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12 साल बाद दिल्ली में बैठक, राजनाथ सिंह सुलझाएंगे चंडीगढ़ के ये उलझे मुद्दे

Thu, 27 Jul 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 27 Jul 2017 09:29 AM IST
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Big meeting on chandigarh major issues with rajnath singh
rajnath singh - फोटो : File Photo
चंडीगढ़ से जुड़े कई मुद्दे वीरवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के दरबार में उठेंगे। संभावना है कि इस बैठक में शहर से जुड़े कई मुद्दे सुलझ सकते हैं। साथ ही अफसरशाही हावी होने का मामला भी गरमाने की उम्मीद है।
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प्रशासन की ओर से इस बैठक में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, सलाहकार परिमल राय और गृह सचिव अनुराग अग्रवाल भाग लेंगे जबकि भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और सांसद किरण खेर सहित 10 सदस्य भाग लेंगे। बैठक से पहले बुधवार को भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के निवास स्थान पर समिति के 7 सदस्यों की बैठक भी हुई। इसमें उन मुद्दों पर चर्चा की गई जो कि गृह मंत्री के समक्ष उठाएं जाएंगे।
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जबकि प्रशासन के अधिकारी अलग से भी अलग से अपना एजेंडा लेकर गए हैं। जिनमें 30 हजार हाउसिंग बोर्ड के ईडब्लयूएस के मकानों को मालिकाना हक देने का मामला एक हैं। जबकि सांसद किरण खेर की ओर से फल और सब्जियों में से चार्ज होने वाली मार्केट फीस को समाप्त करने का मामला उठाया जाएगा।
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इन मुद्दों पर होगी चर्चा 

Big meeting on chandigarh major issues with rajnath singh
चंडीगढ़ की मेयर आशा जसवाल - फोटो : File Photo
इन मुद्दों पर होगी चर्चा 
 पंजाबी या हिंदी बनाई जाए यूटी की राजभाषा 
यहां के युवाओं के लिए नौकरियां हो आरक्षित
कामर्शियल और रेजिडेंशियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड करना
गृह मंत्रालय में चंडीगढ़ की समस्याओं से संबंधित एक अलग से डेस्क बनाया जाए।
शहर के ईडब्ल्यूएस के मकानों को वन टाइम मालिकाना हक दिलवाया जाए।
 यूटी इंप्लाइज स्कीम के तहत जो 4 हजार फ्लैट के लिए जमीन है ,उसको पुराने रेट पर ही दिया जाए।
 साल 2012 में केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर जमीन से जुड़े मामलों पर फैसला करने का अधिकार गृह मंत्रालय को दे दिया था। उस अधिसूचना को खारिज करके यह अधिकार प्रशासक को दिया जाए ताकि चंडीगढ़ में ही प्रापर्टी से संबंधित विवाद सुलझ जाएं।
. शहर के 7 कॉलेज केंद्र सरकार की ग्रांट पर चल रहे हैं, यहां कार्यरत कर्मचारियों को भी पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए।
. मेयर का चुनाव सीधे जनता के वोट से किया जाए या फिर मेयर का कार्यकाल ढाई साल का किया जाए

बैठक में यह होंगे शामिल

Big meeting on chandigarh major issues with rajnath singh
. नगर निगम के अधिकारों को मजबूत किया जाए। संपदा विभाग को छोड़कर अन्य विभाग भी नगर निगम को मिलने चाहिए।
. लाल डोरे के बाहर बनी इमारतों को रेगुलर किया जाए। यहां पर सोलर प्लांट लगाने की भी मंजूरी मिलनी चाहिए।
.यूटी अधिकारियों का भी अपना कैडर होना चाहिए। 
. व्यापारियों को इमारतों मेें जरूरत के अनुसार बदलाव करने की मंजूरी दी जाए।
. सोसाइटियों में रहने वालों को उनके फ्लैट का निजी तौर पर कनविंस डीड करवाने की मंजूरी दी जाए
. मिडल और लोअर मिडल क्लास के लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाए।
. सब्जी और फल पर जो दो प्रतिशत मार्केट फीस चार्ज की जा रही है उसे खारिज किया जाए।

बैठक में यह होंगे शामिल
सलाहकार समिति में 12 सदस्य हैं। इसमें भाजपा के 10 सदस्य हैं। जबकि कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला को भी कमेटी में रखा गया  है। भाजपा प्रवक्ता कैलाश चंद जैन, प्रशासक, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रामवीर भट्टी, मेयर आशा जसवाल, सांसद किरण खेर, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, जिला परिषद की चेयरपर्सन गीता देवी, मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया, पूर्व मेयर कमला शर्मा, भाजपा महासचिव चंद्रशेखर, सुरेंद्र बग्गा को समिति की बैठक में होंगे शामिल।
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