महज 4 कैंपनरों के सहारे मोर्चा फतह करेगी भाजपा, ये रही रणनीति
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पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान में सबसे पीछे रह गई भारतीय जनता पार्टी ने अगले दस दिनों में अपने हिस्से की 23 सीटों पर प्रचार की रणनीति बना ली है।
पार्टी ने अपने कुछ स्टार कैंपेनर भी उतार दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की 27 व 29 जनवरी को दो बड़ी रैलियों का एलान हो चुका है। चार कैंपेनरों केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल, पार्टी के पंजाब प्रभारी नरेंद्र तोमर और अविनाश राय खन्ना के साथ भाजपा ने अपने हिस्से की सीटों पर घर-घर जाकर भाजपा की नीतियों की वोटरों को जानकारी देने का काम शुरू किया है।
वैसे प्रदेश में भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार का दूसरा फेज शुरू किया है। इससे पहले पार्टी बूथ व जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन कर अपने नेताओं और वर्करों को चुनाव प्रचार में उतार चुकी है।
उस दौरान भी पार्टी वर्करों ने घर-घर पहुंचकर वोटरों को मोदी सरकार के विकास कार्यक्रमों की और पंजाब में शिअद-भाजपा गठबंधन की ओर से बीते दस साल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी थी।
अब मतदान से पहले चुनाव प्रचार को केवल दस दिन का समय ही शेष बचा है। ऐसे में भाजपा ने इस समय का सदुपयोग करते हुए प्रचार के दूसरे फेज की रणनीति बनाकर लागू भी कर दी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली हो रहे सक्रिय
पार्टी ने सभी 23 सीटों पर चुनाव इंचार्जों की नियुक्ति भी कर दी गई है और भाजपा महिला मोर्चा ने भी अपनी ओर से चुनाव इंचार्जों को नियुक्त किया है। पार्टी के स्टार कैंपेनर इन दस दिनों के दौरान हर रोज दो से चार रैलियां करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 27 जनवरी को जालंधर पहुंच रहे हैं, जहां वे भाजपा-शिअद के इस क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करते हुए रैली को संबोधित करेंगे। उसके बाद 29 जनवरी को लुधियाना में रैली को संबोधित करेंगे।
हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल, पार्टी के पंजाब प्रभारी नरेंद्र तोमर और अविनाश राय खन्ना शुक्रवार से ही प्रचार में सक्रिय हो गए हैं।
पठानकोट जिले के हलकों में रैलियां करने के बाद शनिवार को वे अमृतसर जिले के विधानसभा हलकों में प्रचार कर रहे थे। नरेंद्र तोमर और खन्ना ने भी अन्य हलकों में चुनावी रैलियां शुरू कर दी हैं।
फिर भी, यह कहा जा सकता है कि प्रदेश में भाजपा का चुनाव प्रचार पीएम मोदी के आगमन से ही चरम पर पहुंचेगा। हालांकि, पीएम की रैलियों के बाद चुनाव प्रचार के लिए तीन दिन का ही समय बचेगा।
अपनी 23 सीटों पर देर से दर्ज कराई पार्टी ने मौजूदगी
पिछले साल जून-जुलाई में आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब में चुनावी मुहिम शुरू करने के साथ ही पूरे प्रदेश में चुनावी माहौल बनने लगा था। सत्तारूढ़ गठबंधन में शिअद ने आप को उसी समय से चुनौती देनी शुरू कर दी ,लेकिन भाजपा में रणनीतिक बैठकों का दौर चलता रहा।
कांग्रेस ने भी शिअद के तेवर देखते हुए कैप्टन अमरिंदर के नेतृत्व में चुनाव अभियान शुरू कर दिया, हालांकि प्रत्याशी और पार्टी मेनिफेस्टो तक तय नहीं हुए थे। भाजपा ने कुछ रैलियों का आयोजन तो किया, लेकिन वह संबंधित क्षेत्र और समाज तक ही सीमित रह गईं।
इसे भाजपा की लेटलतीफी ही कहा जाएगा कि नामांकन दाखिल करने की तिथि वाले दिन तक पार्टी के प्रत्याशियों का निर्धारण हो रहा था। हालांकि पार्टी ने यह एलान भी पहले ही कर दिया था कि उसके प्रत्याशियों के नामों की घोषणा 18 जनवरी तक होगी।
प्रत्याशियों का एलान हो जाने के बाद ही संबंधित सीटों पर पार्टी वर्करों को भी लक्ष्य मिल गया है और वे प्रचार अभियान में जुट गए हैं। बीते एक हफ्ते के दौरान पार्टी के आला अधिकारियों के साथ ही सभी विंग- एससी मोर्चा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा व अल्पसंख्यक मोर्चा की सक्रियता बढ़ गई है। आखिरकार, हर वोटर को अपने साथ जोड़ने के लिए पार्टी के पास केवल दस दिन शेष हैं।
पार्टी इन दस दिनों में अपने प्रचार अभियान का दूसरा फेज पूरा कर लेगी और पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हर वोटर तक पहुंचकर उन्हें पार्टी की भावी कार्यक्रम की जानकारी देंगे। -विनीत जोशी, सचिव पंजाब भाजपा