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सैफुल्ला का शव लेने से इंकार करने वाले पिता सरताज को लेकर BJP मंत्री का ट्वीट
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
Updated Fri, 10 Mar 2017 09:19 AM IST
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मारा गया आतंकी सैफुल्लाह
- फोटो : amar ujala
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आतंकी सैफ्ल्ला का शव लेने से इंकार करने वाले पिता सरताज को लेकर दिग्गज भाजपाई मंत्री ने ट्वीट किया। इसके जरिये उन्होंने बड़ा बयान दिया है। अकसर सुर्खियों ने रहने वाले हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने यह ट्वीट किया।
उन्होंने लिखा कि मैं सरताज को सेल्यूट करता हूं। देशद्रोही बेटे का शव लेने से इंकार करके उन्होंने सच्चा देशभक्त होने का प्रमाण दिया। उन्होंने दिखा दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम भारत देश के नागरिक हैं और देशद्रोहियों को माफ नहीं करेंगे, चाहे वे अपने ही क्यों न हों।
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उन्होंने लिखा कि मैं सरताज को सेल्यूट करता हूं। देशद्रोही बेटे का शव लेने से इंकार करके उन्होंने सच्चा देशभक्त होने का प्रमाण दिया। उन्होंने दिखा दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम भारत देश के नागरिक हैं और देशद्रोहियों को माफ नहीं करेंगे, चाहे वे अपने ही क्यों न हों।
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I salute Sartaj father of terrorist Saifulla for refusing to accept body of traitor son.
— ANIL VIJ Minister (@anilvijminister) March 9, 2017
जो देश का नहीं, वह मेरा बेटा नहीं हो सकता
सैफुल्ला
- फोटो : amar ujala
यूपी एटीएस के हाथों लखनऊ में मारे गए आईएस से जुड़े आतंकी सैफुल्ला का शव लेने से पिता सरताज ने इनकार कर दिया। कानपुर के जाजमऊ में रहने वाले सरताज ने कहा कि जो देश का नहीं, वह मेरा बेटा नहीं हो सकता। उसे यही सजा मिलनी चाहिए थी।
सैफुल्ला के दो भाइयों ने भी शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से इनकार कर दिया। जाजमऊ के मनोहर नगर में रहने वाले सरताज प्राइवेट नौकरी करते हैं। दो बेटे खालिद और मुजाहिद साथ में रहने के साथ ही टेनरी में प्राइवेट नौकरी करते हैं।
छोटा बेटा सैफुल्ला ढाई महीने पहले घर छोड़कर चला गया था। वह कहां और किसके साथ था, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। पिता ने बताया कि कोई काम-धंधा नहीं करने पर उसे डांटा-मारा था। वह उनकी कोई बात ही नहीं सुनता था।
काम-धंधा करने को कहते थे पर वह सुनता नहीं था। इससे उससे चिढ़ हो गई थी। पिता ने बताया कि मंगलवार को वह रिश्तेदारी में शादी में गए थे, वहीं शाम को इस बारे में पता चला था। फिर रिश्तेदारों ने वहीं रोक लिया था।
सैफुल्ला के दो भाइयों ने भी शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से इनकार कर दिया। जाजमऊ के मनोहर नगर में रहने वाले सरताज प्राइवेट नौकरी करते हैं। दो बेटे खालिद और मुजाहिद साथ में रहने के साथ ही टेनरी में प्राइवेट नौकरी करते हैं।
छोटा बेटा सैफुल्ला ढाई महीने पहले घर छोड़कर चला गया था। वह कहां और किसके साथ था, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। पिता ने बताया कि कोई काम-धंधा नहीं करने पर उसे डांटा-मारा था। वह उनकी कोई बात ही नहीं सुनता था।
काम-धंधा करने को कहते थे पर वह सुनता नहीं था। इससे उससे चिढ़ हो गई थी। पिता ने बताया कि मंगलवार को वह रिश्तेदारी में शादी में गए थे, वहीं शाम को इस बारे में पता चला था। फिर रिश्तेदारों ने वहीं रोक लिया था।