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हरियाणा: अस्थायी मान्यता मांगने वाले निजी स्कूलों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी इस सत्र में दाखिले की अनुमति
Fri, 01 Apr 2022 12:04 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 01 Apr 2022 12:04 PM IST
सार
केवल स्थायी मान्यता वाले निजी विद्यालयों में ही नए शिक्षा सत्र में बच्चों के दाखिले हो। याचिका में उनको अस्थायी मान्यता के साथ 2022-23 के लिए छात्रों को प्रवेश देने की इजाजत की मांग की गई थी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
2022-23 के लिए अस्थायी मान्यता की मांग को लेकर बल्लभगढ़ प्राईवेट स्कूल हरियाणा स्कूल एसोसिएशन द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने याचिका लंबित रहते स्कूलों को छात्रों के प्रवेश की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश के चतले 500 से अधिक स्कूलों को लाभ मिलेगा।
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एसोसिएशन ने एडवोकेट पंकज मानी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उनके सदस्य स्कूल 2003 से पहले से चल रहे हैं। उस समय अस्थायी मान्यता देने की नीति थी और हर वर्ष इन स्कूलों को अस्थायी मान्यता दे दी जाती थी। अब सरकार ने नियमों में संशोधन कर दिया है और सरकार द्वारा तय नियम ज्यादातर निजी स्कूल पूरे नहीं करते हैं। याची ने बताया कि पिछले सत्र में इस आधार पर अस्थायी मान्यता दी गई थी कि स्कूल आवश्यक शर्त पूरी कर लेंगे और स्थायी मान्यता लेंगे।
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सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने सभी डीसी को पत्र लिखकर सत्र 2022-23 में अस्थायी मान्यता वाले निजी स्कूलों को दाखिला देने की अनुमति न देने का आदेश दिया था। जिला उपायुक्त की कमेटी ही जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से यह तय करेगी कि अस्थायी मान्यता वाले किसी भी निजी स्कूल में नए शिक्षा सत्र के तहत कोई भी बच्चा दाखिल न किया जाए।
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केवल स्थायी मान्यता वाले निजी विद्यालयों में ही नए शिक्षा सत्र में बच्चों के दाखिले हो। याचिका में उनको अस्थायी मान्यता के साथ 2022-23 के लिए छात्रों को प्रवेश देने की इजाजत की मांग की गई थी। अब हाईकोर्ट ने इस याचिका के लंबित रहते इन स्कूलों को छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति दे दी है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति केवल उन्हीं स्कूलों को होगी जो 2003 से पहले से संचालित हैं।