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पंजाब: केंद्र से राज्य को मिली बड़ी वित्तीय राहत, 689.50 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान की आठवीं किस्त जारी
Wed, 09 Nov 2022 01:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 09 Nov 2022 01:01 AM IST
सार
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा मंगलवार को जारी की गई राजस्व घाटा अनुदान (पीडीआरडी) की आठवीं मासिक किस्त, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार जारी की गई है।
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सीएम भगवंत मान व पीएम नरेंद्र मोदी का पुराना फोटो।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए पंजाब सहित सभी राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान की आठवीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत पंजाब को 689.50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। पंजाब के लिए राजस्व घाटा अनुदान की कुल राशि 5516 करोड़ रुपये बनी है।
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केंद्र सरकार ने इस मद में 14 राज्यों के लिए आठवीं किस्त के रूप में कुल 86201 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जबकि चालू वित्त वर्ष में अब तक राज्यों को जारी किया गया कुल राजस्व घाटा अनुदान बढ़कर 57,467.33 करोड़ रुपये हो गया है।
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा मंगलवार को जारी की गई राजस्व घाटा अनुदान (पीडीआरडी) की आठवीं मासिक किस्त, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार जारी की गई है। पंद्रहवें वित्त आयोग ने सिफारिश की है कि वर्ष 2022-23 के लिए 14 राज्यों को अनुदान राशि 12 समान मासिक किश्तों में जारी की जाएगी। आठवीं किस्त के जारी होने के साथ ही वर्ष 2022-23 में राज्यों को जारी की गई राजस्व घाटा अनुदान की कुल राशि बढ़कर 57,467.33 करोड़ रुपये हो गई।
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गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान प्रदान किया जाता है। यह अनुदान राशि राज्यों के राजस्व खातों में अंतर को पूरा करने के लिए वित्त आयोग की क्त्रस्मिक सिफारिशों के अनुसार जारी की जाती है। इस अनुदान को प्राप्त करने के लिए राज्यों की पात्रता और 2020-21 से 2025-26 तक की अवधि के लिए अनुदान की मात्रा का निर्धारण 15वें आयोग द्वारा राज्य के राजस्व और व्यय के बीच के अंतर को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
15वें वित्त आयोग द्वारा 2022-23 के दौरान जिन राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की गई है, उनमें- आंध्र प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।