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लोगों को बड़ी राहत, अब संपर्क केंद्रों में जमा कराएं हाउसिंग बोर्ड के मकानों का किराया
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के सभी तरह के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। अब स्मॉल फ्लैट्स, अफोर्डेबल हाउसिंग रेंटल योजना व अन्य फ्लैट्स में रहने वाले लोग मकानों का किराया अपने नजदीक के संपर्क केंद्रों में जमा करा सकेंगे। यूटी प्रशासक के सलाहकार व हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनोज परिदा ने मंगलवार को इस सेवा की शुरुआत की।
पिछले काफी समय से लोग इस सेवा को शुरू करने की मांग कर रहे थे। इस सेवा के नहीं होने की वजह से बोर्ड को भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था, क्योंकि बोर्ड का सबसे ज्यादा बकाया स्मॉल फ्लैट्स, अफोर्डेबल हाउसिंग रेंटल योजना के तहत मिले मकानों में रहने वाले लोगों पर है। वह लोग ऑनलाइन किराया जमा नहीं करा रहे थे और बैंक में किराया जमा कराने की सुविधा को कुछ महीने पहले सीएचबी ने बदल दिया था, जिसकी वजह से उसमें भी लोगों को परेशानी हो रही थी। इसलिए अब बोर्ड को उम्मीद है कि लोग अपने पास के संपर्क केंद्रों में किराया जमा करा सकेंगे। शहर में 44 ई-संपर्क सेंटर हैं। बोर्ड की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार पांच हजार रुपये तक की राशि नकद में जमा करवा सकते हैं, जबकि उसके बाद की राशि ऑनलाइन, चेक या डिमांड ड्राफ्ट से जमा करवानी होगी।
28 फरवरी से पहले चुकाएं बकाया : सीएचबी
बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वह 28 फरवरी से पहले अपना सारा बकाया चुका दें, अन्यथा मकान रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। किस्त में देरी होने पर 12 फीसदी का ब्याज भी लगता है। यूटी प्रशासक के सलाहकार ने अधिकारियों को ऑनलाइन भुगतान पर ज्यादा से ज्यादा जोर देने के लिए कहा है। हाउसिंग बोर्ड आने वाले दिनों में शिविर भी लगाएगा, जहां लोगों को ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा। संपर्क केंद्रों में भुगतान के बाद लोगों को कंप्यूटराइज्ड रसीद मिलेगी। भुगतान होने पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को तुरंत रिकार्ड भेज दिया जाएगा, जबकि चेक और ड्राफ्ट से होने वाले भुगतान जब बैंक से जारी होगा, तब ही बोर्ड को रिकार्ड भेजा जाएगा, जिसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं।
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पिछले काफी समय से लोग इस सेवा को शुरू करने की मांग कर रहे थे। इस सेवा के नहीं होने की वजह से बोर्ड को भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था, क्योंकि बोर्ड का सबसे ज्यादा बकाया स्मॉल फ्लैट्स, अफोर्डेबल हाउसिंग रेंटल योजना के तहत मिले मकानों में रहने वाले लोगों पर है। वह लोग ऑनलाइन किराया जमा नहीं करा रहे थे और बैंक में किराया जमा कराने की सुविधा को कुछ महीने पहले सीएचबी ने बदल दिया था, जिसकी वजह से उसमें भी लोगों को परेशानी हो रही थी। इसलिए अब बोर्ड को उम्मीद है कि लोग अपने पास के संपर्क केंद्रों में किराया जमा करा सकेंगे। शहर में 44 ई-संपर्क सेंटर हैं। बोर्ड की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार पांच हजार रुपये तक की राशि नकद में जमा करवा सकते हैं, जबकि उसके बाद की राशि ऑनलाइन, चेक या डिमांड ड्राफ्ट से जमा करवानी होगी।
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28 फरवरी से पहले चुकाएं बकाया : सीएचबी
बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वह 28 फरवरी से पहले अपना सारा बकाया चुका दें, अन्यथा मकान रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। किस्त में देरी होने पर 12 फीसदी का ब्याज भी लगता है। यूटी प्रशासक के सलाहकार ने अधिकारियों को ऑनलाइन भुगतान पर ज्यादा से ज्यादा जोर देने के लिए कहा है। हाउसिंग बोर्ड आने वाले दिनों में शिविर भी लगाएगा, जहां लोगों को ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा। संपर्क केंद्रों में भुगतान के बाद लोगों को कंप्यूटराइज्ड रसीद मिलेगी। भुगतान होने पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को तुरंत रिकार्ड भेज दिया जाएगा, जबकि चेक और ड्राफ्ट से होने वाले भुगतान जब बैंक से जारी होगा, तब ही बोर्ड को रिकार्ड भेजा जाएगा, जिसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं।
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