सियासत: नवजोत सिंह सिद्धू के झटके से हाईकमान खफा, अमरिंदर सिंह को भाजपा में मिल रही सहानुभूति
कभी भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में टॉप टेन नामों में शामिल रहे नवजोत सिंह सिद्धू इस समय भाजपा को अखरने लगे हैं। कैप्टन ने मौका भांप कर राष्ट्रीय सुरक्षा पर अजीत डोभाल से मुलाकात में सिद्धू की जमकर मुखालफत की है। कैप्टन ने सिद्धू को यहां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सिद्धू को चुनाव न जीतने देने का एलान किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी का विजय रथ रोकने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह अब भाजपा के हमदर्द बन गए हैं, जबकि भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में घर बनाने पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस की आंखों की किरकिरी बन कर रह गए हैं। सिद्धू का इस्तीफे का दांव उनके लिए खतरनाक साबित हुआ है, आलाकमान इस पैंतरे से खफा है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा को मुद्दा बना चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू को धूल चटाने के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार हैं।
यह भी पढ़ें- पंजाब: आम आदमी पार्टी सिद्धू को शामिल करेगी या नहीं, दिग्गज नेता ने किया स्पष्ट, राजनीतिक गलियारों में चर्चा खूब
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद कैप्टन ने शुरू से लेकर अब तक सिर्फ एक ही बात की है। उन्होंने कहा है कि सिद्धू पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। अपनी इस बात के सहारे वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गए हैं। उनका यह राष्ट्रवादी स्वभाव भाजपा को रास आ रहा है। वे भाजपा में शामिल होते हैं या नहीं यह उनके ऊपर है लेकिन भाजपा का विजय रथ रोकने के बावजूद कैप्टन को मोदी खेमे से सहानुभूति डटकर मिल रही है।
कारण साफ है कि पंजाब में अकाली दल से भाजपा का गठबंधन टूट चुका है। प्रकाश सिंह बादल को सिर माथे पर रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को स्वीकार किया। एक बार भी यह नहीं कहा गया कि इस्तीफे पर विचार किया जाएगा या नहीं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की बड़े बादल से हमदर्दी तो है लेकिन किसान आंदोलन के नाम पर अकाली दल की राजनीति बर्दाश्त नहीं है। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर भले ही कृषि कानूनों के विरोध में शामिल रहे हैं लेकिन उनका ताजा चेहरा भाजपा को अच्छा लग रहा है। कांग्रेस मुक्त भारत का सपना लेकर निकली भाजपा को पंजाब में इस समय प्रकाश सिंह बादल को छोड़ने के बाद कैप्टन का आभामंडल भा रहा है।
यह भी पढ़ें- Amit Shah Captain Amarinder Meeting: पंजाब में मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी समेत दर्जनों नेता अमरिंदर के संपर्क में
गुरु को गफलत में डाल गए कैप्टन
पंजाब की सियासत इस समय गर्म है। चुनाव सिर पर है और राष्ट्रीय सुरक्षा बड़ा मसला है। बॉर्डर स्टेट होने के कारण पंजाब की जनता भी यह चाहती है कि जो सरकार बने वह उनके जानमाल की सुरक्षा की गारंटी ले। आतंकवादी हमले भी पंजाब में होते रहे हैं। ऐसे में सही टाइमिंग पर सही शॉट खेलते हुए कैप्टन ने गुरु के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। इमरान खान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख से झप्पी डालने का गुरु का यह पैंतरा उनके लिए उलटा साबित हुआ है। अभी तक इस मुद्दे पर सिद्धू का कोई भी बयान या सफाई नहीं आई है।