भाजपा सरकार का फरमान, स्कूलों में पढ़ाई जाएगी गीता
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भाजपा सरकार अगले सत्र से राज्य के स्कूलों के पाठ्यक्रम में गीता का अध्ययन लागू करने जा रही है। प्रदेश के शिक्षामंत्री ने इसके लिए तैयारियां शुरू करा दी हैं। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए एक सलाहकार समिति गठित की जाएगी और उसकी रिपोर्ट पर यह तय किया जाएगा कि किस तरह से पाठ्यक्रम में गीता को लागू किया जाए।
यह खुलासा शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने किया है। बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में उन्होंने कहा कि हम एक समिति बनाकर इसके हर पहलू पर विचार करेंगे और संभव हुआ तो अगले सत्र से गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करवा दिया जाएगा।
उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी
शिक्षामंत्री ने बताया कि स्कूलों में गीता की पढ़ाई लागू करने के लिए शिक्षाविदों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो इस विषय पर कार्य करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद अगले सत्र से इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि स्कूलों में गीता के अध्ययन के विचार को देवबंद के दारुल उलूम सहित कई इस्लामिक धर्मगुरुओं ने भी सराहा है।
उन्होंने दावा किया दारुल उलूम देवबंद ने भी इसके समर्थन की बात कही है। उन्होंने कहा कि जबसे मैंने पाठ्यक्रम में गीता पढ़वाने की बात कही है तब से मेरे पास इस विषय के समर्थन में हजारों मैसेज आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि छह जनवरी को दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में मैंने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के सामने भी स्कूलों में गीता की पढ़ाई का प्रस्ताव रखा था। मुझे उम्मीद है कि केंद्रीय स्तर पर यह बात मानी जाएगी और पूरे देश के स्कूलों में गीता पढ़ाई जाएगी।