इन 9 दलबदलुओं पर जताया मोदी, शाह ने भरोसा
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भाजपा की पहली सूची में टिकट की उम्मीद लगाए बैठे कई नेताओं की निराशा हाथ लगी है, अब उनकी नजर दूसरी सूची पर टिकी है। दूसरी सूची जारी होने से पहले दूसरे दलों से आए जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला है, उन्होंने दोबारा से पैरवी शुरू कर दी है।
अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने के लिए लंबी लिस्ट लिए घूम रहे दिग्गजों को भी टिकट वितरण में अधिक तरजीह नहीं दी गई। भाजपा खेमे में यह चर्चा आम है कि टिकट वितरण में प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा की पूरी चली है। पार्टी ने दलबदलुओं पर भरोसा जताने के बजाए कॉडर को प्राथमिकता दी है।
दलबदलुओं में उन्हीं को टिकट दिया गया जहां पर भाजपा के पास मजबूत दावेदार नहीं थे। रिश्तेदारों को टिकट देने के आरोपों से पार्टी नहीं बच पाई हैं। प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा के समधी को टिकट देकर भाजपा को रिश्तेदारी का आरोप भी झेलना पड़ेगा। शर्मा के समधी को टिकट मिलने के बाद अभी भी कई नेता अपने पारिवारिक सदस्यों के लिए दांव लगा रहे हैं।
बीरेंद्र सिंह को कितनी तरजीह
कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को उंचाना से टिकट तो दे दिया गया है लेकिन उनके अन्य नामों को कितनी तवज्जो दी गई है इस बात की चर्चा कांग्रेस खेमे में भी है। हालांकि भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज का कहना है कि बीरेंद्र सिंह की पत्नी के अलावा उनके सुझाए कुछ अन्य लोगों को भी टिकट दिए गए हैं।
समधी दूर का रिश्ता: अनिल विज
भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने कहा कि भाई भतीजा वाद पर पहली सूची में भाजपा ने पूर्ण विराम लगा दिया है, लेकिन रामबिलास शर्मा के समधी के टिकट पर उन्होंने यह कह कर विराम लगा दिया कि समधी दूर का रिश्ता है।
परिवारवाद से होना पड़ेगा रूबरू:
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक रेवाड़ी से राव इंद्रजीत जिसे कहेंगे उसे टिकट दिया जाएगी, लेकिन भाई भतीजा वाद पर विराम लगाने की बात कह रही भाजपा को यहां परिवार वाद से रूबरू होना पड़ेगा। राव इंद्रजीत की बेटी आरती यादव रेवाड़ी से टिकट की दावेदार हैं।
बहादुरगढ़ से राठी नहीं को नहीं मिला टिकट
बहादुरगढ़ से भाजपा ने नरेश कौशिक को मैदान में उतारा है। दो बार से विधायक रहे नफे सिंह राठी भाजपा में शामिल हो चुके हैं लेकिन उन्हें यहां से टिकट नहीं दिया गया। राठी को पिछले विधानसभा चुनाव में बहादुरगढ़ से 19289 वोट मिले थे। वे दूसरे नंबर पर रहे थे।
गुहला से खेड़ी नहीं:
फूल सिंह खेड़ी 2009 का विधानसभा चुनाव गुहला चीका से इनेलो के टिकट पर लड़े थे, वे इनेलो के सिटिंग एमएलए थे जो भाजपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन उन्हें यहां से टिकट न देकर पार्टी ने कुलवंत बाजीगर को टिकट दिया है। जबकि खेड़ी पिछले चुनाव में 37016 वोट मिले थे।
एम एल रंगा को बावल से टिकट नहीं:
बावल से पूर्व मंत्री एमएल रंगा टिकट के दावेदार थे। यहां से पूर्व मंत्री की पुत्री नीलम भगवाड़िया भी दावेदार थीं लेकिन उनकी जगह भाजपा ने डा. बनवारी लाल को टिकट दिया है।
सुनीता दुग्गल को टिकट नहीं:
लोकसभा चुनाव में आईपीएस अधिकारी की पत्नी सुनीता दुग्गल को सिरसा से देने की बात चली थी, लेकिन टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पटौदी में होमवर्क किया था, लेकिन पटौदी ने भाजपा ने विमला चौधरी को उतारा है। अब चर्चा है कि सुनीता दुग्गल को कलानौर से टिकट मिल सकता है।
दल बदल कर आए नौ नेताओं को टिकट
कृष्ण पंवार-------------इसराना
बलवंत----------------साढौरा
शमशेर खरकड़ा----------महम
प्रेमलता----------------ऊंचाना
छत्रपाल----------------हांसी
हर्ष कुमार--------------हथीन
सुनीता सेतिया----------सिरसा
कृष्णा गहलावत---------राई
जगदीश नेहरा----------रानियां