{"_id":"f9deccbd57d7d76dbb987e30b89fa929","slug":"bipasha-basu-maya-jewells-showroom-anniversry-manimajra","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामने दिखी बिपाशा, तो बदली कई लोगों की भाषा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामने दिखी बिपाशा, तो बदली कई लोगों की भाषा
अमर उजाला, मनीमाजरा
Updated Sat, 30 Nov 2013 03:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएसी स्थित माया ज्वैलर्स ने अपनी पहली वर्षगांठ मनाई। बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु ने केक काटा और दुल्हन द्वारा पहने जाने वाले कंगन, झुमके और हार आदि की वेडिंग कलेक्शन लांच की।
जैसे ही लोगों ने बिपाशा को मनीमाजरा एनएसी के शोरूम में कार से उतारते देखा तो वहां खरीदारी करने आए लोग वहां जुट गए। हर कोई बिपाशा की एक झलक पाने और उसका मोबाइल से फोटो खींचने को बेताब था।
जैसे ही बिपाशा बसु माया ज्वैलर्स में पहुंची तो अपने फैन को देखकर सबसे पहले उन्हें सतश्री अकाल कहा। बिपाशा ने कहा कि चंडीगढ़ खुबसूरत लोगों का खूबसूरत शहर है। चंडीगढ़ आना उन्हें बहुत पसंद है। यहां आती हूं तो देशी घी की पिन्नी जरूर खाती हूं।
विज्ञापन
यमुनानगर से चंडीगढ़ का सफर था मुश्किल
बिपाशा ने बताया कि चंडीगढ़ से पहले वो यमुनानगर में माया ज्वैलर्स के शोरूम में वेडिंग कलेक्शन को लांच किया था। यमुनानगर से सड़क के रास्ते आना बहुत मुश्किल लगा। इसकी वजह से चंडीगढ़ पहुंचने में देरी हुई। वे यहां तीन घंटे देरी से पहुंची थीं।
विज्ञापन
जैसे ही लोगों ने बिपाशा को मनीमाजरा एनएसी के शोरूम में कार से उतारते देखा तो वहां खरीदारी करने आए लोग वहां जुट गए। हर कोई बिपाशा की एक झलक पाने और उसका मोबाइल से फोटो खींचने को बेताब था।
विज्ञापन
जैसे ही बिपाशा बसु माया ज्वैलर्स में पहुंची तो अपने फैन को देखकर सबसे पहले उन्हें सतश्री अकाल कहा। बिपाशा ने कहा कि चंडीगढ़ खुबसूरत लोगों का खूबसूरत शहर है। चंडीगढ़ आना उन्हें बहुत पसंद है। यहां आती हूं तो देशी घी की पिन्नी जरूर खाती हूं।
विज्ञापन
यमुनानगर से चंडीगढ़ का सफर था मुश्किल
बिपाशा ने बताया कि चंडीगढ़ से पहले वो यमुनानगर में माया ज्वैलर्स के शोरूम में वेडिंग कलेक्शन को लांच किया था। यमुनानगर से सड़क के रास्ते आना बहुत मुश्किल लगा। इसकी वजह से चंडीगढ़ पहुंचने में देरी हुई। वे यहां तीन घंटे देरी से पहुंची थीं।