चुनाव में मर्यादा तार-तार: मेयर की कुर्सी छीनने की कोशिश, आप और भाजपा पार्षदों में धक्कामुक्की, सदन में डंडा लेकर घुसी पुलिस
सदन में आप के पार्षदों का हंगामा देख सांसद किरण खेर को गुस्सा आ गया। उन्होंने कई पार्षदों को टोका। इस दौरान पार्षद अंजू कत्याल और प्रेमलता की सांसद किरण खेर से बहस भी हो गई।
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भाजपा प्रत्याशी सरबजीत कौर को मेयर घोषित करने के बाद एक घंटे तक जो कुछ भी हुआ, उससे पूरा सदन शर्मसार हो गया। आम आदमी पार्टी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और दोबारा मतों की गिनती कराने की मांग की। इस बीच सांसद किरण खेर ने सरबजीत कौर को मेयर की कुर्सी पर बैठा दिया।
आप के पार्षद मेयर तक पहुंच गए और कुर्सी छीनने की कोशिश की। बचाव में भाजपा के पार्षद पहुंच गए। जमकर नारेबाजी और धक्कामुक्की हुई। डीसी और निगम आयुक्त वॉक आउट कर गए। मार्शल बुलाए गए लेकिन स्थिति नहीं संभली। फिर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने दोनों दलों के पार्षदों को मेयर की कुर्सी के पास से हटाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
सरबजीत कौर के नाम की घोषणा होते ही आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और अपनी सीट से उठकर मेयर की कुर्सी की तरफ बढ़ने लगे। इस बीच सांसद किरण खेर ने सरबजीत कौर को मेयर की कुर्सी पर बैठा दिया। आप के पार्षद उनको कुर्सी से उठाने की कोशिश करने लगे। यह देख भाजपा के भी पार्षद मेयर के पास पहुंच गए और एक सुरक्षा घेरा बना लिया। इसके बाद दोनों दलों के पार्षदों में धक्कामुक्की शुरू हो गई। दर्शक दीर्घा में बैठे भाजपा के नेता भी अपने पार्षदों को निर्देश दे रहे थे। उनके इशारे पर सरबजीत कौर ने अपना धन्यवाद भाषण पढ़ना शुरू कर दिया।
यह देख आप के पार्षदों ने माइक की तार निकाल दी। पार्षद प्रेमलता को पानी दिया गया तो उन्होंने फेंक दिया। इस बीच धक्कामुक्की में डीसी की सीट के सामने कोरोना से बचने के लिए लगाया गया शीशा नीचे गिर गया। यह सब देख डीसी विनय प्रताप सिंह और नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने सदन से वॉक आउट कर लिया। इसके बाद आप के पार्षदों ने उनकी कुर्सी पर अपनी मेयर उम्मीदवार अंजू कत्याल को बैठा दिया। इस दौरान धक्कामुक्की और नारेबाजी जारी रही।
आप के पार्षद मेयर को कुर्सी से उठाने की कोशिश कर रहे थे और भाजपा के पार्षद उन्हें बचाने की। मार्शलों से जब मामला नहीं संभला तो सदन के अंदर पुलिस बुलाई गई। पहले कुछ पुलिसकर्मी खाली हाथ आए और पार्षदों को रोकने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद पुलिसकर्मी डंडे लेकर सदन के अंदर घुसे। सेक्टर-17 थाना प्रभारी ओम प्रकाश भी सदन के अंदर पहुंचे और उन्होंने पार्षदों को मेयर के पास से हटाया। इसके बाद मेयर के पास कई पुलिसकर्मियों को खड़ा कर दिया गया। डीसी ने आखिर में कहा कि सभी को सदन की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। पहली बैठक में ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है। जनता में ठीक संदेश नहीं जाएगा।
अंजू कत्याल और प्रेमलता से हुई सांसद किरण खेर की बहस
सदन में आप के पार्षदों का हंगामा देख सांसद किरण खेर को गुस्सा आ गया। उन्होंने कई पार्षदों को टोका। इस दौरान पार्षद अंजू कत्याल और प्रेमलता की सांसद किरण खेर से बहस भी हो गई। सदन की बैठक में आप पार्षदों ने किरण खेर की शहर से गैरहाजिरी की बात कही तो खेर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि खुदा न करे कि किसी और के घर ऐसी बीमारी हो। खेर ने कहा कि आप के पार्षद चिल्ला रहे हैं, पानी फेंक रहे हैं और माइक तोड़ रहे हैं। ये मेयर के साथ ऐसा नहीं कर सकते। चुनाव प्रक्रिया में देरी से भी सांसद किरण खेर नाराज दिखीं। उन्होंने कई बार अधिकारियों और मतगणना एजेंट को जाकर टोका और जल्द प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए कहा। इसके बाद डिप्टी मेयर के लिए पहला वोट डालने के बाद वो तुरंत सदन से चली गईं।
ढींगरा के सवाल पर डीसी बोले-आपको अंग्रेजी समझ में नहीं आती तो हिंदी में सुना देता हूं
हंगामा शांत होने के बाद डीसी दोबारा नगर निगम में आए तो आप पार्षद योगेश ढींगरा ने डीसी से सवाल किया। कहा कि मेयर चुनाव में जब उन्होंने एक वोट पर आपत्ति दर्ज कराई तो आनन-फानन मेयर की घोषणा क्यों कर दी गई। इस पर डीसी ने कहा कि इस सवाल का जवाब देने के लिए ही चुनाव के नियमों को पढ़कर सुनाया गया। अगर आपको अंग्रेजी में समझ नहीं आया तो मैं हिंदी में सुना देता हूं। कहा कि पीठासीन अधिकारी ने जो निर्णय लिया है, उसको चुनौती देने का एक तरीका है। आप पूरी प्रक्रिया के तहत चुनौती दे सकते हैं।
भाजपा पार्षदों ने की हूटिंग, डीसी ने टोका तो मांगी माफी
सदन में भाजपा के पार्षदों ने भी आप के खिलाफ खूब नारेबाजी की। डीसी ने जब आप के पार्षद को चुनाव के नियम हिंदी में पढ़कर सुनाने की बात कही तो भाजपा पार्षदों ने खूब ठहाके लगाए। उन्होंने शेम-शेम तक कह दिया। इससे पार्षद प्रेमलता नाराज हो गईं और उन्होंने डीसी को टोकते हुए कहा कि वो किसी पार्षद की ऐसे बेइज्जती नहीं कर सकते और न ही सदन में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए। डीसी ने इसके बाद भाजपा के पार्षदों को आगे से ऐसे नहीं करने के लिए कहा। इस पर भाजपा पार्षदों ने माफी मांगी, जिसके बाद आगे की कार्यवाही आगे शुरू हुई।
आप-भाजपा भिड़ी, पुलिस ने पप्पू शुक्ला को लिया हिरासत में
मेयर चुनाव के बाद नगर निगम दफ्तर के बाहर आम आदमी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पुलिस ने भाजपा नेता पप्पू शुक्ला को हिरासत में ले लिया और उन्हें सेक्टर-17 थाने ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से भाजपा नेता नाराज हो गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना दे दिया। इसके बाद पुलिस ने पप्पू शुक्ला को छोड़ दिया। सेक्टर-17 थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि झगड़ा शांत करने के लिए पप्पू शुक्ला को थाने लेकर आए थे। माहौल शांत होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।