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Chandigarh News: मरीजों को बड़ी राहत, इस हफ्ते शुरू होगा मदर एंड चाइल्ड सेंटर
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चंडीगढ़। दो दशक से बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित संसाधनों से जूझ रहे पीजीआई में अब गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। लंबे इंतजार और कई प्रशासनिक देरी के बाद पीजीआई का अत्याधुनिक एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (एएमसीसी) इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। 485 करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर के शुरू होने से संस्थान की प्रसूति और नवजात चिकित्सा सेवाओं में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार सेंटर को यूटी प्रशासन से सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं जिनमें फायर सेफ्टी क्लीयरेंस भी शामिल है। फिलहाल मेडिकल स्टाफ से जुड़ी अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद सेंटर को चरणबद्ध तरीके से मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
पांच मंजिला इस अत्याधुनिक सेंटर में 430 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 20 वर्षों में पीजीआई में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का यह सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है। इस दौरान संस्थान में प्रसव मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है, लेकिन लेबर रूम और गायनी इमरजेंसी बेड की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई थी। अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण मरीजों और तीमारदारों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। नए सेंटर के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज, आधुनिक सुविधाएं और इमरजेंसी सेवाएं मिल सकेंगी।
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पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार सेंटर को यूटी प्रशासन से सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं जिनमें फायर सेफ्टी क्लीयरेंस भी शामिल है। फिलहाल मेडिकल स्टाफ से जुड़ी अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद सेंटर को चरणबद्ध तरीके से मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
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पांच मंजिला इस अत्याधुनिक सेंटर में 430 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 20 वर्षों में पीजीआई में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का यह सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है। इस दौरान संस्थान में प्रसव मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है, लेकिन लेबर रूम और गायनी इमरजेंसी बेड की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई थी। अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण मरीजों और तीमारदारों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। नए सेंटर के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज, आधुनिक सुविधाएं और इमरजेंसी सेवाएं मिल सकेंगी।
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