दुविधा में दिग्गज: मोदी के सामने स्टार प्रचारक कौन?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में छिड़े सियासी समर में राजनीतिक दलों की अग्निपरीक्षा का समय शुरू हो गया है। सत्ताधारी दल कांग्रेस के सामने एक बार फिर जनता की अदालत में अपने आपको सही साबित करने की चुनौती है तो विपक्षी दलों को यह बात स्पष्ट करनी होगी कि लोग क्यों कांग्रेस को नकारकर उन्हें सत्ता की गद्दी सौंपें।
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों पूरे जोश से लबरेज है और वह मोदी की लहर पर सवार होकर हरियाणा की वैतरणी पार करना चाहती है वहीं इनेलो की आंखों में करीब दस साल बाद सत्ता में वापसी का सपना चमक रहा है। 15 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए सभी दलों ने अपने सियासी सूरमा मैदान में उतार दिए हैं।
नामांकन प्रक्रिया भी 27 सितंबर को पूरी हो जाएगी, उसके बाद शुरू होगा प्रचार वार। प्रचार वार में मोदी की माला जपकर भाजपा अपने आपको सबसे आगे मान रही है जबकि कांग्रेस में हुड्डा ही स्टार प्रचारक हैं। इस प्रचार वार में कौन सियासी दल कहां खड़ा है पेश श्याम द्विवेदी की रिपोर्ट।
मोदी के सहारे, नैया लगेगी किनारे
हरियाणा में पिछले दस वर्षों से जमीन तलाश रही भाजपा को इस बार मोदी नामक संजीवनी मिल गई है, जिससे पूरी पार्टी की मूर्छा समाप्त हो चुकी है और पार्टी के पदाधिकारी पूरे जोश के साथ मैदान में उतरे हुए हैं। बिना मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित किए पार्टी कार्यकर्ता और प्रत्याशी मोदी की माला जपते हुए ही हरियाणा की सत्ता हासिल करने को प्रयासरत हैं।
मोदी को अपना स्टार प्रचारक बनाकर हरियाणा के नेता लगभग हर लोकसभा क्षेत्र में उनकी एक रैली करवाना चाहते हैं। भाजपा ने ऐसी कुछ तैयारी भी की है कि मोदी और अमित शाह की यहां करीब 16 रैलियां होंगी।
करिश्माई नेतृत्व के धनी मोदी और अमित शाह भी हरियाणा को लेकर विशेष सतर्कता बरतेंगे क्योंकि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड में हुए उपचुनाव में भाजपा को जो झटका लगा वह यहां उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाहेंगे। ऐसे में मोदी सूबे में ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर जाकर विपक्षियों को पटकनी देने की कोशिश करेंगे।
कांग्रेस को करिश्माई प्रचारक की तलाश
सोनिया गांधी
लोकसभा चुनाव में कड़ी हार के बाद कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की काफी आलोचना हुई, यहां तक पार्टी के ही कुछ लोगों ने नेतृत्व परिवर्तन तक की सलाह दे डाली। अब हरियाणा फिर प्रचार वार छिड़ चुका है, कांग्रेस राज्य में सोनिया की कितनी रैल करवाएगी अभी यह तय नहीं हो पाया है। इससे लगता है कि इस बार दारोमदार हुड्डा के हाथों में ही रहना है।
राहुल गांधी
कांग्रेस के स्टार प्रचारक और युवा चेहरा राहुल गांधी भी लोकसभा चुनाव में पूरी तरह फ्लॉप रहे। चुनावी प्रचार के दौरान उनके हर बयान को मोदी ने कुछ इस तरह पेश किया कि राहुल अपने ही जाल में फंसते रहे। हरियाणा के युवाओं में भी राहुल को लेकर कोई खास क्रेज दिखाई नहीं दे रहा है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं और वह अकेले ही सूबे में प्रचार युद्ध संभाले हुए हैं। हालांकि वह अपने काम पर और सोनिया, राहुल के नाम पर वोट मांग रहे हैं, लेकिन टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में उन्होंने आलाकमान को बता दिया है कि सूबे के लिए वह अकेले ही काफी हैं।
अशोक तंवर
टिकट वितरण के बाद से खफा चल रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर अब जनता के बीच जाने से बचने की ही कोशिश करेंगे क्योंकि जिन प्रत्याशियों को टिकट दिलाने का उन्होंने आश्वासन दिलाया था उनकी उम्मीदों पर वह खरे नहीं उतरे ।
कैप्टन अमरिंदर सिंह
हरियाणा में एचएसजीएमसी के गठन के बाद यहां के सिख मतदाताओं को रिझाने के लिए कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी सिख बहुल इलाकों में प्रचार के लिए उतार सकती है।
इनेलो को मिली एनर्जी
पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ही इनेलो के स्टार प्रचारक हैं। जेबीटी घोटाले में अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल बाहर चल रहे चौटाला ने जींद में रैली पार्टी में नई ऊर्जा भर दी है। इनेलो के सभी नेताओं की यही कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच किसी भी तरीके से चौटाला को पहुंचाया जाए।
दुष्यंत चौटाला
पार्टी में पिछले लोकसभा चुनाव में हिसार से जीत हासिल कर बड़ा चेहरा बनकर उबरे दुष्यंत चौटाला भी किसी से कम नहीं हैं। वह कांग्रेस पर ओम प्रकाश चौटाला और पिता अभय चौटाला को जेल भिजवाने का आरोप लगाकर भावनात्मक रूप से जनता को इनेलो के साथ जोड़ना चाहते हैं।
अभय चौटाला
ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के जेल जाने के बाद पार्टी की कमान अभय चौटाला के ही हाथ में है। वह अकेले ही टिकट वितरण से लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगे हुए हैं।
प्रकाश सिंह बादल
केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिअद यहां इनेलो के साथ है और सूबे के सिख मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टी प्रमुख प्रकाश सिंह बाद प्रचार के लिए आएंगे। इनेलो उन्हें ज्यादा से ज्यादा सीटों पर ले जाने का प्रयास करेगा।
हजकां
भजनलाल की विरासत को बचाने के लिए कुलदीप बिश्नोई पूरे परिवार सहित हिसार में जुट गए हैं। आमदपुर से खुद कुलदीप ने मोर्चा संभाला तो हांसी से उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई मैदान में हैं। चंद्रमोहन नलवा से मैदान में हैं। पूरा परिवार मिलकर ही सूबे में प्रचार युद्ध का भी मोर्चा संभालेंगे।
विनोद शर्मा
जीटी रोड बेल्ट पर हजपा के प्रमुख विनोद शर्मा खुद कमान संभाले हुए हैं, हजकां से गठबंधन के बाद वह दोनों दलों के लिए प्रचार कर रहे हैं।