही सीटें मिलीं। पार्टी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। वजह साफ है जनता की नाराजगी। अकालियों को इस बार 18.38 प्रतिशत ही वोट मिला है। जबकि पिछली बार 25.24 प्रतिशत वोट मिले थे और 15 सीटें हासिल हुई थीं।

अकालियों से अलग होकर भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ा लेकिन सीटें घट गईं। पार्टी की पिछले विधानसभा चुनाव में तीन सीटें आईं थी। जो इस चुनाव में घटकर दो रह गईं। पार्टी को अकालियों के साथ गठबंधन में पिछले चुनाव में 5.39 प्रतिशत वोट मिला था। इस बार अकेले लड़ने पर यह वोट शेयर बढ़कर 6.60 प्रतिशत हो गया लेकिन फायदा खास नहीं हुआ।

अन्य दलों को कितने फीसदी मिले वोट

  • पार्टी                    प्रतिशत
  • बीएसपी                1.77
  • सीपीआई               0.05
  • सीपीआई(एम)       0.06
  • नोटा                     0.71
  • आरएसपी              0.01
  • सपा                      0.03
  • अन्य                    7.35
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