फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Big relief to IAS Ashok Khemka from Haryana govt

Haryana: अशोक खेमका को बड़ी राहत, भ्रष्टाचार मामले में नहीं होगी जांच, संजीव वर्मा की मुश्किलें बढ़ीं

Fri, 16 Sep 2022 01:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 16 Sep 2022 01:16 AM IST
सार

मुख्यमंत्री कार्यालय ने महाधिवक्ता की राय के बाद अंतिम निर्णय लिया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 14 नवंबर 2019 को यशवंत सिन्हा बनाम सीबीआई के फैसले का आधार बनाया गया है। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पूर्व राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी जरूरी है।

विज्ञापन
Big relief to IAS Ashok Khemka from Haryana govt
आईएएस अशोक खेमका और आईएएस संजीव वर्मा। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज मामले में बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ जांच की मंजूरी देने से मना कर दिया है। पंचकूला पुलिस को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले सरकार की मंजूरी लेना जरूरी था। पुलिस ने ऐसा न कर केस दर्ज करने के बाद जांच की घटनोत्तर स्वीकृति मांगी, जिसे सरकार ने देने से इनकार कर दिया है।

विज्ञापन

 
भ्रष्टाचार के मामले में अब खेमका के खिलाफ तो जांच नहीं होगी, मगर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले आईएएस संजीव वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ खेमका की तरफ से उत्पीड़न और अन्य धाराओं में दर्ज कराए गए मामले की जांच पुलिस करेगी। वर्मा ने हरियाणा भंडारण निगम में 12 साल पहले हुई भर्तियों के मामले में भ्रष्टाचार उजागर कर खेमका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की शिकायत पंचकूला पुलिस को दी थी।
विज्ञापन

 
पुलिस ने जल्दबाजी करते हुए सरकार से बिना मंजूरी लिए ही प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा-13 के तहत मामला दर्ज कर लिया। यह नियमों के विरुद्ध था। आईएएस अफसर के खिलाफ केस दर्ज करने से पहले मंजूरी लेना जरूरी था, पुलिस के ऐसा न करने पर खेमका ने मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतिकरण देकर अपना पक्ष रखा। यही उन्हें राहत मिलने का आधार बना। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले गृह मंत्री अनिल विज भी अशोक खेमका के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर चुके थे। उन्होंने भी साफ कहा कि केस दर्ज करने से पहले मंजूरी क्यों नहीं ली। गृह मंत्री ने संजीव वर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच आगे बढ़ाने की मंजूरी दी हुई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खेमका से जुड़े मामले की फाइल मुख्य सचिव के जरिये अंतिम निर्णय के लिए अपने पास मंगवाई थी। 


मुख्यमंत्री कार्यालय ने महाधिवक्ता की राय के बाद अंतिम निर्णय लिया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 14 नवंबर 2019 को यशवंत सिन्हा बनाम सीबीआई के फैसले का आधार बनाया गया है। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पूर्व राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed