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Chandigarh: कांग्रेस की रणनीति भांप भाजपा ने लोकल चेहरे पर लगाया दांव, ये हैं संजय टंडन की उम्मीदवारी के कारण
Thu, 11 Apr 2024 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक/रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Apr 2024 11:03 AM IST
सार
2016 के चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से पार्टी हाईकमान खुश था। यही कारण है कि पार्टी की तरफ से टंडन पर भरोसा जताया गया है। अगर वह लोकसभा चुनाव में जीतकर आते हैं, तो नगर निगम में भी उनका भागीदारी रहेगी, क्योंकि नगर सांसद नगर निगम में भी एक्स ऑफिसियो मेंबर होता है।
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संजय टंडन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा हाईकमान ने चंडीगढ़ संसदीय सीट से इस बार लोकल चेहरे संजय टंडन पर भरोसा जताया है। इसका सबसे बड़ा कारण है सांसद किरण खेर का लगातार लोगों से टूटता संपर्क। चाहे फिर वह सांसद किरण खेर की तबीयत ठीक न रहना वजह हो या फिर प्रदेश इकाई की गुटबाजी।
किरण खेर को तीसरी बार टिकट देने को लेकर लंबे अरसे से प्रदेश इकाई के कई नेता पार्टी हाईकमान के समक्ष अपना विरोध जाहिर कर चुके थे। यहां तक की पार्टी हाईकमान ने इस बार चंडीगढ़ सीट से ग्राउंड लेवल पर पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से जो फिडबैक लिया, उसमें भी किरण खेर का खुलकर विरोध सामने आया था। ऐसे में पार्टी हाईकमान ने संजय टंडन पर भरोसा जताया।
पार्टी हाईकमान ने संजय टंडन को चंडीगढ़ से इसलिए भी अपना प्रत्याशी घोषित किया है क्योंकि वह लंबे अरसे 10 वर्षों तक (2010 से 2019) चंडीगढ़ भाजपा के प्रधान पद पर रहे। लगातार 10 वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर जमीनी स्तर पर हर कार्यकर्ता के संपर्क बनाए रखने, पार्टी की हर मजबूती और कमजोरी को वह अच्छे से परख चुके हैं। चंडीगढ़ में भाजपा का किन वर्गो और क्षेत्रों में जनता का आधार है, वह अच्छे से जानते हैं। इसके अलावा सामाजिक तौर पर टंडन चंडीगढ़ में एक बड़ा नाम हैं। वह पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट और कंपीटेंट ग्रुप के चेयरमैन होने के नाते उनका चंडीगढ़ के उद्योगपतियों और कारोबारियों में बड़ा प्रभाव है।
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टंडन की अगुवाई में नगर निगम में जीती थी 20 सीटें
2016 के नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने रिकाॅर्ड 20 सीटें जीती थी और उस समय टंडन ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। नोटबंदी लागू होने के बाजवूद भाजपा का चुनाव में अच्छा प्रदर्शन रहा था। इस चुनाव में कांग्रेस मात्र 4 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि इसके बाद वर्ष 2021 चुनाव में भाजपा अपने इस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाई और उस चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
जनता के संपर्क में रहते हैं टंडन
संजय टंडन जनता से जुड़े हर मुद्दे पर उनके बीच जाकर संपर्क बनाते आए हैं। यहां तक की चंडीगढ़ प्रशासन में एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य के रूप में रहते हुए उन्होंने शहर की कई बड़ी समस्याएं जैसे नीड बेस्ड चेंज, शहर की अवैध कॉलोनी में बसे लोगों को पीएम आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराए जाने, यूटी क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान पद पर रहकर शहर के क्रिकेट खिलाड़ियों को उभारने तक में उनकी अहम भूमिका रही है। टंडन के प्रयासों से ही चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2023 में स्पोर्ट्स पॉलिसी लॉन्च की।
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किरण खेर को तीसरी बार टिकट देने को लेकर लंबे अरसे से प्रदेश इकाई के कई नेता पार्टी हाईकमान के समक्ष अपना विरोध जाहिर कर चुके थे। यहां तक की पार्टी हाईकमान ने इस बार चंडीगढ़ सीट से ग्राउंड लेवल पर पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से जो फिडबैक लिया, उसमें भी किरण खेर का खुलकर विरोध सामने आया था। ऐसे में पार्टी हाईकमान ने संजय टंडन पर भरोसा जताया।
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पार्टी हाईकमान ने संजय टंडन को चंडीगढ़ से इसलिए भी अपना प्रत्याशी घोषित किया है क्योंकि वह लंबे अरसे 10 वर्षों तक (2010 से 2019) चंडीगढ़ भाजपा के प्रधान पद पर रहे। लगातार 10 वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर जमीनी स्तर पर हर कार्यकर्ता के संपर्क बनाए रखने, पार्टी की हर मजबूती और कमजोरी को वह अच्छे से परख चुके हैं। चंडीगढ़ में भाजपा का किन वर्गो और क्षेत्रों में जनता का आधार है, वह अच्छे से जानते हैं। इसके अलावा सामाजिक तौर पर टंडन चंडीगढ़ में एक बड़ा नाम हैं। वह पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट और कंपीटेंट ग्रुप के चेयरमैन होने के नाते उनका चंडीगढ़ के उद्योगपतियों और कारोबारियों में बड़ा प्रभाव है।
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टंडन की अगुवाई में नगर निगम में जीती थी 20 सीटें
2016 के नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने रिकाॅर्ड 20 सीटें जीती थी और उस समय टंडन ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। नोटबंदी लागू होने के बाजवूद भाजपा का चुनाव में अच्छा प्रदर्शन रहा था। इस चुनाव में कांग्रेस मात्र 4 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि इसके बाद वर्ष 2021 चुनाव में भाजपा अपने इस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाई और उस चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
जनता के संपर्क में रहते हैं टंडन
संजय टंडन जनता से जुड़े हर मुद्दे पर उनके बीच जाकर संपर्क बनाते आए हैं। यहां तक की चंडीगढ़ प्रशासन में एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य के रूप में रहते हुए उन्होंने शहर की कई बड़ी समस्याएं जैसे नीड बेस्ड चेंज, शहर की अवैध कॉलोनी में बसे लोगों को पीएम आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराए जाने, यूटी क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान पद पर रहकर शहर के क्रिकेट खिलाड़ियों को उभारने तक में उनकी अहम भूमिका रही है। टंडन के प्रयासों से ही चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2023 में स्पोर्ट्स पॉलिसी लॉन्च की।