भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने कहा- पंजाब में हिंदू-सिख एकता खतरे में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब भाजपा के प्रधान श्वेत मलिक ने पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के बयान का समर्थन किया है कि जस्टिस रंजीत सिंह की रिपोर्ट के बाद पंजाब में हिंदू- सिख भाईचारा खतरे में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब में शिअद को तोड़ने का समर्थन कर रही है और इससे आतंकवाद पनप सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार को गांधी जयंती पर कांग्रेस गद्दी छोड़ो पद यात्रा का नेतृत्व करने पहुंचे थे।
पदयात्रा की अध्यक्षता जिला भाजपा अध्यक्ष रमन पब्बी ने की। इस दौरान बहिबल कलां और बरगाड़ी कांड के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से हिंदू-सिख भाईचारा कैसे खतरे में पड़ेगा, इस पर श्वेत मलिक साफ कुछ नहीं कह पाए, लेकिन उन्होंने कहा कि पंजाब में जैसा माहौल कैप्टन ने बना दिया है, उससे हिंदू-सिख भाईचारा खतरे में है।
ब्यूरोक्रेट्स चला रहे हैं सरकार
प्रेस कांफ्रेंस में मलिक ने दावा किया कि पंजाब में तानाशाही रवैया चल रहा है। कैप्टन खुद तो सरकार चलाते नहीं, उनके स्थान पर ब्यूरोक्रेट सुरेश कुमार सरकार चला रहे हैं। ब्यूरोक्रेट व राजनीतिज्ञ दो पहिये होते हैं, जिससे सरकार चलती है लेकिन यहां तो सिर्फ एक पहिये के सहारे सरकार चल रही है।
भाजपा प्रदेश प्रधान मलिक ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज कैप्टन की सरकार ने भारतीय जनता पार्टी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। यह कैप्टन अमरिंदर सिंह की निजी सरकार बन गई है। पंजाब में लैंड माफिया रेत माफिया और शराब माफिया बुरी तरह से हावी हो चुका है। उन्होंने कहा कि राजा ने मेरा मुंह बंद करने की कोशिश की, तो मेरी आवाज भाजपा का हर कार्यकर्ता उठाएगा।
मलिक ने कहा कि पंजाब में बुढ़ापा पेंशन, सुविधा सेंटर, शगुन स्कीम, आंगनबाड़ी सेंटर, सरकारी स्कूल, आटा दाल स्कीम, नौकरियां और किसानों को मिलने वाली सहूलियतें बंद हैं। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला, महासचिव राकेश राठौर, प्रवीण बंसल, मनोरंजन कालिया, महेंद्र भगत, कृष्ण देव भंडारी, पूर्व मेयर सुनील ज्योति, संगठन मंत्री दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा सनी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रीना जेटली समेत भाजपा के प्रदेश के तमाम नेता मौजूद थे।