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हरियाणा में 22 साल बाद छात्र संघ चुनाव, नेताओं को पूरी करनी होंगी 5 शर्तें...वरना पछताएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:15 AM IST
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Student Union Election
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हरियाणा में 22 साल बाद 17 अक्तूबर को छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन इस बार छात्र नेताओं को पांच शर्तों पर खास अमल करना होगा, वरना पछताएंगे। दरअसल, हरियाणा सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए कमर कस ली है।
कोई भी मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक या पूर्व विधायक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों को अपनी पार्टी के समर्थित छात्र संगठनों की ओर आकर्षित नहीं कर पाएंगे। सरकार ने 12 अक्टूबर के बाद नेताओं के कालेजों-यूनिवर्सिटी में जाने पर रोक लगा दी है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर सीएम मनोहर लाल ने दोपहर बाद तीन बजे सभी जिलों के डीसी, एसपी और 11 विश्वविद्यालयों के वीसी के साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग की।
बीएड कॉलेजों में चुनाव नहीं: सीएम
सीएम ने कहा कि 3 वर्ष से अधिक समय से चल रहे सभी महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएंगे, जबकि बीएड कॉलेजों में इस बार चुनाव नहीं होंगे। चुनावों में शांति व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन व पुलिस का पहला कार्य है।
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प्रवेश द्वारों पर लगेंगे सीसीटीवी, होगी वीडियोग्राफी
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने शिक्षण संस्थानों में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यथासंभव शिक्षण संस्थानों के मुख्यद्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां फोन कर सहायता की मांग की जा सकती है।
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कोई भी मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक या पूर्व विधायक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों को अपनी पार्टी के समर्थित छात्र संगठनों की ओर आकर्षित नहीं कर पाएंगे। सरकार ने 12 अक्टूबर के बाद नेताओं के कालेजों-यूनिवर्सिटी में जाने पर रोक लगा दी है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर सीएम मनोहर लाल ने दोपहर बाद तीन बजे सभी जिलों के डीसी, एसपी और 11 विश्वविद्यालयों के वीसी के साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग की।
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बीएड कॉलेजों में चुनाव नहीं: सीएम
सीएम ने कहा कि 3 वर्ष से अधिक समय से चल रहे सभी महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएंगे, जबकि बीएड कॉलेजों में इस बार चुनाव नहीं होंगे। चुनावों में शांति व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन व पुलिस का पहला कार्य है।
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प्रवेश द्वारों पर लगेंगे सीसीटीवी, होगी वीडियोग्राफी
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने शिक्षण संस्थानों में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यथासंभव शिक्षण संस्थानों के मुख्यद्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां फोन कर सहायता की मांग की जा सकती है।
बिना पोस्टर-बैनर पांच हजार रुपये में ही लड़ना होगा चुनाव
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- फोटो : file photo
छात्र संघ चुनाव कराने के लिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसे शासन को भेजा गया है। इसी रिपोर्ट के अनुसार ही छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। कमेटी ने अप्रत्यक्ष तौर पर चुनाव कराने की सिफारिश की थी।
प्रत्याशियों को इन नियमों का करना होगा पालन
चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों को कई नियमों का पालन करना होगा। प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए केवल पांच हजार रुपये खर्च कर सकेंगे। गैप ईयर वाले विद्यार्थी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यूजी में 17 से 22 साल की उम्र वाले विद्यार्थी ही नामांकन कर सकेंगे। प्रत्याशी जाति, धर्म, समुदाय विशेष के नाम पर वोट की अपील नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने वालों को चुनाव से बाहर किया जा सकता है।
छात्र राजनीति के सदस्य किसी नेता के नाम पर वोट नहीं मांगेंगे। प्रचार के लिए वाहन का उपयोग कर सकेंगे। प्रचार वाहन पर किसी तरह का पोस्टर बैनर नहीं होना चाहिए। प्रत्याशी पोस्टर, बैनर, पंपलेट नहीं बनवा सकेंगे। हाथ से बने पोस्टर और पंपलेट का उपयोग किया जा सकेगा। प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का उपयोग नहीं होगा।
प्रत्याशियों को इन नियमों का करना होगा पालन
चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों को कई नियमों का पालन करना होगा। प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए केवल पांच हजार रुपये खर्च कर सकेंगे। गैप ईयर वाले विद्यार्थी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यूजी में 17 से 22 साल की उम्र वाले विद्यार्थी ही नामांकन कर सकेंगे। प्रत्याशी जाति, धर्म, समुदाय विशेष के नाम पर वोट की अपील नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने वालों को चुनाव से बाहर किया जा सकता है।
छात्र राजनीति के सदस्य किसी नेता के नाम पर वोट नहीं मांगेंगे। प्रचार के लिए वाहन का उपयोग कर सकेंगे। प्रचार वाहन पर किसी तरह का पोस्टर बैनर नहीं होना चाहिए। प्रत्याशी पोस्टर, बैनर, पंपलेट नहीं बनवा सकेंगे। हाथ से बने पोस्टर और पंपलेट का उपयोग किया जा सकेगा। प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का उपयोग नहीं होगा।
चुनाव लड़ने की शर्तें
PUSU Support Congress
- फोटो : File Photo
- अंडर ग्रेजुएट कोर्स में सीआर बनने के लिए 17-22 साल की उम्र होनी चाहिए
- पीजी कोर्स में सीआर चुनाव के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए
- पिछले सेमेस्टर में कम से कम पासिंग मार्क्स होने चाहिए
- स्टूडेंट्स गैप ईयर का होगा तो चुनाव नहीं लड़ पाएगा
- चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत हाजिरी होनी चाहिए
- रेगुलर स्टूडेंट्स ही छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन कर सकेगा
तय सीमा से अधिक खर्च किया तो चुनाव रद्द
छात्र संघ चुनाव में प्रत्याशी को 14 दिन में चुनाव खर्च का ब्योरा यूनिवर्सिटी को देना होगा। यूनिवर्सिटी के लेखा विभाग की टीम इसकी जांच करेगी। इसके बाद सभी के खर्च ब्योरे का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। अगर किसी प्रत्याशी ने तय सीमा से अधिक खर्च किया मिला तो उसका चुनाव रद्द माना जाएगा। यह खर्च किसी राजनीतिक दल से नहीं लिया जाएगा। प्रत्याशी चंदे के जरिये फंड जुटा सकते हैं।
- पीजी कोर्स में सीआर चुनाव के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए
- पिछले सेमेस्टर में कम से कम पासिंग मार्क्स होने चाहिए
- स्टूडेंट्स गैप ईयर का होगा तो चुनाव नहीं लड़ पाएगा
- चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत हाजिरी होनी चाहिए
- रेगुलर स्टूडेंट्स ही छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन कर सकेगा
तय सीमा से अधिक खर्च किया तो चुनाव रद्द
छात्र संघ चुनाव में प्रत्याशी को 14 दिन में चुनाव खर्च का ब्योरा यूनिवर्सिटी को देना होगा। यूनिवर्सिटी के लेखा विभाग की टीम इसकी जांच करेगी। इसके बाद सभी के खर्च ब्योरे का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। अगर किसी प्रत्याशी ने तय सीमा से अधिक खर्च किया मिला तो उसका चुनाव रद्द माना जाएगा। यह खर्च किसी राजनीतिक दल से नहीं लिया जाएगा। प्रत्याशी चंदे के जरिये फंड जुटा सकते हैं।
293 कॉलेजों व 11 विश्वविद्यालयों में चुनाव
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सीएम मनोहर लाल ने कहा कि भाजपा ने जो वादा किया, उसे पूरा किया जा रहा है। चुनाव में 4 लाख 49 हजार 856 छात्र अपना नेता चुनेंगे। 293 कॉलेजों व 11 विश्वविद्यालयों में चुनाव करवाए जाएंगे। 12 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। सीआर का चुनाव लड़ने के इच्छुक छात्र नामांकन कर सकते हैं। 13 अक्टूबर को नामांकन वापसी होगी। 17 अक्टूबर को छात्रसंघ चुनाव होंगे। सर्वसम्मति से चुने गए सीआर यानी क्लास प्रतिनिधि में से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व सचिव चुने जाएंगे। वोटिंग नहीं होगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी कुलपतियों, जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्र संघ चुनाव के दौरान पूरी सावधानी बरतें। सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध किए जाएं। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 22 साल बाद छात्र संघ चुनाव करवाने की सरकार ने पहल की है। इससे पूर्व भी इनेलो व कांग्रेस की सरकारें रही हैं, लेकिन उन्होंने छात्रसंघ चुनाव बहाली की कभी बात नहीं की।
लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर लंबे समय बाद अगर किसी राज्य में छात्र संघ चुनाव होते हैं तो उन्हें अप्रत्यक्ष तरीके से करवाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में हुए पंचायती राज चुनावों की तरह छात्रसंघ चुनाव भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाएं।
इन पदों के लिए चुनाव होगा
प्रधान, उपप्रधान, संयुक्त सचिव, सचिव, कार्यकारिणी सदस्य
क्लास रिप्रेंजटिव के लिए वोटिंग
क्लास रिप्रेंजटिव (सीआर) चुनने के लिए वोटिंग होगी। इसके बाद मौके पर ही मतगणना की जाएगी। फिर सभी सीआर को प्रिंसिपल अपने साथ हॉल में लेकर जाएंगे। वहां पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पदाधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान होने के बाद मौके पर ही मतगणना भी की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
पुलिस बल की मौजूदगी होगी
चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए कॉलेज-यूनिवर्सिटी की ओर से पुलिस बल की मांग की जाएगी। जरूरत के अनुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। किसी तरह की गड़बड़ी करने का प्रयास करने वालों पर मौके पर कार्रवाई होगी। पुलिस की ओर से जांच के लिए वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
दो दिन पहले लिए जाएंगे नामांकन
नोटिस बोर्ड पर नोटिस लगाकर सीआर के दावेदारों के नामांकन लिए जाएंगे। इसके बाद नामांकन की छंटनी होगी। प्रत्याशी चाहे तो अपना नामांकन वापस ले सकेगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी कुलपतियों, जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्र संघ चुनाव के दौरान पूरी सावधानी बरतें। सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध किए जाएं। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 22 साल बाद छात्र संघ चुनाव करवाने की सरकार ने पहल की है। इससे पूर्व भी इनेलो व कांग्रेस की सरकारें रही हैं, लेकिन उन्होंने छात्रसंघ चुनाव बहाली की कभी बात नहीं की।
लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर लंबे समय बाद अगर किसी राज्य में छात्र संघ चुनाव होते हैं तो उन्हें अप्रत्यक्ष तरीके से करवाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में हुए पंचायती राज चुनावों की तरह छात्रसंघ चुनाव भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाएं।
इन पदों के लिए चुनाव होगा
प्रधान, उपप्रधान, संयुक्त सचिव, सचिव, कार्यकारिणी सदस्य
क्लास रिप्रेंजटिव के लिए वोटिंग
क्लास रिप्रेंजटिव (सीआर) चुनने के लिए वोटिंग होगी। इसके बाद मौके पर ही मतगणना की जाएगी। फिर सभी सीआर को प्रिंसिपल अपने साथ हॉल में लेकर जाएंगे। वहां पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पदाधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान होने के बाद मौके पर ही मतगणना भी की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
पुलिस बल की मौजूदगी होगी
चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए कॉलेज-यूनिवर्सिटी की ओर से पुलिस बल की मांग की जाएगी। जरूरत के अनुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। किसी तरह की गड़बड़ी करने का प्रयास करने वालों पर मौके पर कार्रवाई होगी। पुलिस की ओर से जांच के लिए वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
दो दिन पहले लिए जाएंगे नामांकन
नोटिस बोर्ड पर नोटिस लगाकर सीआर के दावेदारों के नामांकन लिए जाएंगे। इसके बाद नामांकन की छंटनी होगी। प्रत्याशी चाहे तो अपना नामांकन वापस ले सकेगा।