भाजपा-जजपा गठबंधन के वादों की फेहरिस्त पर मोहर लगाएंगे अनिल विज और दुष्यंत चौटाला
हरियाणा में भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार का विजन गृह मंत्री अनिल विज और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तय करेंगे। इसके साथ ही यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक साझा सरकार की गाड़ी कितनी रफ्तार से दौड़ेगी। सरकार गठन के बाद इंतजार कर रही प्रदेश की जनता के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर पहली कलम 28 नवंबर को चलेगी।
गृह मंत्री अनिल विज और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इस दौरान सराकर के वादों और इरादों की तस्वीर साफ करेंगे। सूबे की जनता को भी बेसब्री से इस बात का इंतजार है कि चुनावी मंच से किए गए वादों में से साझा सरकार अब किन वादों को सिरे चढ़ाएगी।
सरकार की योजना न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत दोनों दलों जजपा और भाजपा के प्रमुख वादों को शामिल कर आगे बढ़ने की है। भाजपा के गठबंधन सहयोगी जजपा के जन सेवा पत्र में अनेक वादे ऐसे भी हैं, जिन्हें लागू करने में पेच फंस सकता है। इसलिए भाजपा हर कदम फूंक-फूंक कर रखेगी ताकि जजपा के साथ रिश्तों में कोई खटास न आए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधानसभा सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अपने जवाब में कह चुके हैं कि अभिभाषण के जरिये पांच साल का जो रोडमैप दिखाया है। उसमें 12 घोषणाएं दोनों दलों के चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल हैं।
428 वादों पर होगा विचार
सरकार का कहना है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम को परवान चढ़ाने के लिए बजट रोड़ा नहीं बनेगा। भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश की जनता के साथ 268 और जजपा ने 160 वादे किए हैं। इन 428 वादों में 72 वादे ऐसे हैं, जो दोनों राजनीतिक दलों के चुनाव घोषणा पत्र में कहीं न कहीं मेल खाते हैं। 12 घोषणाएं तो पूरी तरह कॉमन हैं। इन वादों को पूरा करने पर मात्र 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च होना प्रस्तावित है।
बीएसी में मिली विज और दुष्यंत को जगह
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में इस बार गृह मंत्री अनिल विज और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जगह मिली है। पिछली बार वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु इस कमेटी में थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री के नाते दुष्यंत चौटाला को कमेटी में शामिल किया जाएगा। कमेटी में स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, मुख्यमंत्री मनेाहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं।