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बिल पारित, हरियाणा में गोहत्या गैरजमानती अपराध
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Mar 2015 12:09 AM IST
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हरियाणा विधानसभा में सोमवार को हरियाणा गोवंश संरक्षण व गोसंवर्धन विधेयक-2015 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही अब प्रदेश में गोहत्या गैरजमानती अपराध होगा। ऐसे अपराध के दोषियों को तीन से 10 साल तक की कैद व एक लाख रुपये तक जुर्माने की सजा हो सकती है।
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सोमवार को सदन में राज्य सरकार की ओर से यह विधेयक पेश किया गया। इसके तहत अब प्रदेश में गोहत्या करना, विकलांग करना, हत्या करवाना या हत्या के लिए पेश करना अपराध की श्रेणी में आएगा। हालांकि दुर्घटना और आत्मरक्षा की स्थिति में गाय की मौत को अपराध नहीं माना गया है।
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इसके अलावा ऐसी गायें, जिसकी पीड़ा के चलते नाश वांछनीय हो या संक्रामक रोग से पीड़ित हो या अनुसंधान के प्रयोग में लाई जा रही हो उसे अपराध की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार यदि वध के लिए पशु चिकित्सक की ओर से प्रमाण पत्र दिया गया हो तो उसे भी अपराध नहीं माना जाएगा।
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इनके अलावा प्रदेश से अब गाय का निर्यात अथवा अन्य प्रदेशों में ले जाने के लिए परमिट जरूरी है। परमिट के लिए एक फीस तय की जाएगी। प्रदेश में गोमांस का निर्यात या आयात भी विधेयक के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है।
चर्म उतारने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
पशुपालन व डेयरी उद्योग मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने विधेयक के बारे में विधानसभा में जानकारी दी कि सदन के सदस्यों की ओर से दिए गए सुझावों के अनुसार दो संशोधन किए गए हैं। इससे अब हरियाणा में गोमांस पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने बताया कि मृत पशुओं का चर्म उतारने वालों के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। पशुपालन मंत्री ने बताया कि इस विधेयक में घर से बाहर घूमने वाली गायों के लिए अभ्यारण्य बनाए जाने का प्रावधान है। सरकार द्वारा प्रत्येक प्रकार की गाय का संरक्षण किया जाएगा, जबकि देसी गायों का संवर्धन होगा।