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12वीं पास पत्नी को बना दिया वाइस चांसलर, फंसने लगे तो हटाकर खुद संभाल लिया पद

Fri, 27 Dec 2019 09:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 27 Dec 2019 09:04 PM IST
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Big Reveals In Vigilance investigation In Case of Scholarship Fraud
प्रतीकात्मक तस्वीर

कैथल की यूनिवर्सिटी में एससी वर्ग के छात्रों की स्कालरशिप के नाम पर हड़पे गए 5.26 करोड़ के मामले में नया खुलासा हुआ है। कैथल की जिस नीलम यूनिवर्सिटी (नार्दन इंस्टीट्यूट फार इंटीग्रेटिड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी ) में यह फर्जीवाड़ा हुआ उसके मालिक विनय राय ने अपनी पत्नी साधना राय को यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर बनाया हुआ था। 

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जब विजिलेंस जांच हुई और फर्जीवाड़े से परतें उठने लगी तो एक और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर नीलम मात्र 12वीं पास थीं, जिसे किसी भी हाल में वीसी नहीं बनाया जा सकता था। संचालक ने पत्नी को फंसता देख केस दर्ज होने के बाद पत्नी को आनन-फानन में इस पद से हटाया और खुद वाइस चांसलर बन गए। 
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इस फर्जीवाड़े से पर्दा उठने पर अगस्त 2018 में केस दर्ज किया था। मामले में उस समय तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। केस दर्ज होने के बाद ही संचालक ने अपनी पत्नी को वीसी के पद से हटाया था। स्टेट विजिलेंस अंबाला ने इस मामले में गुरुवार को कैथल से गांव बदराना ढांड निवासी विकास और गांव पोलड़ सीवन कैथल निवासी विमल को गिरफ्तार किया था। इन दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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दलालों के जरिए चला खेल, पहले खुलवाए खाते

एसई छात्रों के दाखिले दिखाकर यूनिवर्सिटी ने करीब 500 छात्रों के नाम पर 5 करोड़ 726 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया। विजिलेंस जांच में यह सामने आया है कि दलालों के जरिए पूरा खेल होता था। दलालों को एक एडमिशन लाने पर प्रति छात्र 3 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था। दलाल छात्रों के राशन कार्ड और शपथ पत्र लाकर यूनिवर्सिटी में जमा करवाते और दाखिला हो जाता। 

इस तरह 500 से ज्यादा ऐसे छात्र पाए गए जिनके दूसरे जगह भी दाखिले चल रहे थे। इन छात्रों के शपथ पत्र और राशन कार्ड के आधार पर बैंक अकाउंट खुलवाकर उनमें छात्रवृत्ति की राशि डलवा दी गई। इसके बाद बिना किसी अनुमति के इसी राशि को अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिया। दलाल विद्यार्थियों को डिग्री करवाने का लालच देकर उनसे राशन कार्ड और आधार कार्ड व शपथ पत्र ले लेते थे। 

पहले यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर साधना राय थी जोकि 12वीं पास थी। इसके बाद जब केस दर्ज हुआ तो उनके पति विनय राय उन्हें हटाकर वीसी बन गए। एडमिशन के लिए जो शपथ पत्र लिए गए थे उन्हीं से एसई विद्यार्थियों के पहले खाते खुलवाए गए। फिर उनमें सरकारी राशि डलवाई गई और फिर वह राशि यूनिवर्सिटी के खाते में ट्रांसफर करवाकर सरकार को चपत लगाई गई। सुरेश कौशिक, एसपी विजिलेंस।

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